AIN NEWS 1 सागर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना थाना क्षेत्र के ग्राम गोदना में पारिवारिक विवाद ने ऐसी खौफनाक शक्ल ले ली, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पति और जेठानी के बीच कथित प्रेम संबंध होने के शक में एक महिला ने अपनी ही रिश्तेदार मां और उसकी नाबालिग बेटी को पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस हमले में गंभीर रूप से झुलसी मां गिरजाबाई और उनकी बेटी आयुषी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले में आरोपी काजल गोस्वामी (28) को गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपी महिला के मन में लंबे समय से अपने पति और जेठानी को लेकर नाराजगी थी। इसी पारिवारिक रंजिश के चलते उसने कथित तौर पर मां-बेटी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने वारदात से पहले पेट्रोल जुटाया, घर में पहुंचने के लिए पीछे का रास्ता चुना और घटना के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की थी।
2 नवंबर की शाम घर में घुसकर मां-बेटी पर किया हमला
घटना 2 नवंबर 2026 की शाम करीब 7:30 बजे की है। सागर जिले के बीना थाना क्षेत्र के ग्राम गोदना में रहने वाली गिरजाबाई और उनकी बेटी आयुषी अपने घर में मौजूद थीं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली उनकी रिश्ते की देवरानी काजल गोस्वामी कथित तौर पर पेट्रोल से भरा स्टील का डिब्बा लेकर वहां पहुंची।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने घर में मौजूद मां-बेटी पर पेट्रोल डालकर माचिस से आग लगा दी। अचानक आग की लपटों में घिरी मां-बेटी ने बचने के लिए चीख-पुकार मचाई। उनकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग बुझाई।
इसके बाद दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गिरजाबाई का शरीर लगभग पूरी तरह झुलस गया था, जबकि उनकी बेटी आयुषी भी करीब 70 प्रतिशत तक जल गई थी।
मां के बाद बेटी ने भी इलाज के दौरान तोड़ा दम
घटना के बाद दोनों को पहले बीना के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत बेहद गंभीर होने के कारण उन्हें सागर रेफर कर दिया गया। गिरजाबाई को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में भर्ती कराया गया, जबकि उनकी बेटी आयुषी को बेहतर इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल भेजा गया।
डॉक्टरों की लगातार कोशिशों के बावजूद गिरजाबाई की 5 नवंबर को उपचार के दौरान मौत हो गई। परिवार को उम्मीद थी कि शायद बेटी आयुषी की जान बच जाए, लेकिन उसकी हालत भी लगातार गंभीर बनी रही।
गुरुवार देर रात आयुषी ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह पेट्रोल डालकर आग लगाने की एक ही घटना में मां और बेटी दोनों की जान चली गई। इस खबर के सामने आने के बाद गोदना गांव सहित आसपास के क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
पति और जेठानी के कथित संबंधों का शक बना विवाद की वजह
पुलिस की पूछताछ में आरोपी काजल गोस्वामी ने कथित तौर पर बताया कि उसे अपने पति आकाश ठाकुर और जेठानी गिरजाबाई के बीच प्रेम संबंध होने का शक था। इसी बात को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, काजल और आकाश का वर्ष 2023 में प्रेम विवाह हुआ था। शादी के बाद पति और जेठानी के बीच कथित नजदीकियों को लेकर विवाद बढ़ने लगा था। इसी नाराजगी ने धीरे-धीरे गंभीर रंजिश का रूप ले लिया।
पुलिस के अनुसार, इसी विवाद के चलते आरोपी ने मां-बेटी पर हमला करने की योजना बनाई। हालांकि, कथित प्रेम संबंधों का मामला अभी आरोप और संदेह के दायरे में है। इसे किसी प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
अगस्त में भी गिरजाबाई को जलाने की कोशिश का खुलासा
इस मामले में पुलिस जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में काजल ने बताया कि उसने अगस्त 2026 में भी गिरजाबाई को जलाने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय वह अपने कथित इरादे में सफल नहीं हो सकी थी।
इससे यह आशंका मजबूत हुई कि 2 नवंबर की घटना अचानक हुए विवाद का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे पहले से चली आ रही रंजिश और योजना हो सकती है।
रिपोर्टों के मुताबिक, अगस्त में हुई कथित कोशिश की उस समय पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी। यदि उस घटना की शिकायत की गई होती और समय रहते कार्रवाई होती, तो संभव है कि बाद की इस भयावह वारदात को रोकने में मदद मिलती। हालांकि, इस पहलू की विस्तृत पुष्टि जांच और संबंधित साक्ष्यों से ही होगी।
CCTV फुटेज और मरणासन्न बयान से पुलिस को मिला सुराग
वारदात के बाद बीना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी। पुलिस ने गांव में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान घटना के आसपास आरोपी काजल की आवाजाही सामने आने की बात कही गई है।
