spot_imgspot_img

राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट? SIT रिपोर्ट से मिले संकेत

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 | अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और उससे जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में विशेष जांच दल यानी एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट सामने आने से पहले ही कई अहम सवाल उठने लगे हैं। उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आवश्यक कार्रवाई के लिए सौंप दी है। हालांकि रिपोर्ट को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन उपलब्ध जानकारी से संकेत मिल रहे हैं कि प्रारंभिक जांच में चर्चा में रहे कुछ प्रमुख नामों को लेकर स्थिति बदल सकती है।

सबसे ज्यादा चर्चा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के नाम को लेकर है। प्रारंभिक रिपोर्ट में चंपत राय का नाम नहीं था। ऐसे में फाइनल रिपोर्ट में भी उनका नाम शामिल नहीं होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि जब तक एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, तब तक इसे आधिकारिक क्लीन चिट मानना जल्दबाजी होगी।

वहीं अनिल मिश्रा का नाम प्रारंभिक रिपोर्ट में शामिल था। अब फाइनल रिपोर्ट में उनका नाम है या नहीं, इसे लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। यह भी सामने नहीं आया है कि जांच के दौरान उनके संबंध में कोई नया साक्ष्य मिला या पुराने निष्कर्षों में कोई बदलाव किया गया। इसलिए इस मामले में अंतिम स्थिति रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

एसआईटी ने कैसे शुरू की जांच

राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया था। एसआईटी का गठन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर किया गया था।

लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत को एसआईटी का अध्यक्ष बनाया गया था। उनके साथ आईजी रेंज किरण एस. और विशेष सचिव वित्त नील रतन कुमार को सदस्य बनाया गया था।

एसआईटी ने मामले से जुड़े दस्तावेजों, लेनदेन और अन्य उपलब्ध तथ्यों की जांच के बाद 23 जून को शासन को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी थी। इस रिपोर्ट में जांच के आधार पर कई महत्वपूर्ण और कठोर संस्तुतियां की गई थीं।

बाद में प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कार्रवाई शुरू हुई और मामले में एफआईआर दर्ज की गई।

25 जून को दर्ज हुई पहली एफआईआर

एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद 25 जून को राम मंदिर चढ़ावा मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई। यह एफआईआर श्रीराम जन्मभूमि थाने में ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज हुई थी।

एफआईआर में कुल आठ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था, जबकि कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया। पुलिस ने मामले को अपराध संख्या 90/2026 के तहत दर्ज किया।

एफआईआर में जिन लोगों के नाम शामिल किए गए, उनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं।

इस एफआईआर के बाद मामले की जांच का दायरा और बढ़ गया। जांच एजेंसियों ने कथित अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेजों और लेनदेन समेत विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

राम मंदिर चढ़ावा मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

मामले में धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) बीएनएस के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) लगाई गई थी।

इन धाराओं के आधार पर पुलिस ने कथित वित्तीय अनियमितताओं और अन्य आरोपों की जांच शुरू की।

चंपत राय के नाम को लेकर क्यों हो रही चर्चा

एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट को लेकर चंपत राय का नाम इसलिए चर्चा में है क्योंकि प्रारंभिक रिपोर्ट में उनका नाम शामिल नहीं बताया गया था। अब अंतिम रिपोर्ट में भी उनका नाम नहीं होने की संभावना की चर्चा हो रही है।

यदि फाइनल रिपोर्ट में उनका नाम नहीं होता है, तो यह उनके खिलाफ लगाए जा रहे संभावित आरोपों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा सकता है। हालांकि किसी व्यक्ति को आधिकारिक तौर पर क्लीन चिट मिलने की पुष्टि तभी होगी, जब एसआईटी की रिपोर्ट में इसकी स्पष्ट जानकारी सामने आए या संबंधित जांच एजेंसी इसकी आधिकारिक पुष्टि करे।

इसलिए फिलहाल यह कहना अधिक उचित होगा कि उपलब्ध संकेत चंपत राय के नाम को लेकर राहत की ओर इशारा करते हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही निकाला जा सकता है।

