spot_imgspot_img

दिल्ली दंगे: IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन दोषी करार, जानिए 2020 से 2026 तक पूरे मामले की हर अपडेट!

spot_img

Date:

दिल्ली दंगे: IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन दोषी करार, जानिए 2020 से 2026 तक पूरे मामले की हर अपडेट

AIN NEWS 1: करीब छह साल पहले उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस बहुचर्चित मामले में अब दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन को हत्या समेत कई गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया है। अदालत के इस फैसले को वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे अहम फैसलों में से एक माना जा रहा है।

हालांकि, अदालत ने अभी केवल दोषसिद्धि का फैसला सुनाया है। ताहिर हुसैन को कितनी सजा मिलेगी, इस पर अलग से सुनवाई के बाद फैसला सुनाया जाएगा।

क्या था पूरा मामला?

फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे। इसी दौरान 24 से 26 फरवरी के बीच उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में भीषण सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी।

इन दंगों में 50 से अधिक लोगों की जान गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए। कई मकान, दुकानें और वाहन आग के हवाले कर दिए गए। यह दिल्ली के इतिहास की सबसे बड़ी सांप्रदायिक हिंसाओं में से एक मानी जाती है।

इसी हिंसा के दौरान 25 फरवरी 2020 को IB अधिकारी अंकित शर्मा लापता हो गए थे। अगले दिन उनका शव चांद बाग इलाके के एक नाले से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर 51 से अधिक चोटों का उल्लेख किया गया था, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई थी।

पुलिस जांच में क्या सामने आया?

दिल्ली पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जांच के दौरान दावा किया कि दंगों के समय ताहिर हुसैन के मकान की छत से बड़ी संख्या में पत्थर, पेट्रोल बम और अन्य वस्तुएं फेंकी जा रही थीं।

जांच एजेंसियों ने अदालत को बताया कि ताहिर हुसैन की मौजूदगी में हिंसक भीड़ सक्रिय थी और उसी दौरान अंकित शर्मा की हत्या की गई। पुलिस ने इस मामले में कई प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मोबाइल लोकेशन, वीडियो फुटेज, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्य अदालत के सामने पेश किए।

इन्हीं सबूतों के आधार पर अदालत ने ताहिर हुसैन सहित पांच आरोपियों को दोषी माना।

कब आया अदालत का फैसला?

दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने ताहिर हुसैन समेत पांच लोगों को दोषी करार दिया, जबकि पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया।

यह फैसला लगभग छह वर्षों तक चली जांच, गवाहों की गवाही और लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद आया।

किन धाराओं में दोषी ठहराया गया?

अदालत ने ताहिर हुसैन को भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई गंभीर धाराओं के तहत दोषी माना। इनमें प्रमुख रूप से—

हत्या (धारा 302)

अपहरण (धारा 365)

दंगा करने से संबंधित धाराएं

गैरकानूनी जमावड़ा

धार्मिक वैमनस्य फैलाने से जुड़े अपराध

हालांकि अदालत ने कुछ आरोपों, जिनमें आपराधिक साजिश से संबंधित आरोप भी शामिल थे, उनमें पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण राहत दी।

क्या सजा सुनाई गई है?

फिलहाल अदालत ने केवल दोषी करार दिया है।

अब अगला चरण सजा तय करने का होगा। इस दौरान अभियोजन पक्ष अधिकतम सजा की मांग करेगा, जबकि बचाव पक्ष अदालत से नरमी बरतने की अपील कर सकता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत अंतिम सजा का ऐलान करेगी।

यानी अभी यह कहना सही नहीं होगा कि ताहिर हुसैन को उम्रकैद या फांसी की सजा मिल चुकी है।

अंकित शर्मा कौन थे?

अंकित शर्मा इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में कार्यरत एक युवा अधिकारी थे। वह उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहते थे। दंगों के दौरान वह घर से निकले लेकिन वापस नहीं लौटे।

उनकी हत्या ने पूरे देश में भारी आक्रोश पैदा किया था। परिवार लगातार आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग करता रहा है।

परिवार की क्या प्रतिक्रिया रही?

