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इमरान मसूद ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर संसद पहुंचे, दिल्ली प्रदूषण पर सरकार को घेरा!

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AIN NEWS 1: दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति हर साल गंभीर रूप लेती जा रही है। सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा है, लेकिन इस बार इस मुद्दे को लेकर संसद के अंदर एक अनोखा विरोध देखने को मिला। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद इमरान मसूद गुरुवार को संसद भवन पहुंचे तो उनके हाथ में एक ऑक्सीजन सिलेंडर था। यह दृश्य देखते ही हर किसी का ध्यान उनकी ओर खिंच गया। मसूद ने इस प्रतीकात्मक विरोध के जरिए सरकार को संदेश दिया कि दिल्ली की हवा कितनी जहरीली हो चुकी है और अब स्थिति सामान्य नहीं रह गई है।

सांस लेना भी चुनौती—इमरान मसूद का अनोखा विरोध

इमरान मसूद ने कहा कि दिल्ली की हवा इतनी खराब है कि नागरिकों को सांस लेने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने लगी है। उन्होंने सिलेंडर को दिखाते हुए कहा कि सरकार को अब जागना चाहिए, क्योंकि प्रदूषण सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की सेहत का सवाल है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राजधानी के हालात इतने बुरे हैं, तो देश के बाकी शहरों का हाल क्या होगा?

मसूद ने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ कागजी योजनाओं और बयानबाजी तक सीमित है। प्रदूषण कम करने के लिए जो कदम उठाए जाने चाहिए थे, वे या तो अधूरे हैं या दिखावे तक सीमित हैं। उनका कहना था कि जिन शहरों में दम घुटने जैसी स्थिति हो, वहां जनता की आवाज उठाना विपक्ष का कर्तव्य है।

कुछ मिनट बाहर रहने से भी गला खराब—मसूद ने बताया दिल्ली का वास्तविक हाल

इमरान मसूद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दिल्ली की हवा को लेकर हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि कुछ मिनट बाहर रहने पर ही आंखों में जलन और गले में खराश होने लगती है। उन्होंने कहा कि एक सांसद होने के नाते वह इस मुद्दे को संसद की दहलीज तक लेकर आए हैं, क्योंकि अब इस पर गंभीर चर्चा होना जरूरी है।

उन्होंने दिल्ली के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि AQI लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है। डॉक्टरों ने भी चेतावनी दी है कि यह हवा लंबे समय तक लोगों के फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है। बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

अरावली को बचाने का मुद्दा भी उठाया—सोनिया गांधी के लेख का समर्थन

प्रदूषण के मुद्दे के साथ ही इमरान मसूद ने सोनिया गांधी द्वारा लिखे गए उस लेख का भी समर्थन किया जिसमें उन्होंने अरावली पर्वतमाला को लेकर गंभीर चिंता जताई थी। सोनिया गांधी ने अपने लेख में आरोप लगाया था कि अरावली को खत्म करने की एक साजिश चल रही है, और अगर यह सिलसिला चलता रहा तो उत्तर भारत का पूरा पर्यावरण तंत्र खतरे में पड़ सकता है।

मसूद ने कहा कि अरावली सिर्फ पहाड़ों की श्रृंखला नहीं, बल्कि उत्तर भारत का प्राकृतिक सुरक्षा कवच है। यह दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों को रेगिस्तान बनने से रोके हुए है। अगर अरावली को क्षति पहुंची, तो प्रदूषण नियंत्रण करना और भी मुश्किल हो जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना होगा। यदि पहाड़ कटते रहेंगे, पेड़ घटते रहेंगे और भूजल कम होता रहेगा, तो दिल्ली–एनसीआर में प्रदूषण को काबू करना असंभव हो जाएगा।

सरकार पर लापरवाही का आरोप—कारगर योजना की मांग

इमरान मसूद ने सरकार से तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि:

पराली जलने पर सिर्फ किसानों को दोषी ठहराना समाधान नहीं है

इंडस्ट्री और निर्माण कार्यों पर सख्त नियंत्रण होना चाहिए

प्रदूषण से निपटने के लिए लंबी अवधि की रणनीति तैयार हो

हवा साफ करने वाले प्रोजेक्ट सिर्फ घोषणा तक न रह जाएं

उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदूषण सिर्फ दिल्ली का नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत का साझा संकट है। ऐसे में केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है।

जनता के स्वास्थ्य का सवाल—इमरान मसूद ने सरकार को चेताया

मसूद का कहना था कि हर साल सर्दियों में वही समस्याएं उठ जाती हैं—स्कूल बंद, वाहन प्रतिबंध, निर्माण रुकवाना—लेकिन यह सब अस्थायी उपाय हैं। वास्तविक समाधान तभी मिलेगा जब सरकार प्रदूषण के मूल कारणों को खत्म करने पर काम करेगी।

उन्होंने कहा कि अगर प्रदूषण इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाली पीढ़ियों का स्वास्थ्य गंभीर खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि जनता के धैर्य की भी सीमा है, और जो मुद्दे सीधे जनता की जिंदगी से जुड़े हों, उन्हें हल्का नहीं लिया जा सकता।

अंत में—प्रतीकात्मक विरोध लेकिन गहरी चोट

इमरान मसूद का ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर संसद पहुंचना भले ही प्रतीकात्मक लगा हो, लेकिन इसने लोगों का ध्यान एक बेहद गंभीर मुद्दे की ओर खींचा है। दिल्ली की हवा और अरावली की सुरक्षा, दोनों ही ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें नजरअंदाज करना देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।

उनका संदेश साफ था—सरकार को अब जागना होगा और पर्यावरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।

क्योंकि सांसें किसी राजनीतिक बहस से ज्यादा जरूरी हैं।

Delhi pollution has reached alarming levels, prompting Congress MP Imran Masood to bring an oxygen cylinder to Parliament as a powerful symbolic protest. His demonstration highlighted the worsening air quality crisis, the urgent need for government action, and the growing debate around environmental protection, including the Aravalli conservation issue raised by Sonia Gandhi. The incident has intensified public attention on India’s air pollution, environmental policies, and the steps needed to control toxic smog in Delhi and North India.

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