spot_imgspot_img

उत्तर प्रदेश में घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई: SIR सर्वे में पकड़े गए रोहिंग्या-बांग्लादेशियों की बनेगी ‘निगेटिव प्रोफाइल’!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार एक बार फिर अवैध घुसपैठ पर सख्ती दिखाने की तैयारी में है। प्रदेश में चल रहे SIR (सेंसिटिव इंडिकेटर रिपोर्ट) सर्वे के दौरान जिन रोहिंग्या और अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान हुई है, अब उन्हें केवल चिन्हित भर नहीं किया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ एक मजबूत और स्थायी कार्रवाई मॉडल तैयार किया जा रहा है। इस पूरे अभियान का उद्देश्य साफ है—अवैध प्रवासियों को प्रदेश से बाहर करना और भविष्य में किसी भी तरह के फर्जी दस्तावेज़ों के ज़रिए दोबारा घुसपैठ करने की कोशिश को पूरी तरह रोक देना।

🔶 क्या है सरकार की नई रणनीति?

योगी सरकार ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए एक ‘फूल प्रूफ’ प्लान बनाया है। इस प्लान का मूल हिस्सा है—निगेटिव प्रोफाइल डेटाबेस। यह डेटाबेस उन सभी रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की पूरी जानकारी रखेगा जो SIR सर्वे में चिन्हित हुए हैं। इसमें उनकी:

फोटो

पहचान से जुड़ी जानकारी

पकड़े जाने का स्थान

उनके द्वारा उपयोग किए गए दस्तावेज

संपर्क और गतिविधि विवरण

संभावित नेटवर्क

जैसी जानकारी संकलित की जाएगी।

सरकार के अनुसार यह डेटाबेस भविष्य में बहुत उपयोगी होगा, क्योंकि इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोई भी घुसपैठिया नए नाम, नए आधार कार्ड या अन्य फर्जी आईडी के सहारे फिर से प्रदेश में कदम न रख सके।

🔶 AT कार्ड का इस्तेमाल: पहचान का मजबूत माध्यम

सभी अवैध घुसपैठियों के लिए सरकार AT कार्ड (एंट्री ट्रैकिंग कार्ड) सिस्टम भी लागू करने जा रही है। इस कार्ड के माध्यम से इन लोगों से जुड़ी हर जानकारी एक केंद्रीकृत सर्वर में सुरक्षित रहेगी। यदि कोई घुसपैठिया कहीं और जाकर पहचान बदलने की कोशिश करता है, तो उसकी प्रोफाइल तुरंत सिस्टम में मैच हो जाएगी।

सरकार का कहना है कि AT कार्ड का उद्देश्य इन घुसपैठियों की आवाजाही पर रोक लगाना है और यह पता रखना भी कि वे कहां से आए थे और किस रास्ते से देश में प्रवेश कर रहे हैं।

🔶 क्यों जरूरी पड़ा यह कड़ा कदम?

पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश के कई शहरों में रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों के अवैध रूप से रहने की जानकारी सामने आई है। कई मामलों में ये लोग फर्जी आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर ID और यहां तक कि पैन कार्ड तक बनवा लेने में सफल रहे थे। इससे न केवल सुरक्षा को खतरा था, बल्कि:

मानव तस्करी

नकली दस्तावेज़ रैकेटअवैध धर्म परिवर्तन

आपराधिक गतिविधियां

सीमा पार नेटवर्क

जैसे गंभीर मामलों के लिए रास्ता बन रहा था।

यही वजह है कि सरकार अब घुसपैठ को केवल प्रशासनिक समस्या मानकर नहीं चल रही, बल्कि इसे आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती मानकर निपट रही है।

🔶 SIR सर्वे में क्या निकला सामने?

SIR सर्वे के दौरान विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में संदिग्ध लोगों की पहचान हुई। कई ऐसे परिवार सामने आए जिन्होंने:

गलत पता दिया

फर्जी नामों का प्रयोग किया

कई बार अपना ठिकाना बदला

स्थानीय लोगों के सहारे दस्तावेज़ बनवाए

ये छोटी-छोटी बातें राज्य के सुरक्षा विभाग को बड़ा संकेत दे रही थीं कि यह कोई आकस्मिक समस्या नहीं है बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा है। इसी आधार पर सरकार ने तय किया कि:

“अब केवल पकड़ना काफी नहीं, इनकी दोबारा वापसी को हमेशा के लिए रोकना होगा।”

🔶 कैसे रोकी जाएगी दोबारा घुसपैठ?

