AIN NEWS 1 गाजियाबाद/मोदीनगर: मोदीनगर क्षेत्र के तलहेटा गांव स्थित सिद्धपीठ श्री टिक्की वाले बाबा मंदिर में मां पीताम्बरा बगलामुखी के नौ दिवसीय महायज्ञ का विधि-विधान के साथ शुभारंभ हुआ। धार्मिक आयोजन को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धा एवं भक्ति का माहौल देखने को मिला। महायज्ञ से पहले तलहेटा में भव्य कलश यात्रा भी निकाली गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने भाग लिया। कलश यात्रा तलहेटा के प्राचीन बड़े मंदिर से शुरू होकर सिद्धपीठ श्री टिक्की वाले बाबा मंदिर पहुंची थी।
महायज्ञ के प्रथम दिन मुख्य यजमान के रूप में नरेश त्यागी और उनकी धर्मपत्नी ने धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की। आयोजन में संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। महायज्ञ के आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में विशेष तैयारियां की गई हैं।

मां बगलामुखी की पूजा-अर्चना के साथ हुआ शुभारंभ
आयोजन में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज का भी सानिध्य रहा। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को मां पीताम्बरा बगलामुखी की धार्मिक मान्यताओं और महायज्ञ के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी।
आयोजकों के अनुसार महायज्ञ का संकल्प सद्बुद्धि, विवेक और साहस की प्राप्ति, परिवारों की रक्षा तथा सनातन धर्म के संरक्षण और उत्थान की कामना से जुड़ा है। इसके साथ ही अधर्म, अन्याय, अत्याचार और नकारात्मक शक्तियों के शमन तथा धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना के लिए प्रार्थना की जा रही है।
तलहेटा में इस आयोजन को लेकर पहले ही धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गई थीं। 14 सितंबर को निकाली गई कलश यात्रा में महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर भाग लिया था। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और पूरा क्षेत्र धार्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया।

नौ दिनों तक चलेगा धार्मिक अनुष्ठान
मां पीताम्बरा बगलामुखी महायज्ञ का आयोजन 14 सितंबर से 22 सितंबर 2026 तक किया जा रहा है। उपलब्ध आयोजन संबंधी जानकारी के मुताबिक प्रतिदिन सुबह और शाम यज्ञ एवं आहुतियों का कार्यक्रम निर्धारित है। यज्ञाचार्य की ओर से बताया गया है कि प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक तथा शाम 7 बजे से 9 बजे तक यज्ञ-अनुष्ठान संपन्न कराया जाएगा।
आयोजन में क्षेत्र के श्रद्धालुओं के अलावा आसपास के गांवों से भी लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
सनातन धर्म और परिवारों की रक्षा का लिया गया संकल्प
महायज्ञ के दौरान आयोजकों की ओर से सनातन धर्म, परिवार और समाज के कल्याण से जुड़े संकल्पों पर जोर दिया गया। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने अपने संबोधन में युवाओं से सनातन धर्म के संरक्षण के लिए हिंदू परिवारों में कम से कम पांच बच्चों के जन्म का आह्वान किया।
यह उनके संबोधन का एक प्रमुख हिस्सा रहा। इस दौरान उन्होंने परिवार, समाज और धार्मिक परंपराओं को मजबूत करने की बात कही। उनके इस आह्वान को लेकर आयोजन में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच भी चर्चा हुई।
गौरतलब है कि यति नरसिंहानंद गिरी गाजियाबाद के डासना स्थित शिवशक्ति धाम से जुड़े धार्मिक आयोजनों में भी सक्रिय रहे हैं। सितंबर 2026 में डासना में मां बगलामुखी और महादेव के 101 दिवसीय महायज्ञ के शुरू होने की भी रिपोर्ट सामने आई है।
तलहेटा में धार्मिक आयोजन को लेकर उत्साह
सिद्धपीठ श्री टिक्की वाले बाबा मंदिर में आयोजित इस महायज्ञ को लेकर तलहेटा और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह दिखाई दे रहा है। कलश यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में माताओं-बहनों के साथ संत-महात्मा, ग्रामीण और क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल हुए थे। यात्रा के रास्ते में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
महायज्ञ के दौरान मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम जारी रहेगा। आयोजकों का कहना है कि श्रद्धालु महायज्ञ में शामिल होकर धार्मिक अनुष्ठान में अपनी सहभागिता कर सकते हैं।
22 सितंबर को पूर्णाहुति और विशाल भंडारा
नौ दिवसीय महायज्ञ का समापन 22 सितंबर को होगा। इस दिन सुबह महायज्ञ की पूर्णाहुति कराई जाएगी। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
आयोजन संबंधी जानकारी के मुताबिक 22 सितंबर को सुबह करीब 10 बजे महायज्ञ की पूर्णाहुति तथा इसके बाद 11 बजे से विशाल भंडारे का कार्यक्रम रखा गया है।
भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजकों की ओर से लोगों से धार्मिक कार्यक्रम में सहभागी बनने और मां पीताम्बरा बगलामुखी का आशीर्वाद लेने का आह्वान किया गया है।
धार्मिक आस्था का केंद्र बना सिद्धपीठ
तलहेटा स्थित सिद्धपीठ श्री टिक्की वाले बाबा मंदिर में आयोजित यह नौ दिवसीय महायज्ञ क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। आयोजन के दौरान पूजा-पाठ, यज्ञ और आहुतियों के साथ श्रद्धालुओं की धार्मिक सहभागिता बनी रहेगी।
मां बगलामुखी की उपासना हिंदू धार्मिक परंपरा में विशेष महत्व रखती है। अलग-अलग पीठों और धार्मिक संस्थानों में मां बगलामुखी से जुड़े यज्ञ एवं अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। गाजियाबाद क्षेत्र में भी सितंबर 2026 के दौरान मां बगलामुखी से जुड़े अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजन की रिपोर्ट सामने आई है।
तलहेटा में चल रहे महायज्ञ का समापन 22 सितंबर को पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ होगा। इसके साथ ही नौ दिनों से चल रहे धार्मिक अनुष्ठान का विधिवत समापन किया जाएगा।
नोट: आयोजन की तिथियों, कार्यक्रमों और उद्देश्यों से जुड़ी जानकारी आयोजकों/स्थानीय रिपोर्टों के आधार पर दी गई है। धार्मिक मान्यताओं और संकल्पों को खबर में संबंधित आयोजकों के कथन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
Maa Pitambara Baglamukhi Mahayagna has begun at Siddhpeeth Shri Tikki Wale Baba Temple in Talheta, Modinagar, Ghaziabad. The nine-day religious event is being held from September 14 to September 22, 2026, with daily Yagya and religious rituals. The event is being conducted with the participation of devotees and religious leaders, including Mahamandaleshwar Yati Narsinghanand Giri. The Mahayagna will conclude with Purnahuti and a grand Bhandara on September 22.



















