आज के टाइम में बहुत लोग मोबाइल पर बैठे बैठे यही सर्च करते रहते है – Natraj Pencil Packing Job, नटराज पेंसिल पैकिंग जॉब घर बैठे, नटराज पेंसिल पैकिंग जॉब असली है या नकली, नटराज पेंसिल पैकिंग जॉब व्हाट्सएप नंबर वगैरह वगैरह। क्योंकि सबको ऐसा काम चाहिए जो घर बैठे हो जाए, ज्यादा दिमाग ना लगाना पड़े और महीने का खर्चा आराम से निकल जाए।
अब मैं यहां पर कोई हवा हवाई बात नहीं लिख रहा, बिल्कुल सीधी भाषा में, जैसी गांव या कस्बे का बच्चा लिख देता है, वही टाइप का कंटेंट है।
नटराज पेंसिल पैकिंग जॉब आखिर होता क्या है Natraj Pencil Packing Job
नटराज पेंसिल पैकिंग जॉब के नाम से लोग समझते है कि कंपनी आपको पेंसिल देगी, खाली डिब्बे देगी और आपको बस पेंसिल गिनकर डिब्बे में भरनी है। फिर डिब्बा बंद करना है और वापस कंपनी को भेज देना है। लोग सोचते है कि ये काम बहुत आसान है, इसमें कोई पढ़ाई नहीं चाहिए, कोई मशीन नहीं चाहिए, बस हाथ से काम है और पैसा मिल जाएगा।
WhatsApp पर भी मैसेज आते है जैसे –
“घर बैठे काम चाहिए क्या?”
“नटराज पेंसिल पैकिंग जॉब available”
“Daily 800–1200 earning”
ये सब पढ़कर आदमी खुश हो जाता है और सोचता है चलो कुछ तो काम मिला।
नटराज पेंसिल कंपनी का नाम इतना चलता क्यों है
भारत में नटराज पेंसिल लगभग हर स्कूल में चलती है। छोटे बच्चे से लेकर बड़े तक सब इसका नाम जानते है। इसी वजह से जब कोई कहता है नटराज पेंसिल का काम है तो सामने वाला जल्दी भरोसा कर लेता है।
असल में Nataraj एक बड़ी कंपनी है और बड़ी कंपनी का नाम यूज करके लोग आसानी से दूसरों को फंसा लेते है।
क्या सच में नटराज पेंसिल घर बैठे पैकिंग जॉब देती है
अब यहां ध्यान से पढ़ो, क्योंकि यही सबसे जरूरी लाइन है।
नटराज पेंसिल कंपनी अपने सारे काम फैक्ट्री में करती है। पेंसिल बनाना, रंग करना, पैकिंग करना, सब कुछ मशीन और फैक्ट्री मजदूर से होता है। कंपनी आम लोगों को घर बैठे पेंसिल पैक करने का काम नहीं देती।
कोई भी बड़ी कंपनी ऐसा रिस्क नहीं लेती कि वो अपना माल किसी अनजान आदमी के घर भेज दे। क्योंकि अगर पेंसिल खराब हो गई, चोरी हो गई या डुप्लीकेट बन गई तो कंपनी का नाम खराब होगा।
फिर इंटरनेट पर इतना ज्यादा नटराज पेंसिल पैकिंग जॉब क्यों दिखता है
क्योंकि ये एक बहुत बड़ा स्कैम वाला टॉपिक है। लोग जानते है कि बेरोजगारी है, लोगों को पैसों की जरूरत है और घर बैठे काम की डिमांड बहुत ज्यादा है। इसी कमजोरी का फायदा उठाया जाता है।
WhatsApp, Telegram, Facebook, YouTube, सब जगह ऐसे लोग बैठे है जो बोलते है –
“सर जॉब 100% रियल है”
“कंपनी से डायरेक्ट काम”
“बस रजिस्ट्रेशन करना होगा”
और आदमी सोचता है चलो ट्राई कर लेते है।
नटराज पेंसिल पैकिंग जॉब के नाम पर कैसे ठगी होती है
सबसे पहले आपको एक मैसेज आएगा या आप खुद किसी नंबर पर कॉल करोगे। सामने वाला बहुत मीठी भाषा बोलेगा। बोलेगा –
“भाई काम बहुत आसान है”
“घर बैठे 2–3 घंटे में काम हो जाएगा”