अनिल मिश्रा को लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं

अनिल मिश्रा का मामला चंपत राय से अलग है। उनका नाम एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया था। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि फाइनल रिपोर्ट में उनका नाम बरकरार है या नहीं।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रारंभिक जांच के बाद एसआईटी को उनके संबंध में कोई नया साक्ष्य मिला या जांच के दौरान पहले सामने आए तथ्यों का कोई अलग निष्कर्ष निकला।

फाइनल रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि एसआईटी ने अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर क्या निष्कर्ष दिया है और उनके खिलाफ आगे कार्रवाई की सिफारिश की गई है या नहीं।

सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से पहले तैयार हुई रिपोर्ट

एसआईटी की यह अंतिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के इस मामले में हस्तक्षेप से पहले तैयार की गई थी। रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद इसे आवश्यक कार्रवाई के लिए श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दिया गया है।

अब इस मामले में सबसे ज्यादा इंतजार एसआईटी की रिपोर्ट के सार्वजनिक होने का है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रारंभिक जांच में सामने आए आरोपों और नामों को लेकर अंतिम निष्कर्ष क्या रहा।

अब किन सवालों के जवाब मिलना बाकी हैं

एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद इस मामले में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिल सकते हैं। इनमें सबसे अहम यह होगा कि प्रारंभिक रिपोर्ट में जिन लोगों के नाम या भूमिका का उल्लेख था, उनके बारे में अंतिम जांच का निष्कर्ष क्या रहा।

इसके अलावा यह भी पता चलेगा कि एफआईआर में नामजद आठ आरोपियों के खिलाफ जांच में क्या सामने आया और किन लोगों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

चंपत राय और अनिल मिश्रा को लेकर भी स्थिति इसी रिपोर्ट से स्पष्ट होगी। खासकर अनिल मिश्रा का नाम अंतिम रिपोर्ट में शामिल है या नहीं, यह इस मामले की आगे की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण तथ्य हो सकता है।

फिलहाल एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। इसलिए चंपत राय या अनिल मिश्रा को क्लीन चिट मिलने की बात को आधिकारिक निष्कर्ष के बजाय उपलब्ध संकेतों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही यह साफ होगा कि जांच दल ने किन लोगों को जिम्मेदार माना और किनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की।

3 मुख्य बातें

  • एसआईटी ने राम मंदिर चढ़ावा मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट 23 जून को शासन को सौंपी थी और इसके आधार पर 25 जून को पहली एफआईआर दर्ज हुई।
  • प्रारंभिक रिपोर्ट में चंपत राय का नाम नहीं बताया गया था, जबकि अनिल मिश्रा का नाम शामिल था। फाइनल रिपोर्ट में दोनों के नाम को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
  • एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। इसलिए किसी को आधिकारिक क्लीन चिट मिलने की पुष्टि रिपोर्ट सामने आने के बाद ही होगी।
spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
few clouds
33 ° C
34.1 °
33 °
62%
4.1m/s
16%
Mon
35 °
Tue
40 °
Wed
40 °
Thu
39 °
Fri
38 °
Video thumbnail
रांची में मजहबी महिलाओं की भीड़ ने किया सड़क जाम
01:16
Video thumbnail
अमेरिका में बोइंग का विमान हुआ क्रैश
00:20
Video thumbnail
चोरी के डर से छत के ऊपर चढ़ाई स्कॉर्पियो कार, क्रेन बुलाकर दो मंजिला छत पर चढ़ाया। वीडियो वायरल
01:47
Video thumbnail
हापुड़: बदनौली में झगड़े में घायल दीपक की इलाज के दौरान मौत, गुस्साए परिजनों ने किया रोड जाम
00:21
Video thumbnail
सहारनपुर जाने से रोके जाने पर भड़के अतुल प्रधान
02:14
Video thumbnail
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरी
00:43
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "एक फिल्म बनी थी एक संत पर, वो रिलीज होने से पहले ही फ्लॉप हो गई..."
01:18
Video thumbnail
राम वन गमन मार्ग पर केशव प्रसाद मौर्य : "सड़क जब बनी है तो धंसेगी और सड़क धंसेगी तो फिर बनेगी..."
00:25
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "यूपी में तो वनस्पति चल रही है, बदनाम हो गई है वनस्पति"
01:22
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "बीजेपी वाले अपना सामान लपेटने, लूटने में लगे हैं"
01:37

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related