AIN NEWS 1 गाजियाबाद: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले के साथ बाराबंकी में हुई घटना के विरोध में बुधवार को गाजियाबाद में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हापुड़ रोड स्थित कलेक्ट्रेट पहुंचे और पैदल मार्च निकालते हुए घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया और नारेबाजी की। करीब एक घंटे तक चले धरने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बाराबंकी की घटना के साथ-साथ पंचायत सहायकों, 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े मामले और धार्मिक स्थलों से संबंधित मामलों को लेकर भी अपनी मांगें रखी गईं।

बाराबंकी की घटना को लेकर जताया विरोध
आजाद समाज पार्टी के मुताबिक, 13 सितंबर को चंद्रशेखर आजाद गोंडा और अयोध्या में हुई घटनाओं के पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र में बुढ़वल के पास पुलिस ने उनके काफिले को रोक दिया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चंद्रशेखर आजाद को आगे जाने से रोककर बुढ़वल गेस्ट हाउस ले जाया गया। इस दौरान पुलिस और सांसद के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बनने की खबरें सामने आईं।
इसके बाद काफिले पर पथराव और जूते-चप्पल फेंके जाने के आरोप लगाए गए। पार्टी का कहना है कि इस घटना में कई कार्यकर्ता घायल हुए और कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। आजाद समाज पार्टी ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने मांग की कि घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग, बॉडी कैमरा फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए, ताकि पूरे घटनाक्रम की जांच तथ्यों के आधार पर हो सके।
पुलिस की भूमिका की जांच की मांग
गाजियाबाद में प्रदर्शन कर रहे पार्टी नेताओं ने मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि यदि किसी अधिकारी की ओर से लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
पार्टी ने सांसद चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। इससे पहले अन्य जिलों में भी आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बाराबंकी की घटना के विरोध में प्रदर्शन कर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे हैं।
पंचायत सहायकों की मांगों का मुद्दा भी उठाया
ज्ञापन में लखनऊ के ईको गार्डन में अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे पंचायत सहायकों का मुद्दा भी शामिल किया गया। पार्टी ने सरकार से पंचायत सहायकों की समस्याओं पर जल्द निर्णय लेने और उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे कर्मचारियों की मांगों पर सरकार को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए।
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68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़ा मामला
प्रदर्शन के दौरान 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े विवाद का मुद्दा भी उठाया गया। आजाद समाज पार्टी ने पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा दिए गए आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग की।
पार्टी का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया से प्रभावित अभ्यर्थियों को नियमों के अनुसार न्याय मिलना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने सरकार से इस मामले में जल्द कार्रवाई करने की मांग की।
धार्मिक स्थलों से संबंधित कार्रवाई पर भी सवाल
ज्ञापन में सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद और मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद सहित अन्य इस्लामिक धर्मस्थलों से संबंधित कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया गया।
आजाद समाज पार्टी के नेताओं ने मांग की कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष समीक्षा हो और किसी भी धार्मिक स्थल के संबंध में कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही की जाए। पार्टी ने किसी भी प्रकार के भेदभाव की संभावना को समाप्त करने की मांग की।
करीब एक घंटे चला धरना
गाजियाबाद कलेक्ट्रेट के बाहर राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य गुलजार सिद्दीकी के नेतृत्व में कार्यकर्ता करीब एक घंटे तक धरने पर बैठे रहे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।
बाद में कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से पार्टी ने चार प्रमुख मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की।
ये कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य गुलजार सिद्दीकी, प्रदेश सचिव कपिल आजाद, निजाम चौधरी, डॉ. अशोक, गुड्डू सिद्दीकी, राहुल जाटव, यासिर, आसिफ चौधरी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
क्या है बाराबंकी विवाद?
13 सितंबर को चंद्रशेखर आजाद गोंडा में हत्या के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। रास्ते में बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में पुलिस ने उनका काफिला रोक दिया था। पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला दिए जाने की बात सामने आई है। बाद में आजाद समाज पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि काफिले पर पथराव हुआ और वाहनों को नुकसान पहुंचा।
इस घटना को लेकर आजाद समाज पार्टी ने कई जिलों में प्रदर्शन कर जांच और कार्रवाई की मांग की है। गाजियाबाद में भी बुधवार को हुआ प्रदर्शन इसी क्रम में देखा जा रहा है। पार्टी ने मांग की है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए और यदि जांच में किसी व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल बाराबंकी की घटना को लेकर सामने आए आरोपों और पुलिस की कार्रवाई की परिस्थितियों की पूरी तस्वीर जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
Azad Samaj Party workers staged a protest at the Ghaziabad Collectorate over the alleged stone-pelting incident involving party president and Nagina MP Chandrashekhar Azad’s convoy in Barabanki. The protesters demanded an impartial investigation, preservation of CCTV and electronic evidence, and action based on the findings. The Ghaziabad protest also raised issues concerning panchayat assistants, the 68,500 teacher recruitment reservation dispute and action involving religious sites in Uttar Pradesh.



















