spot_imgspot_img

पश्चिम बंगाल में पशु वध नियमों पर सख्ती: खुले में कटान पर रोक, बिना फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं होगा वध!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: पश्चिम बंगाल में पशु वध को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार द्वारा जारी नए निर्देशों के बाद अब खुले स्थानों पर पशु वध पर रोक लगा दी गई है और बिना सरकारी अनुमति या फिटनेस प्रमाण पत्र के किसी भी पशु का वध नहीं किया जा सकेगा। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है और सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग तरह के दावे किए जा रहे हैं।

दरअसल, राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम 1950 के तहत पुराने नियमों को अधिक सख्ती के साथ लागू करने के लिए संशोधित नोटिस जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम कानून व्यवस्था बनाए रखने, पशु क्रूरता रोकने और अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई के उद्देश्य से उठाया गया है।

क्या हैं नए नियम?

सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब किसी भी गाय, बैल, भैंस या अन्य पशु का वध तभी किया जा सकेगा जब संबंधित अधिकारी की ओर से फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया गया हो। यह प्रमाण पत्र इस बात की पुष्टि करेगा कि पशु बूढ़ा है, गंभीर रूप से बीमार है या फिर खेती और अन्य कार्यों के लिए अनुपयोगी हो चुका है।

इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों, सड़कों या खुले इलाकों में पशु वध पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि केवल अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त बूचड़खानों में ही नियमों के तहत पशु वध की अनुमति होगी।

अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई की तैयारी

राज्य सरकार के इस फैसले के बाद स्थानीय प्रशासन और नगर निकायों को अवैध बूचड़खानों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई जगहों पर बिना अनुमति पशु कटान की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो रही थीं।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे स्थानों पर छापेमारी बढ़ाई जा सकती है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान रखा गया है।

क्या सभी बूचड़खाने बंद कर दिए गए हैं?

सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में सभी सार्वजनिक बूचड़खाने बंद कर दिए गए हैं, लेकिन यह दावा पूरी तरह सही नहीं माना जा रहा। सरकार ने केवल खुले और अनधिकृत पशु वध पर रोक लगाई है।

नगर निगम या प्रशासन की अनुमति से चल रहे लाइसेंस प्राप्त बूचड़खाने पहले की तरह संचालित हो सकते हैं, हालांकि उन्हें भी नए नियमों का पालन करना होगा। यानी पूरी तरह से बूचड़खाने बंद नहीं किए गए हैं, बल्कि व्यवस्था को नियंत्रित और नियमित करने की कोशिश की जा रही है।

राजनीतिक माहौल भी गरमाया

इस मुद्दे ने राज्य की राजनीति को भी गर्म कर दिया है। बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी लंबे समय से पश्चिम बंगाल में अवैध पशु तस्करी और अवैध बूचड़खानों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। बीजेपी इस फैसले को कानून व्यवस्था और सांस्कृतिक भावनाओं से जोड़कर देख रही है।

वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों से ऊपर उठकर प्रशासनिक पारदर्शिता पर ध्यान देना चाहिए। कुछ संगठनों ने यह भी कहा कि नियमों के नाम पर छोटे व्यापारियों और मजदूरों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

प्रशासन ने क्या कहा?

सरकारी अधिकारियों के अनुसार यह कोई नया कानून नहीं है, बल्कि पहले से मौजूद कानून को सख्ती से लागू करने की प्रक्रिया है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में पशु वध को लेकर पहले भी नियम मौजूद थे, लेकिन कई जगहों पर उनका पालन ठीक से नहीं हो रहा था।

अब स्थानीय प्रशासन, पशुपालन विभाग और नगर निकाय मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि केवल वैध और अधिकृत स्थानों पर ही पशु वध हो। साथ ही पशुओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता मानकों की भी जांच की जाएगी।

लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं

राज्य सरकार के इस फैसले पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोगों ने इसे कानून व्यवस्था और धार्मिक संवेदनाओं के लिहाज से सही कदम बताया है। उनका कहना है कि खुले में पशु वध से कई बार तनाव की स्थिति बन जाती है और सार्वजनिक स्वच्छता पर भी असर पड़ता है।

वहीं दूसरी ओर कुछ व्यापारिक संगठनों और स्थानीय कारोबारियों ने चिंता जताई है कि यदि नियम बहुत ज्यादा सख्त हुए तो छोटे कारोबार प्रभावित हो सकते हैं। उनका कहना है कि सरकार को नियम लागू करने के साथ वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध करानी चाहिए।

आगे क्या होगा?

राज्य सरकार आने वाले दिनों में जिलों से रिपोर्ट मांगेगी और नियमों के पालन की समीक्षा करेगी। जिन क्षेत्रों में अवैध पशु वध या बिना अनुमति बूचड़खाने चलने की शिकायत मिलेगी वहां विशेष अभियान चलाया जा सकता है।

प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक आदेशों पर भरोसा करें। फिलहाल इतना साफ है कि पश्चिम बंगाल में पशु वध को लेकर निगरानी और नियंत्रण पहले की तुलना में काफी सख्त होने जा रहा है।

The West Bengal government has tightened animal slaughter regulations under the West Bengal Animal Slaughter Control Act 1950. The new notification makes fitness certificates mandatory before slaughtering cattle and bans public slaughter activities across the state. The move has triggered political debate, with BJP leader Suvendu Adhikari supporting stricter implementation of the law. Authorized slaughterhouses will continue operating under government supervision, while illegal and open slaughter practices may attract penalties and legal action.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
light rain
28.2 ° C
28.2 °
28.2 °
81 %
2.9kmh
100 %
Fri
28 °
Sat
35 °
Sun
36 °
Mon
38 °
Tue
32 °
Video thumbnail
₹2000 से ज्यादा UPI Payment पर लगेगा Charge? नया Bill पास, जानिए आपके पैसे पर क्या असर!
05:05
Video thumbnail
Meerut: ‘सोनू’ बनकर रोटी बना रहा था मोबीन? कांवड़ियों के बीच मचा बवाल, सचिन सिरोही ने खोली पोल
06:58
Video thumbnail
‘कुछ लोग जीवनभर बच्चे रहते हैं…’ CM Yogi का Akhilesh पर बड़ा तंज! Lucknow से सियासी प्रहार
02:57
Video thumbnail
‘पहले RSS-BJP को दें नसीहत…’ आरक्षण पर Mohan Bhagwat के बयान पर Chandrashekhar Azad का तंज
01:21
Video thumbnail
Kanwar Yatra पर Maulana Sajid Rashidi का विवादित बयान! पूछा- ‘ऐसे लोगों को भक्त कहेंगे?’
02:14
Video thumbnail
Jharkhand Student Protest: JPSC-JSSC भर्ती विवाद पर विधानसभा मार्च, Hemant सरकार को अल्टीमेटम?
07:11
Video thumbnail
Sansad में भारी हंगामा! Amit Shah पर विपक्ष का हमला, Kharge-Rijiju में तीखी जुबानी जंग
04:12
Video thumbnail
छत्रपति संभाजीनगर में Abhijeet Dipke के घर के बाहर, 2 युवकों ने त्याग दिया अन्न और जल !
01:54
Video thumbnail
पंजाब: अग्निवीर भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार
02:51
Video thumbnail
गाजियाबाद: ACP जियाउद्दीन अहमद ने कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं को बांटा जल
00:19

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related