अंकित शर्मा के परिजनों ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है। परिवार का कहना है कि यह न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि अदालत दोषियों को ऐसी सजा देगी जिससे भविष्य में इस तरह के जघन्य अपराध करने वालों में कानून का भय बना रहे।

राम मंदिर ट्रस्ट की कमान क्या किसी महिला को मिलेगी? जानिए वायरल दावे की पूरी सच्चाई और CEO भर्ती का पूरा मामला!

ताहिर हुसैन का पक्ष क्या रहा?

पूरे मुकदमे के दौरान ताहिर हुसैन ने खुद को निर्दोष बताया। उनका कहना था कि उन्हें राजनीतिक कारणों से फंसाया गया है और हिंसा के समय वह स्वयं भी खतरे में थे।

बचाव पक्ष ने अदालत में पुलिस जांच और गवाहों पर कई सवाल उठाए। हालांकि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर उन्हें दोषी माना।

दिल्ली दंगों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े सैकड़ों मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें हत्या, आगजनी, लूटपाट, हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप शामिल थे।

अंकित शर्मा हत्याकांड इस पूरे दंगा प्रकरण का सबसे चर्चित मामला रहा। इसलिए इस मामले में आया फैसला कानूनी और सामाजिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह फैसला यह भी दर्शाता है कि बड़े और संवेदनशील मामलों में न्यायिक प्रक्रिया भले लंबी हो, लेकिन अदालत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्णय देती है।

अब आगे क्या होगा?

अब अदालत सजा पर सुनवाई करेगी। अभियोजन और बचाव पक्ष अपनी-अपनी दलीलें रखेंगे। इसके बाद न्यायालय तय करेगा कि ताहिर हुसैन और अन्य दोषियों को कितनी सजा दी जाएगी।

यदि किसी पक्ष को अदालत के फैसले पर आपत्ति होती है, तो उसके पास उच्च न्यायालय में अपील करने का कानूनी अधिकार भी रहेगा।

अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने का फैसला वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक फैसलों में शामिल हो गया है। छह वर्षों तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपना निर्णय दिया है। हालांकि अभी अंतिम सजा का ऐलान होना बाकी है। पूरे देश की नजर अब इस बात पर है कि अदालत दोषियों के लिए क्या सजा तय करती है। साथ ही, यह मामला भारतीय न्याय व्यवस्था में निष्पक्ष सुनवाई और कानून के शासन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण भी माना जा रहा है।

The Delhi Court has convicted former AAP councillor Tahir Hussain in the murder case of Intelligence Bureau officer Ankit Sharma during the 2020 Delhi riots. The verdict marks a significant milestone in one of the most high-profile riot cases. Read the complete timeline, investigation details, court proceedings, charges, and the latest updates on the sentencing in the Delhi riots 2020 case.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
31.3 ° C
31.3 °
31.3 °
54 %
1.8kmh
5 %
Wed
38 °
Thu
38 °
Fri
37 °
Sat
32 °
Sun
38 °
Video thumbnail
पुलिसकर्मी की दरियादिली: नशे में कार चला रहे शख्स की गर्भवती पत्नी को खुद अस्पताल पहुंचाया
00:56
Video thumbnail
Neha : "We the People of India", we are taking back and awakening this country!
00:32
Video thumbnail
Ravi Kishan : '9 करोड़ रुपया रोज़बर्बाद हो रहा है...'
01:56
Video thumbnail
जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भारी बारिश से भरा पानी
00:28
Video thumbnail
Delhi Assembly में हंगामा! AAP के 6 MLA बाहर, सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
03:23
Video thumbnail
Rahul Gandhi के आरोपों पर JP Nadda का पलटवार! ‘संसद में चर्चा करो’, Amit Shah को लेकर दिया Challenge
04:22
Video thumbnail
Pawan Khera : “हमारे गृह मंत्री और प्रधानमंत्री दोनों ही भगोड़े हैं...”
00:34
Video thumbnail
Sudhanshu Trivedi : "अमित शाह जवाब देने के लिए तैयार हैं लेकिन राहुल गांधी सुनना ही नहीं चाहते"
00:46
Video thumbnail
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सवाल, उद्घाटन के 63 दिन भी नहीं टिक पाया
00:11
Video thumbnail
झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ कंगना रनौत का प्रदर्शन
00:15

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related