AIN NEWS 1 | सहारनपुर: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित करीब 100 साल पुरानी मस्जिद को शनिवार सुबह प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई सुबह करीब 5 बजे की गई। इससे पहले शुक्रवार रात मस्जिद को लेकर शहर में ध्वस्तीकरण की चर्चा तेज थी, हालांकि प्रशासन की ओर से इसे सील किए जाने की बात कही गई थी।
मस्जिद कमेटी और स्थानीय लोगों का आरोप है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई ऐसे समय में की गई, जब मामले को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी थी और आगे उच्च न्यायालय में जाने की तैयारी की जा रही थी।
क्या है पूरा मामला
जिला प्रशासन ने 16 जुलाई को कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद के निर्माण को अवैध बताते हुए कार्रवाई का आदेश दिया था। मस्जिद कमेटी की ओर से इस फैसले को अदालत में चुनौती दी गई थी। बताया गया कि जिला अदालत ने प्रशासन के आदेश पर रोक लगा दी थी।
इसके बाद दो दिन पहले सिटी मजिस्ट्रेट के पुराने आदेश को बहाल किए जाने की बात सामने आई। मस्जिद कमेटी के लोगों का कहना है कि वे मामले को हाईकोर्ट और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने की तैयारी कर रहे थे।
इसी बीच शनिवार तड़के प्रशासन ने मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। सुबह लोगों को मौके पर मस्जिद की जगह मलबा मिला।
इमरान मसूद ने कार्रवाई को बताया संविधान का उल्लंघन
सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पूरी रात उनके लोग अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश करते रहे, लेकिन सुबह मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया।
इमरान मसूद के मुताबिक, मस्जिद 1911 से पहले की है और उन्होंने इसके स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज होने का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश में 30 दिन का समय दिया गया था और उनके अनुसार अभी 22 दिन बाकी थे।
इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि रातों-रात इलाके की घेराबंदी कर कार्रवाई की गई। उन्होंने इसे सहारनपुर के लिए काला दिन बताते हुए कहा कि वे इस मामले में कानून के दायरे में रहकर लड़ाई जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि मामला किसी धर्म विशेष का नहीं, बल्कि संविधान और कानूनी अधिकारों से जुड़ा है। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के धर्मस्थल को गिराए जाने से खुश नहीं होना चाहिए।
प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल
मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद कार्रवाई के समय और कानूनी स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से मस्जिद को अवैध बताए जाने के आधार पर की गई कार्रवाई को लेकर भी विवाद बढ़ गया है।
मामले में अब मस्जिद कमेटी की ओर से उच्च न्यायालय का रुख किए जाने की तैयारी की जा रही है। आने वाले दिनों में इस विवाद को लेकर कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर मामला आगे बढ़ सकता है।
मुख्य बिंदु:
- सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की करीब 100 साल पुरानी मस्जिद को शनिवार सुबह करीब 5 बजे ध्वस्त किया गया।
- मस्जिद के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच कानूनी विवाद चल रहा था।
- इमरान मसूद ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे संविधान और कानूनी अधिकारों से जुड़ा मामला बताया।



















