पश्चिम बंगाल में नगरपालिका भर्ती घोटाले की जांच तेज, ED के सामने पेश हुए रथिन घोष
AIN NEWS 1: पश्चिम बंगाल में कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इसी सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रथिन घोष शुक्रवार को पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर पहुंचे। करोड़ों रुपये के इस कथित भर्ती घोटाले में ईडी लंबे समय से दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने रथिन घोष को पहले भी समन जारी किया था, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए पेश होने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। अब आखिरकार वे जांच एजेंसी के सामने पेश हुए, जहां उनसे नगरपालिका भर्ती प्रक्रिया, नियुक्तियों और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सवाल पूछे गए।
क्या है नगरपालिका भर्ती घोटाला?
पश्चिम बंगाल में नगरपालिका स्तर पर हुई भर्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि कई नियुक्तियां नियमों को ताक पर रखकर की गईं। आरोप यह भी हैं कि नौकरी दिलाने के नाम पर उम्मीदवारों से मोटी रकम वसूली गई।
ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अवैध तरीके से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया। इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों, राजनीतिक संपर्कों और बिचौलियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
रथिन घोष से किन मुद्दों पर पूछताछ?
ईडी सूत्रों के अनुसार, रथिन घोष से कई अहम सवाल पूछे जा सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
नगरपालिका भर्ती प्रक्रिया में उनकी भूमिका क्या थी?
भर्ती से जुड़े निर्णय किन स्तरों पर लिए गए?
क्या नियुक्तियों में राजनीतिक दबाव या सिफारिश का इस्तेमाल हुआ?
भर्ती घोटाले से जुड़े पैसों के लेन-देन की जानकारी
कथित तौर पर नियुक्त किए गए लोगों की सूची और प्रक्रिया
जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या भर्ती प्रक्रिया के दौरान नियमों का उल्लंघन कर कुछ लोगों को फायदा पहुंचाया गया।
पहले स्वास्थ्य कारणों से टली थी पूछताछ
रथिन घोष को पहले भी ईडी ने नोटिस भेजा था। हालांकि, उन्होंने तब स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए पूछताछ के लिए समय मांगा था। इसके बाद एजेंसी ने उन्हें नई तारीख दी थी।
अब उनके ईडी दफ्तर पहुंचने के बाद मामले ने एक बार फिर राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। विपक्ष लगातार TMC सरकार पर भ्रष्टाचार और भर्ती घोटालों को लेकर हमला बोल रहा है।
बंगाल में भर्ती घोटालों पर बढ़ता दबाव
पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम बंगाल में कई भर्ती घोटाले सामने आए हैं। शिक्षक भर्ती घोटाले से लेकर नगरपालिका भर्ती तक, कई मामलों में जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। इन मामलों में कई नेताओं, अधिकारियों और शिक्षा व प्रशासनिक संस्थानों से जुड़े लोगों के नाम सामने आ चुके हैं।
नगरपालिका भर्ती घोटाले को भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें कथित तौर पर नौकरी के बदले पैसे लेने और नियमों की अनदेखी के आरोप हैं।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
रथिन घोष के ईडी के सामने पेश होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि राज्य में भ्रष्टाचार व्यवस्थित तरीके से फैलाया गया है और जांच एजेंसियों की कार्रवाई से सच सामने आ रहा है।
वहीं TMC नेताओं का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि जांच का सामना किया जाएगा और कानूनी प्रक्रिया के तहत जवाब दिया जाएगा।
जांच में आगे क्या?
ईडी अब रथिन घोष से मिले जवाबों, दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। एजेंसी इस मामले में जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसियां बैंक खातों, संपत्तियों और कथित लेन-देन की परतें खोलने में जुटी हुई हैं।
पश्चिम बंगाल का नगरपालिका भर्ती घोटाला अब राज्य की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है। TMC नेता रथिन घोष का ईडी के सामने पेश होना इस जांच का अहम पड़ाव माना जा रहा है। आने वाले समय में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या नए खुलासे होते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
The Enforcement Directorate (ED) has intensified its probe into the West Bengal municipality recruitment scam by questioning senior TMC leader and former minister Rathin Ghosh. The investigation focuses on alleged irregularities, illegal appointments, and financial corruption in municipal recruitment processes across Bengal. The case has triggered political controversy, with opposition parties attacking the Trinamool Congress over corruption allegations. Rathin Ghosh, who had earlier sought time citing health reasons, finally appeared before ED officials for interrogation as investigators continue to examine money trails and recruitment records linked to the multi-crore scam.


















