spot_imgspot_img

बरेली में बुलडोजर की आहट: बिना नोटिस 300 घरों पर लाल निशान, खलीलपुर रोड की बस्ती में दहशत!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश में इन दिनों सरकारी बुलडोजर कार्रवाई को लेकर बहस थमने का नाम नहीं ले रही है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि मशहूर शायर राहत इंदौरी का एक शेर जैसे मौजूदा हालात पर बिल्कुल सटीक बैठता है—

“लगेगी आग तो आएंगे घर कई जद में,

यहाँ पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है।”

ताज़ा मामला बरेली से सामने आया है, जहां नगर निगम की एक कार्रवाई ने सैकड़ों परिवारों की नींद उड़ा दी है। बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र स्थित खलीलपुर रोड पर अचानक नगर निगम की टीम पहुंची और एक साथ करीब 300 घरों की दीवारों पर लाल क्रॉस का निशान लगा दिया। यह निशान किसी सरकारी भाषा में भले ही “मार्किंग” कहलाता हो, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह उनके आशियाने के उजड़ने का संकेत बन गया है।

Thailand Train Accident: चलती ट्रेन पर गिरी भारी-भरकम क्रेन, 22 यात्रियों की मौत, 30 से अधिक घायल

अचानक कार्रवाई से मची अफरा-तफरी

जिस समय नगर निगम की टीम ने घरों पर निशान लगाए, उस वक्त न तो कोई पूर्व सूचना दी गई थी और न ही किसी तरह का लिखित नोटिस लोगों को सौंपा गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरी बस्ती में हड़कंप मच गया।

सालों से शांति से रह रहे परिवारों को यह डर सताने लगा कि कहीं रातों-रात बुलडोजर आकर उनके घरों को मलबे में न बदल दे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह बिना संवाद और प्रक्रिया के यह कदम उठाया गया, उसने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई परिवारों ने बताया कि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं मानसिक तनाव में हैं और रात भर नींद नहीं आ रही।

“यह बस्ती कोई नई नहीं है”

खलीलपुर रोड की यह बस्ती कोई हाल में बसी कॉलोनी नहीं है। यहां रहने वाले बुजुर्गों और पुराने निवासियों का दावा है कि यह इलाका आज़ादी से भी पहले से आबाद है।

पीढ़ी-दर-पीढ़ी लोग यहां रहते आ रहे हैं। कई परिवारों के पास मकानों से जुड़े दस्तावेज, बिजली-पानी के कनेक्शन और अन्य सरकारी रिकॉर्ड भी मौजूद हैं।

निवासियों का कहना है कि जिस ज़मीन को नगर निगम अब अपनी बता रहा है, उस पर वे 70–80 वर्षों से काबिज हैं। ऐसे में अचानक इस तरह घरों को अवैध बताकर निशान लगाना न सिर्फ अन्यायपूर्ण है, बल्कि कानून की मूल भावना के भी खिलाफ है।

नगर निगम का दावा: 16 मीटर चौड़ी सड़क

नगर निगम की ओर से जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक खलीलपुर रोड पर 16 मीटर चौड़ी सड़क प्रस्तावित है। निगम का कहना है कि इस प्रस्तावित सड़क के दायरे में करीब 300 मकान आ रहे हैं, इसलिए उन्हें चिन्हित किया गया है।

हालांकि स्थानीय लोगों का तर्क इससे बिल्कुल अलग है। उनका कहना है कि आज तक किसी भी सरकारी रिकॉर्ड या नक्शे में इस सड़क को 16 मीटर चौड़ा नहीं बताया गया।

निवासियों के अनुसार, पुराने दस्तावेजों में यह रास्ता 12 से 16 फीट चौड़ा एक सामान्य ग्रामीण सड़क के रूप में दर्ज है।

“यह कोई एक्सप्रेसवे नहीं है”

स्थानीय निवासियों का गुस्सा इस बात को लेकर भी है कि प्रशासन सड़क विकास के नाम पर पूरी बस्ती को उजाड़ने की तैयारी कर रहा है।

एक निवासी ने नाराज़गी जताते हुए कहा,

“यह कोई एक्सप्रेसवे नहीं है, बल्कि गांव की एक साधारण सड़क है। नगर निगम ने खुद यहां नाला बनवाया और अब उस नाले के पार तक के घरों को भी तोड़ने की बात कर रहा है। 16 मीटर चौड़ा रास्ता बनाने के नाम पर सैकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया जाएगा।”