“महीने का 15–20 हजार आराम से”
फिर बोलेगा कि काम शुरू करने से पहले थोड़ा सा चार्ज देना पड़ेगा।
किस किस नाम से पैसे मांगे जाते है
ये लोग पैसे अलग अलग नाम से मांगते है ताकि आपको लगे सब सही है।
| पैसा किस लिए | कितने पैसे |
|---|---|
| रजिस्ट्रेशन फीस | 500 – 2000 |
| सिक्योरिटी मनी | 3000 – 8000 |
| कूरियर चार्ज | 1000 – 2500 |
| GST चार्ज | 500 – 1500 |
WhatsApp language में बोलते है –
“Sir refundable hai tension mat lo”
“Work complete hote hi paisa wapas”
लेकिन सच ये है कि पैसा गया तो वापस नहीं आता।
पैसा देने के बाद क्या होता है
जैसे ही आप पैसे भेजते हो, उसके बाद या तो सामने वाला टाल मटोल करने लगता है या फिर पूरा नंबर ही बंद हो जाता है। कई बार फर्जी कूरियर स्लिप भेज देते है, फर्जी जॉब लेटर भेज देते है, ताकि आप ज्यादा सवाल ना पूछो।
कुछ दिन बाद आपको खुद समझ आ जाता है कि आप ठगे जा चुके हो।
नटराज पेंसिल पैकिंग जॉब असली है या नकली – सीधा जवाब
सीधी और साफ भाषा में जवाब है –
घर बैठे नटराज पेंसिल पैकिंग जॉब के नाम पर जो भी ऑनलाइन चल रहा है, वो ज्यादातर नकली है।
अगर कोई आपसे पहले पैसे मांगता है, तो समझ लो वो जॉब नहीं, धोखा है।
बड़ी कंपनियां घर बैठे पैकिंग जॉब क्यों नहीं देती
इसका कारण बहुत सिंपल है।
बड़ी कंपनी का सारा सिस्टम प्लानिंग से चलता है।
क्वालिटी कंट्रोल होता है।
स्टॉक का हिसाब होता है।
अगर 100 लोग घर बैठे पैकिंग करने लगेंगे तो कंपनी को नुकसान ही नुकसान होगा। इसलिए ये सब बातें सिर्फ बोलने में अच्छी लगती है, रियल लाइफ में ऐसा नहीं होता।
लोग फिर भी क्यों फंस जाते है
क्योंकि जरूरत बहुत बड़ी चीज है।
किसी को पैसे की दिक्कत होती है।
किसी को बच्चों की फीस देनी होती है।
किसी को घर बैठकर काम चाहिए।
और जब सामने वाला बोलता है – “बस इतना सा काम है” – तो आदमी भरोसा कर लेता है।
अगर घर बैठे काम करना ही है तो क्या करें
अगर सच में घर बैठे काम करना है तो पहले ये समझो कि
कोई भी असली काम बिना मेहनत के पैसा नहीं देता।
कोई भी कंपनी पहले पैसे नहीं मांगती।
Data entry, freelancing, skill based work ये सब चीजें धीरे धीरे सीखकर की जाती है, लेकिन पैकिंग जॉब वाला सपना ज्यादातर fake होता है।
नटराज पेंसिल पैकिंग जॉब से जुड़ी जरूरी सलाह
अगर कोई भी व्यक्ति या वेबसाइट बोले कि –
“नटराज पेंसिल पैकिंग जॉब घर बैठे”
“आज ही जॉइन करो”
“limited seats”
तो थोड़ा रुक जाओ, सोचो, और बिना जांच किए एक भी रुपया मत भेजो।
निष्कर्ष (Last Words)
नटराज पेंसिल पैकिंग जॉब का नाम सुनने में बहुत अच्छा लगता है, लेकिन हकीकत में ये नाम सबसे ज्यादा ठगी के लिए यूज किया जाता है। इसलिए भावुक मत बनो, जल्दी फैसले मत लो और WhatsApp मैसेज देखकर भरोसा मत करो।
अगर तुम्हें ये जानकारी काम की लगी हो तो इसे दूसरों तक भी शेयर करना, ताकि कोई और इस तरह के झांसे में ना आए।


