सरकार की रणनीति में कई स्तरों पर निगरानी शामिल है:

1. सीमा पर चौकसी और सुरक्षा बढ़ाना

खासकर नेपाल और बिहार के रास्तों पर जहां से कई अवैध लोगों के प्रवेश की आशंका रहती है।

2. फर्जी दस्तावेज़ बनाने वाले नेटवर्क की जांच

पुलिस, STF और इंटेलिजेंस मिलकर ऐसे गैंगों पर कार्रवाई कर रहे हैं जो पहचान बदलवाने का काम करते हैं।

3. शेल्टर होम, किराए के मकान और काम के स्थलों की जांच

कई घुसपैठिए छोटे-छोटे कामों में लग जाते हैं और पहचान छिपाकर रहते हैं।

4. स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ाना

हर थाने को अपने क्षेत्र में रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की रिपोर्ट देनी होगी।

5. डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम

निगेटिव प्रोफाइल डेटाबेस में दर्ज हर व्यक्ति की पहचान किसी भी सरकारी सिस्टम से मैच हो सकेगी।

🔶 UP सरकार का साफ संदेश

योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठ अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का मानना है कि यदि एक बार घुसपैठियों की मजबूत पहचान बनाकर उन्हें देश से बाहर भेज दिया जाए और उनकी पतासाजी की पूरी व्यवस्था बनाई जाए, तो यह समस्या अपने आप कम होती जाएगी।

सरकार यह भी कह रही है कि यह कार्रवाई किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन लोगों के खिलाफ है जो:

फर्जी दस्तावेज़ बनाते हैं

देश की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं

सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं

🔶 आगे क्या?

अगले चरण में, SIR सर्वे में पहचाने गए लोगों के खिलाफ:

कानूनी कार्रवाई

डिपोर्टेशन प्रक्रिया

तस्करी और नेटवर्क जांच

स्थानीय मददगारों पर भी कार्रवाई

शुरू की जाएगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में यह अभियान और भी सख्त रूप ले सकता है, ताकि उत्तर प्रदेश को अवैध घुसपैठियों से पूरी तरह मुक्त किया जा सके।

The Uttar Pradesh government is implementing a strict security plan to stop illegal Rohingya and Bangladeshi infiltrators identified through the SIR Survey. By creating a negative profile database and using AT Cards, the Yogi Adityanath administration aims to prevent re-entry through fake documents and ensure long-term monitoring of illegal migrants. This step strengthens UP’s anti-infiltration policy and enhances national security.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
broken clouds
35 ° C
35 °
35 °
48 %
5kmh
77 %
Fri
34 °
Sat
36 °
Sun
35 °
Mon
39 °
Tue
37 °
Video thumbnail
24 जून 2024 धर्मेंद्र प्रधान का शपथ ग्रहण
00:28
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "आज इस्तीफ़ा करा लें, 15 दिन बाद फिर शपथ दिलवा दें"
00:13
Video thumbnail
CJP Spokesperson Saurav Das : "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें या उन्हें बर्खास्त करें"
02:55
Video thumbnail
Abhinay Sir का निशाना: जेपी नड्डा पहले स्वास्थ्य मंत्रालय संभालें
00:28
Video thumbnail
दिल्ली पुलिस का दावा: पाकिस्तान से जुड़े 480 सोशल मीडिया हैंडल ब्लॉक, छात्रों से सतर्क रहने की अपील
00:55
Video thumbnail
राहुल गांधी का दावा: शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन चली
00:12
Video thumbnail
सरकार और CJP के बीच वार्ता समाप्त !
00:27
Video thumbnail
नरेंद्र मोदी की वीडियो पर क्या बोले ध्रुव राठी ?
01:31
Video thumbnail
CJP Protest : “Dharmendra Pradhan का इस्तीफा नहीं...”, छात्र आंदोलन पर क्या बोले कांग्रेस नेता
16:52
Video thumbnail
भूख हड़ताल खत्म करने पर क्या बोले सोनम वांगचुक
01:27

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related