लोगों का कहना है कि यदि सड़क बनानी भी है तो पहले वैकल्पिक व्यवस्था, मुआवज़ा और पुनर्वास की योजना सामने आनी चाहिए थी।

महिलाओं की पीड़ा और सवाल

इस पूरे मामले में महिलाओं की चिंता और आक्रोश सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि सरकारी कामकाज की एक तय प्रक्रिया होती है, लेकिन यहां हर नियम को ताक पर रख दिया गया।

स्थानीय निवासी अल्पा रावत ने भावुक होते हुए कहा,

“क्या किसी के घर पर इस तरह आकर निशान लगा देना सही है? क्या यह नहीं देखा जाता कि घर के अंदर कौन है? मेरी डिलीवरी के समय इस सड़क की हालत इतनी खराब थी कि मुझे पैदल चलना पड़ा। तब किसी अधिकारी को सड़क याद नहीं आई, लेकिन अब घर तोड़ने के लिए सबसे पहले निगम पहुंच गया।”

महिलाओं का कहना है कि प्रशासन को इंसानियत के साथ काम करना चाहिए, न कि डर और दहशत का माहौल बनाकर।

कानूनी प्रक्रिया पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बिना नोटिस और सुनवाई के किसी के घर पर इस तरह निशान लगाया जा सकता है?

कानून के जानकारों के अनुसार, किसी भी निर्माण को हटाने से पहले नोटिस, आपत्ति दर्ज कराने का मौका और वैकल्पिक समाधान देना जरूरी होता है।

स्थानीय लोग अब प्रशासन से स्पष्ट जवाब और लिखित आदेश की मांग कर रहे हैं। साथ ही वे यह भी कह रहे हैं कि यदि जरूरत पड़ी तो वे कानूनी लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे।

डर, अनिश्चितता और भविष्य की चिंता

फिलहाल खलीलपुर रोड की बस्ती में डर और अनिश्चितता का माहौल है। लोग अपने घरों को देखकर यही सोच रहे हैं कि पता नहीं कल ये रहेंगे या नहीं।

बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की दवाइयां और परिवारों का भविष्य—सब कुछ इस एक लाल निशान के साथ सवालों के घेरे में आ गया है।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है—क्या लोगों को सुना जाएगा या बुलडोजर की कार्रवाई यूं ही आगे बढ़ेगी।

The Bareilly bulldozer action on Khalilpur Road has sparked widespread concern after the Bareilly Municipal Corporation marked nearly 300 houses with red crosses for a proposed road widening project. Residents claim the settlement is decades old and allege that the action was taken without prior notice or legal process. The controversy highlights growing tensions around bulldozer actions in Uttar Pradesh, municipal demolitions, and housing rights.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
scattered clouds
31 ° C
31 °
30.1 °
79 %
2.6kmh
42 %
Wed
31 °
Thu
37 °
Fri
37 °
Sat
40 °
Sun
40 °
Video thumbnail
सदन में विरोधियों पर गुस्से से दहाड़े Amit Shah, देख हैरान रह गए Owaisi ! Amit Shah Speech
11:42
Video thumbnail
सीएम योगी बोले- भारत-जापान के बीच साझा विकास, तकनीक और समृद्धि की साझेदारी
02:48
Video thumbnail
सीएम योगी बोले- प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से भारत-जापान संबंध नई ऊंचाई पर पहुंचे
02:37
Video thumbnail
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए यूपी पुलिस का नया नुकीला उपकरण
00:31
Video thumbnail
उन्नाव में Gen Alpha छात्रों का प्रदर्शन, बोले- स्कूल में टीचर नहीं हैं, परीक्षाएं कैसे देंगे?
00:30
Video thumbnail
सहारनपुर में नाले को लेकर भिड़े इमरान मसूद और आशू मलिक
01:36
Video thumbnail
Saurav Das : "युवाओं के साथ धोखा कर रही सरकार""युवाओं के साथ धोखा कर रही सरकार"
02:48
Video thumbnail
Yogi Adityanath : “यूपी की इस Opportunity का लाभ हमारे जापान के Investors अवश्य लेंगे...”
01:16
Video thumbnail
नमक की जगह मिड- डे मिला दिया कपड़े धोने वाला सर्फ
00:10
Video thumbnail
आवारा कुत्तों के आतंक से त्रस्त एक व्यक्ति कुत्ते का कॉस्ट्यूम पहनकर ही कलक्ट्रेट में पहुंच गया
00:48

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related