AIN NEWS 1: भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस केस ने अब सिर्फ एक पारिवारिक विवाद या नवविवाहिता की मौत का रूप नहीं रखा, बल्कि यह एक हाईप्रोफाइल कानूनी और सामाजिक बहस का विषय बन चुका है। मामले में दोनों परिवारों की प्रभावशाली पृष्ठभूमि, सोशल मीडिया पर वायरल व्हाट्सएप चैट, मानसिक प्रताड़ना के आरोप और पुलिस जांच ने इस घटना को और संवेदनशील बना दिया है।
ट्विशा शर्मा की मौत के बाद सामने आए कई तथ्यों ने लोगों को झकझोर दिया है। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि जिस परिवार में यह घटना हुई, वह सेना, न्यायपालिका और कानून जैसे प्रभावशाली क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। वहीं ट्विशा का मायका भी कम प्रभावशाली नहीं माना जा रहा।
ससुराल पक्ष का प्रभावशाली बैकग्राउंड
जानकारी के अनुसार, ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह पूर्व जिला जज रह चुकी हैं। वहीं उनके पति सेना से जुड़े रहे थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिरिबाला सिंह ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से सेना से जुड़ा रहा है और उनके पति ने देश सेवा की है।
ट्विशा के पति समर्थ सिंह पेशे से वकील बताए जा रहे हैं। ऐसे में एक ही परिवार में न्यायपालिका, सेना और कानून जैसे क्षेत्रों का गहरा प्रभाव होने की वजह से यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि इतने शिक्षित और प्रतिष्ठित परिवार के भीतर आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने स्थिति को इस हद तक पहुंचा दिया।
मायका भी रहा चर्चा में
ट्विशा शर्मा का मायका भी काफी मजबूत पृष्ठभूमि वाला बताया जा रहा है। उनके पिता लंबे समय तक उज्बेकिस्तान में फार्मा सेक्टर में कार्यरत रहे हैं। वहीं उनका भाई भारतीय सेना में मेजर के पद पर तैनात बताया जा रहा है।
ट्विशा के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी लंबे समय से मानसिक दबाव और प्रताड़ना झेल रही थी। परिवार लगातार निष्पक्ष जांच और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
मौत से पहले मां को भेजे गए मैसेज
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब ट्विशा और उनकी मां के बीच हुई कथित व्हाट्सएप चैट सामने आई। बताया जा रहा है कि ये बातचीत मौत से करीब पांच दिन पहले की है।
इन संदेशों में ट्विशा बेहद परेशान दिखाई दे रही थीं। एक मैसेज में उन्होंने लिखा कि वह मानसिक रूप से टूट चुकी हैं और ससुराल पक्ष उन पर लगातार शक करता है। एक अन्य संदेश में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति उनसे यह तक पूछते थे कि उनके पेट में पल रहा बच्चा किसका है।
चैट में ट्विशा ने अपनी मां से उन्हें वहां से ले जाने की गुहार भी लगाई थी। उन्होंने लिखा कि “मुझे यहां से ले जाओ, ये लोग मुझे जीने नहीं देंगे।” एक जगह उन्होंने अपनी जिंदगी को “नरक” जैसा बताया।
इन चैट्स के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं और मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचना शुरू कर दिया।
सास गिरिबाला सिंह ने लगाए अलग आरोप
ट्विशा की मौत के बाद सास गिरिबाला सिंह मीडिया के सामने आईं और परिवार पर लग रहे आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि ट्विशा और समर्थ ने अपनी पसंद से शादी की थी और दोनों परिवारों की सहमति के बाद ही विवाह हुआ था।
गिरिबाला सिंह का दावा है कि ट्विशा काफी कम उम्र में ग्लैमर इंडस्ट्री से जुड़ गई थीं और उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी। उन्होंने कहा कि ट्विशा का इलाज चल रहा था और डॉक्टरों द्वारा दवाइयां भी दी गई थीं, लेकिन वह नियमित रूप से दवाएं नहीं लेती थीं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ट्विशा बच्चा नहीं चाहती थीं और उन्होंने खुद मेडिकल टर्मिनेशन से जुड़ी दवा ली थी। गिरिबाला सिंह के अनुसार, उस समय समर्थ कोर्ट में थे और ट्विशा ने खुद उन्हें इसकी जानकारी दी थी।
ड्रग्स और व्यवहार को लेकर भी दावे
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गिरिबाला सिंह ने यह भी दावा किया कि ट्विशा ने खुद भारी मात्रा में मारिजुआना लेने की बात स्वीकार की थी। हालांकि, इन आरोपों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ससुराल पक्ष का कहना है कि दिल्ली से लौटने के बाद ट्विशा का व्यवहार बदल जाता था। परिवार का दावा है कि मेडिकल टर्मिनेशन के बाद ट्विशा ने अलग कमरे में रहना शुरू कर दिया था और वह खुद को स्पेस देना चाहती थीं।
आर्थिक लेनदेन पर उठे सवाल
मामले में ससुराल पक्ष के वकील इनोश जार्ज कारलो भी सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किलों को झूठे केस में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
वकील का दावा है कि दहेज प्रताड़ना के आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में समर्थ और उसके परिवार की ओर से करीब आठ लाख रुपये ट्विशा के खातों में ट्रांसफर किए गए थे। उनका सवाल है कि यदि परिवार दहेज मांग रहा था, तो फिर उल्टा पैसे क्यों भेजे जाते रहे।
साथ ही उन्होंने ट्विशा के बैंक खातों और खर्चों की भी जांच कराने की मांग की है।
पुलिस जांच और फरार पति
मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। आरोपी पति समर्थ सिंह फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। भोपाल पुलिस ने उन पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है और अलग-अलग जगहों पर उनकी तलाश जारी है।
समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पहले ही खारिज की जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि नवविवाहिता की मौत से जुड़े मामलों में हर तथ्य और सबूत की बारीकी से जांच की जाती है, इसलिए प्रक्रिया में थोड़ा समय लगना स्वाभाविक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।
सोशल मीडिया पर बढ़ी बहस
यह मामला अब सोशल मीडिया पर भी व्यापक बहस का विषय बन चुका है। कुछ लोग इसे मानसिक प्रताड़ना और वैवाहिक उत्पीड़न का मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की सलाह दे रहे हैं।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल सबूतों और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। ट्विशा शर्मा मौत मामला अब सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज, रिश्तों और मानसिक दबावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
The Twisha Sharma death case from Bhopal has become one of the most discussed high-profile cases in India. The controversy intensified after alleged WhatsApp chats between Twisha and her mother surfaced online, revealing claims of mental harassment and family disputes. Twisha Sharma’s husband Samarth Singh, who is reportedly absconding, belongs to a family connected to the army, judiciary, and legal profession. Meanwhile, Twisha’s own family also has a strong background, with her father working in the pharmaceutical sector abroad and her brother serving as a Major in the Indian Army. The Bhopal Police investigation, dowry allegations, mental health claims, and financial transaction debates have further fueled public attention on the case.


