इसके अलावा अस्पताल में भर्ती मां-बेटी के मरणासन्न बयान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए गए थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने अपने बयानों में काजल पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप लगाया था।
इन बयानों और CCTV फुटेज को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसके कथित तौर पर अपराध स्वीकार करने की जानकारी सामने आई।
वारदात के बाद कपड़े बदले, बाईपास के पास फेंके सबूत
पुलिस पूछताछ में आरोपी की कथित योजना और वारदात के बाद की गतिविधियों को लेकर भी कई जानकारियां सामने आईं।
पुलिस के अनुसार, काजल ने घटना से एक दिन पहले अपनी स्कूटी से पेट्रोल निकालकर रखा था। वारदात वाले दिन उसने CCTV कैमरों से बचने के लिए घर के पीछे वाले रास्ते का इस्तेमाल किया और पेट्रोल से भरा स्टील का डिब्बा लेकर घर में पहुंची।
आरोप है कि आग लगाने के बाद वह वहां से भाग गई। इसके बाद उसने अपने कपड़े बदले और घटना के समय पहने कपड़ों को स्कूटी से ले जाकर किर्रावदा बाईपास के पास झाड़ियों में फेंक दिया। बाद में वह अस्पताल पहुंच गई, ताकि लोगों को उस पर शक न हो।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर पेट्रोल रखने वाली स्टील की डोलची, उसका ढक्कन, कपड़े, जूते और माचिस बरामद किए। घटनास्थल से मां-बेटी के अधजले कपड़े और अधजला मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। फिंगरप्रिंट और अन्य फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई भी की गई।
आरोपी काजल गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल
बीना थाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए काजल गोस्वामी (28) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराने के बाद न्यायालय में पेश किया। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, न्यायालय से उसे जेल भेज दिया गया।
शुरुआत में इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई थी। दोनों पीड़िताओं की मौत के बाद पुलिस ने हत्या से संबंधित धाराएं बढ़ाने की कार्रवाई की जानकारी दी है।
अब मामले में पुलिस की विवेचना, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य न्यायिक प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे।
आयुषी की मौत के बाद परिजनों का प्रदर्शन, पति की भूमिका की जांच की मांग
मामले में 6 नवंबर को एक और घटनाक्रम सामने आया। आयुषी की मौत के बाद परिजनों में भारी नाराजगी देखने को मिली। रिपोर्टों के मुताबिक, परिजन उसका शव लेकर बीना के सर्वोदय चौक पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया।
परिजनों ने आरोपी काजल के साथ उसके पति आकाश ठाकुर की भूमिका की भी जांच करने की मांग उठाई। उनका सवाल था कि इतनी गंभीर वारदात को क्या आरोपी महिला ने अकेले अंजाम दिया था या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी?
परिजनों ने आकाश की गिरफ्तारी की मांग भी की। हालांकि, यह उनकी ओर से लगाए गए आरोप और उठाए गए सवाल हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में आकाश ठाकुर की इस अपराध में संलिप्तता की पुलिस द्वारा पुष्टि नहीं हुई है।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और शव को गांव ले जाया गया।
एक शक ने उजाड़ दिया पूरा परिवार
गोदना गांव की यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि पारिवारिक विवाद, संदेह और हिंसा के खतरनाक परिणामों की तस्वीर भी पेश करती है। जिस विवाद का समाधान बातचीत और कानूनी तरीके से निकाला जा सकता था, उसने दो जिंदगियां छीन लीं।
अब पुलिस के सामने इस मामले से जुड़े हर पहलू की निष्पक्ष जांच करना महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से अगस्त में हुई कथित पुरानी घटना, आरोपी के पति की भूमिका को लेकर परिजनों की मांग और बरामद किए गए साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच पर ध्यान देना होगा।
फिलहाल आरोपी काजल गोस्वामी जेल में है और मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मां गिरजाबाई और उनकी बेटी आयुषी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरे मामले में अब सभी की नजर पुलिस की आगे की जांच और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों पर टिकी है।
Sagar Mother Daughter Murder Case has shocked Madhya Pradesh after Girjabai and her daughter Ayushi died following an alleged petrol attack in Godna village, Bina. Police arrested Kajal Goswami in connection with the Bina murder case. According to the investigation, the alleged motive was suspicion of an affair involving her husband and sister-in-law. CCTV footage, dying declarations, forensic evidence and the recovery of clothes and other items are important parts of the investigation. Read the latest Sagar Crime News for complete details about the accused, police investigation and developments in the Madhya Pradesh crime case.



















