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पश्चिम बंगाल में OBC आरक्षण में बड़ा बदलाव, विधानसभा ने संशोधन विधेयकों को दी मंजूरी; 17% से घटकर 7% हुआ आरक्षण!

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पश्चिम बंगाल में OBC आरक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव, विधानसभा ने संशोधन विधेयकों को दी मंजूरी

AIN NEWS 1: पश्चिम बंगाल की राजनीति और आरक्षण व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य विधानसभा ने सोमवार को अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC आरक्षण से संबंधित दो महत्वपूर्ण संशोधन विधेयकों को मंजूरी दे दी। इन विधेयकों के पारित होने के बाद राज्य में पिछड़ा वर्ग आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

विधानसभा में हुए मतदान के दौरान इन विधेयकों के समर्थन में 186 विधायकों ने वोट किया, जबकि 17 विधायकों ने इसका विरोध किया। वहीं छह विधायक मतदान प्रक्रिया से दूर रहे। बहुमत के आधार पर दोनों संशोधन विधेयक पास हो गए, जिससे राज्य में OBC आरक्षण के नए ढांचे को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है।

नए संशोधन के तहत पश्चिम बंगाल में OBC आरक्षण का प्रतिशत 17 फीसदी से घटाकर 7 फीसदी कर दिया गया है। इसके साथ ही OBC श्रेणियों का दोबारा वर्गीकरण किया गया है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव सर्वेक्षण और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर किया गया है, ताकि आरक्षण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सके।

बिना सर्वे शामिल की गई 113 श्रेणियां सूची से बाहर

राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि OBC सूची में पहले शामिल की गई कई श्रेणियों की समीक्षा की गई। इस प्रक्रिया में उन 113 श्रेणियों को हटाने का फैसला लिया गया, जिन्हें बिना किसी विस्तृत फील्ड सर्वे या पर्याप्त आंकड़ों के आधार पर सूची में शामिल किया गया था।

सरकार का तर्क है कि आरक्षण सूची में शामिल समुदायों का चयन उचित अध्ययन और सामाजिक-आर्थिक स्थिति के मूल्यांकन के आधार पर होना चाहिए। इसी उद्देश्य से पुराने रिकॉर्ड और सर्वे रिपोर्ट की समीक्षा की गई और जिन श्रेणियों को निर्धारित मानकों पर सही नहीं पाया गया, उन्हें सूची से हटा दिया गया।

सर्वेक्षण के आधार पर 66 उप-श्रेणियां रहेंगी जारी

वहीं दूसरी ओर, विभिन्न सर्वेक्षणों और जांच प्रक्रिया के आधार पर शामिल की गई 66 OBC उप-श्रेणियों को बरकरार रखा गया है। सरकार के अनुसार इन समुदायों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए इन्हें आरक्षण व्यवस्था में बनाए रखने का फैसला लिया गया है।

इस बदलाव के बाद पश्चिम बंगाल में OBC आरक्षण का नया ढांचा लागू होगा, जिसमें केवल प्रमाणित और सर्वे आधारित श्रेणियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

विपक्ष ने उठाए सवाल

OBC आरक्षण में बदलाव को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल भी उठाए हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि आरक्षण नीति में इस तरह के बड़े बदलाव से पहले व्यापक चर्चा और पारदर्शी प्रक्रिया होनी चाहिए थी।

सहित विपक्ष के कई नेताओं ने इस मुद्दे पर सरकार की नीति की आलोचना की है। उनका आरोप है कि सरकार ने राजनीतिक लाभ को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। हालांकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह निर्णय कानूनी प्रक्रिया और सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।

सरकार ने बताया सुधार की दिशा में कदम

राज्य सरकार का कहना है कि OBC आरक्षण व्यवस्था में यह संशोधन किसी समुदाय के अधिकारों को खत्म करने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था को अधिक सटीक और नियम आधारित बनाने के लिए किया गया है।

सरकार के अनुसार पहले OBC सूची में कई ऐसी श्रेणियां शामिल थीं जिनकी वास्तविक सामाजिक स्थिति और पिछड़ेपन का पर्याप्त मूल्यांकन नहीं हुआ था। अब नए नियमों के तहत केवल उन्हीं समुदायों को आरक्षण का लाभ मिलेगा जो निर्धारित मानकों को पूरा करते हैं।

आगे क्या होगा?

विधानसभा से विधेयक पारित होने के बाद अब इसे आगे की संवैधानिक प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा। कानून लागू होने के बाद सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में OBC आरक्षण की नई व्यवस्था प्रभावी होगी।

इस फैसले का असर राज्य में लाखों छात्रों और नौकरी की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों पर पड़ सकता है। आरक्षण प्रतिशत में बदलाव और नई श्रेणी व्यवस्था लागू होने के बाद उम्मीदवारों को नई नीति के अनुसार लाभ मिलेगा।

पश्चिम बंगाल में OBC आरक्षण का यह बदलाव आने वाले समय में राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना रहेगा। जहां सरकार इसे सुधार और पारदर्शिता की दिशा में उठाया गया कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे लेकर लगातार सवाल उठा रहा है।

West Bengal Assembly has passed two major OBC Reservation Amendment Bills that bring significant changes to the state’s reservation policy. The new OBC quota structure reduces reservation from 17 percent to 7 percent and restructures OBC categories based on survey findings. According to the government, 113 categories included without proper field surveys have been removed, while 66 surveyed OBC sub-categories have been retained. The West Bengal OBC Reservation Bill is expected to impact government jobs, education admissions, and state politics, making it one of the major reservation policy updates in India.

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