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योगी आदित्यनाथ के ‘सड़क पर नमाज’ बयान का राजेंद्र शर्मा ने किया समर्थन, कहा- कानून और व्यवस्था सबसे ऊपर!

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AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा सार्वजनिक सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर दिए गए बयान पर अब प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से जुड़े वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री के बयान का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों का उपयोग आम जनता की सुविधा के लिए होना चाहिए और किसी भी धार्मिक गतिविधि से लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

राजेंद्र शर्मा लंबे समय तक Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) से जुड़े विभिन्न दायित्वों में कार्य कर चुके हैं। सामाजिक और वैचारिक मुद्दों पर उनकी पहचान एक स्पष्ट वक्ता के रूप में मानी जाती है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो बात कही है, वह केवल एक धर्म विशेष के लिए नहीं बल्कि पूरे समाज के हित में कही गई है।

उन्होंने कहा कि देश का संविधान सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता देता है, लेकिन इसके साथ यह जिम्मेदारी भी तय करता है कि किसी की धार्मिक गतिविधि से आम लोगों को असुविधा न हो। राजेंद्र शर्मा के अनुसार सड़कें यातायात के लिए बनाई जाती हैं और यदि उन पर किसी भी प्रकार का धार्मिक आयोजन होता है, तो उससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार एंबुलेंस, स्कूली वाहन और जरूरी सेवाएं भी जाम में फंस जाती हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

राजेंद्र शर्मा ने कहा कि यह मुद्दा केवल नमाज तक सीमित नहीं है। यदि किसी भी धर्म का आयोजन सार्वजनिक मार्गों को बाधित करता है, तो प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नियम सभी के लिए समान होने चाहिए। चाहे वह धार्मिक जुलूस हो, पूजा हो, कीर्तन हो या नमाज, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्णय और बयान को “अनुशासन और सुशासन की दिशा में आवश्यक कदम” बताया। शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और ऐसे मामलों में स्पष्ट नीति होना जरूरी है। उनके अनुसार यदि प्रशासन पहले से तय स्थानों पर धार्मिक गतिविधियों की अनुमति देता है, तो उसका पालन सभी समुदायों को करना चाहिए।

राजेंद्र शर्मा ने आगे कहा कि भारत विविधताओं वाला देश है, जहां अलग-अलग धर्म और संस्कृतियों के लोग मिलकर रहते हैं। ऐसे में सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि धार्मिक भावनाओं के नाम पर ऐसी स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए जिससे समाज में तनाव बढ़े या आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़े।

उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर अनावश्यक राजनीति करने से बचना चाहिए। समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखने के लिए जरूरी है कि कानून का सम्मान किया जाए। शर्मा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी धर्म को निशाना बनाना नहीं बल्कि सभी के लिए समान नियम लागू करना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान पहले भी चर्चा का विषय बन चुका है। उन्होंने सार्वजनिक मंचों से कई बार कहा है कि सड़कें चलने के लिए होती हैं, धार्मिक आयोजन के लिए नहीं। उनके इस बयान के समर्थन और विरोध दोनों देखने को मिले हैं। कुछ लोगों का मानना है कि सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक गतिविधियों को नियंत्रित करना जरूरी है, जबकि कुछ इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देखते हैं।

हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि किसी भी धार्मिक कार्यक्रम के लिए अनुमति और तय स्थानों की व्यवस्था पहले से मौजूद होती है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि कानून व्यवस्था बनी रहे और आम नागरिकों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

राजेंद्र शर्मा ने कहा कि समाज को भावनात्मक बहस से ऊपर उठकर व्यावहारिक सोच अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि सड़कें जाम होंगी और सार्वजनिक जीवन प्रभावित होगा तो उसका नुकसान पूरे समाज को उठाना पड़ेगा। इसलिए सभी समुदायों को मिलकर ऐसे समाधान निकालने चाहिए जो संविधान, कानून और सामाजिक व्यवस्था के अनुरूप हों।

उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणियों से बचें और किसी भी मुद्दे को जिम्मेदारी के साथ समझें। शर्मा ने कहा कि आज के समय में छोटी-छोटी बातों को बढ़ाकर समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश की जाती है, लेकिन समझदारी और संयम से ही देश आगे बढ़ सकता है।

राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में इस बयान को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विभिन्न संगठनों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं और तेज हो सकती हैं। फिलहाल राजेंद्र शर्मा के समर्थन ने इस बहस को एक नया राजनीतिक और सामाजिक आयाम दे दिया है।

समाज के कई वर्गों का मानना है कि धार्मिक स्वतंत्रता और सार्वजनिक व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे में सरकार, प्रशासन और नागरिकों को मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जहां सभी धर्मों का सम्मान भी बना रहे और आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा भी न हो।

Rajendra Sharma, a senior leader associated with RSS ideology, has extended support to Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath’s statement regarding offering Namaz on public roads. Sharma emphasized that roads are meant for public movement and traffic management, and religious activities of any community should not create inconvenience for citizens. The statement has once again sparked political and social debate across India on issues related to public order, religious freedom, law enforcement, and equal rules for all communities.

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