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सैयद सालार मसूद गाजी उर्स मामले में हाईकोर्ट से नहीं मिली अंतरिम राहत, अगली सुनवाई 19 मई को!

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No Interim Relief from High Court in Syed Salar Masud Ghazi Urs Case, Next Hearing on May 19

सैयद गाजी उर्स मामले में हाईकोर्ट से अंतरिम राहत नहीं, अगली सुनवाई 19 मई को

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में स्थित सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर हर साल लगने वाला उर्स इस बार कानूनी उलझनों में फंस गया है। दरगाह कमेटी द्वारा उर्स आयोजन के लिए दी गई याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 मई 2025 को निर्धारित की गई है।

क्या है मामला:

बहराइच स्थित वक्फ नंबर 19, दरगाह शरीफ की ओर से याचिका दायर कर जिला प्रशासन द्वारा उर्स की अनुमति न देने को चुनौती दी गई थी। हर साल दरगाह पर उर्स का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। लेकिन इस बार जिलाधिकारी ने उर्स के आयोजन की अनुमति नहीं दी।

हाईकोर्ट की सुनवाई में क्या हुआ:

शुक्रवार को लखनऊ बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई। याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया।

न्यायालय ने याची पक्ष से तीन मुख्य बातें पूछीं:

1. याचिकाकर्ता को यह मुकदमा दायर करने का क्या अधिकार है?

2. जिस कमेटी ने यह याचिका दायर की है, वह किसने गठित की?

3. उस कमेटी का गठन किस प्रावधान के अंतर्गत हुआ?

याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एलपी मिश्रा ने दलील दी कि इन सवालों के उत्तर देने के लिए दस्तावेज दाखिल करने होंगे, इसलिए उन्हें समय दिया जाए। साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि चूंकि रविवार को मुख्य उर्स का आयोजन होना है, इसलिए अंतरिम राहत दी जाए ताकि आयोजन हो सके।

अदालत का रुख और विशेष पीठ का मामला:

अदालत ने अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि विशेष पीठ (स्पेशल बेंच) का गठन केवल मुख्य न्यायमूर्ति के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि, कोर्ट ने याची पक्ष को यह स्वतंत्रता दी कि वे विशेष पीठ गठन के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल कर सकते हैं।

इस प्रकार फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है और अगली सुनवाई की तारीख 19 मई तय की गई है।

क्या है अगला कदम:

अब याची पक्ष को कोर्ट में दस्तावेज दाखिल कर यह साबित करना होगा कि:

वह इस मामले में याचिका दाखिल करने के लिए अधिकृत हैं।

याचिका दाखिल करने वाली कमेटी वैध रूप से गठित की गई है।

साथ ही, अगर याची चाहते हैं कि मामला जल्दी सुना जाए तो उन्हें विशेष पीठ गठन के लिए औपचारिक प्रार्थना पत्र दाखिल करना होगा।

उर्स आयोजन पर असर:

रविवार को मुख्य उर्स का आयोजन प्रस्तावित था, लेकिन अदालत से राहत न मिलने के कारण अब आयोजन पर संकट खड़ा हो गया है। जब तक कोर्ट से अनुमति नहीं मिलती, तब तक प्रशासन की ओर से उर्स की इजाजत मिलने की संभावना नहीं दिख रही है।

सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर हर साल लाखों श्रद्धालु उर्स में शामिल होते हैं, लेकिन इस बार कानूनी विवाद के चलते आयोजन पर रोक लगी हुई है। हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब मामला 19 मई को फिर से सुना जाएगा। इस सुनवाई में यह तय होगा कि दरगाह कमेटी को आयोजन की अनुमति मिलती है या नहीं।

The Syed Salar Masud Ghazi Dargah in Bahraich, Uttar Pradesh, faces a legal roadblock as the Allahabad High Court’s Lucknow bench has denied interim relief regarding the annual Urs festival. The petition, filed by Waqf Committee No. 19, challenged the district administration’s refusal to grant permission for the religious gathering. The court questioned the legal standing of the committee and scheduled the next hearing for May 19. With no interim relief granted, the Urs event faces uncertainty. This case highlights the legal complexities around religious gatherings and administrative permissions in India.

 

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