AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि पूरे प्रदेश में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कहीं तेज आंधी चली, कहीं ओलावृष्टि हुई तो कई इलाकों में आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई। बीते 24 घंटे प्रदेशवासियों के लिए बेहद भयावह साबित हुए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अलग-अलग मौसम संबंधी घटनाओं में 111 लोगों की मौत हो गई, जबकि 72 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मकान क्षतिग्रस्त हुए और पशुधन का भी भारी नुकसान हुआ है।
प्रदेश के कई जिलों में अचानक बदले मौसम ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। खेतों में काम कर रहे किसान, खुले इलाकों में मौजूद लोग और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवार इस आपदा की चपेट में आए। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन कई इलाकों में हालात अब भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक 26 जिलों में मौसम की मार सबसे ज्यादा देखने को मिली। इनमें प्रयागराज, मिर्जापुर, संत रविदास नगर और फतेहपुर सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं। प्रयागराज में सबसे ज्यादा 21 लोगों की जान गई। इसके अलावा मिर्जापुर में 19, संत रविदास नगर में 16 और फतेहपुर में 11 लोगों की मौत दर्ज की गई है। कई जिलों में दर्जनों लोग घायल हुए हैं, जिनका अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
मौसम की इस भीषण मार का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं रहा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब 170 पशुओं की भी मौत हुई है। ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं और बारिश के कारण कई पशु खुले में फंस गए। वहीं 227 मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई जगह पेड़ उखड़ गए और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई, जिससे लोगों को रातभर परेशानी झेलनी पड़ी।
प्रदेश सरकार और राहत विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने प्रभावित जिलों के डीएम और एडीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाई जाए और राहत वितरण में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
राहत आयुक्त कार्यालय के कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए “सचेत” पोर्टल के माध्यम से करोड़ों लोगों के मोबाइल पर रेड और ऑरेंज अलर्ट संदेश भेजे गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070 भी सक्रिय रखा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्रों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर बुंदेलखंड और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया, जहां तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा झांसी, उरई, प्रयागराज और आगरा में भी तेज गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में यह अचानक बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी गतिविधियों का असर हो सकता है। दिन में तेज गर्मी और शाम के समय अचानक आंधी-बारिश का सिलसिला फिलहाल जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है। ऐसे में गर्मी और लू दोनों का खतरा बढ़ता दिखाई दे रहा है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार के लिए कई जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। बांदा, चित्रकूट, कौशांबी और फतेहपुर में भीषण गर्मी और लू चलने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
इसके साथ ही प्रदेश के 37 जिलों में तेज आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई स्थानों पर बिजली गिरने और अचानक भारी बारिश होने की भी आशंका जताई गई है।
जिन जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है उनमें बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़ और गौतम बुद्ध नगर शामिल हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि मौसम सामान्य होने तक खेतों में काम करने से बचें। वहीं बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित इमारतों के भीतर रहने की सलाह दी गई है।
प्रदेश में मौसम के इस दोहरे खतरे — आंधी-तूफान और भीषण गर्मी — ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ तेज हवाएं और बारिश तबाही मचा रही हैं, तो दूसरी ओर लगातार बढ़ता तापमान लोगों की मुश्किलें और बढ़ा रहा है। आने वाले 48 घंटे प्रदेश के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
Uttar Pradesh is witnessing extreme weather conditions as thunderstorms, lightning strikes, heavy rainfall, hailstorms and heatwave situations have caused massive destruction across the state. According to official reports, 111 people lost their lives within 24 hours while several districts remain under IMD storm and heat alerts. The Uttar Pradesh government has intensified relief and rescue operations as strong winds, rising temperatures and severe weather continue to impact multiple regions including Prayagraj, Mirzapur, Fatehpur, Varanasi and western UP districts.


















