प्रयागराज रेलवे स्टेशन से फर्जी RPF दारोगा गिरफ्तार, नौकरी के दबाव में अपनाया अजीब तरीका
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक को फर्जी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) दारोगा बनकर घूमते हुए गिरफ्तार किया गया। रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधियों के चलते जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। यह युवक कई दिनों से ट्रेन में मुफ्त यात्रा करने के लिए नकली वर्दी पहनकर खुद को आरपीएफ अधिकारी बताता था।
जीआरपी (Government Railway Police) की सतर्कता के चलते आरोपी को प्रयागराज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने जो वजह बताई, वह भी काफी हैरान करने वाली थी।
प्लेटफॉर्म पर शक होने पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, जीआरपी थाना पुलिस को रेलवे स्टेशन पर एक युवक के संदिग्ध रूप से घूमने की सूचना मिली थी। वह आरपीएफ की वर्दी में था और खुद को अधिकारी बता रहा था। पुलिस ने जब उस युवक को देखा तो उसके व्यवहार में कुछ असामान्यता नजर आई।
इसके बाद पुलिस टीम ने उसे रोककर पूछताछ शुरू की। शुरुआत में वह खुद को रेलवे सुरक्षा बल का दारोगा बताता रहा, लेकिन जब पुलिस ने उससे पहचान और संबंधित दस्तावेज मांगे तो वह घबरा गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने सच्चाई कबूल कर ली।
आरोपी की पहचान दिव्यांशु कुमार के रूप में
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक की पहचान 22 वर्षीय दिव्यांशु कुमार के रूप में हुई है। वह कई दिनों से आरपीएफ की नकली वर्दी पहनकर ट्रेन में सफर कर रहा था।
पुलिस ने बताया कि दिव्यांशु अक्सर रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में इसी वर्दी में घूमता था। इस वजह से यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को लगता था कि वह वास्तव में रेलवे सुरक्षा बल का अधिकारी है। इसी का फायदा उठाकर वह बिना टिकट ट्रेन में यात्रा करता था।
पूछताछ में दिव्यांशु ने जो वजह बताई, वह सामाजिक दबाव की ओर भी इशारा करती है। उसने बताया कि उसके घर वाले लगातार उस पर नौकरी करने का दबाव बना रहे थे।
दिव्यांशु के अनुसार, उसे लंबे समय से कोई नौकरी नहीं मिल रही थी। परिवार की उम्मीदों और तानों से वह परेशान रहने लगा था। इसी बीच उसके मन में यह विचार आया कि अगर वह आरपीएफ की वर्दी पहन ले तो लोग उसे नौकरीशुदा समझेंगे और ट्रेन में यात्रा भी मुफ्त हो जाएगी।
इसी सोच के चलते उसने नकली वर्दी तैयार करवाई और खुद को आरपीएफ अधिकारी के रूप में पेश करना शुरू कर दिया।
वर्दी और अन्य सामान बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से कई सामान बरामद किए हैं। इनमें वह पूरी वर्दी शामिल है जिसे पहनकर वह खुद को आरपीएफ अधिकारी बताता था।
बरामद सामान में शामिल हैं:
आरपीएफ की नकली वर्दी
वर्दी पर लगे स्टार
बैच और मोनोग्राम
बेल्ट
नीली डोरी
लाल रंग के जूते
खाकी मोजे
इसके अलावा आरोपी की तलाशी के दौरान उसके पास से 650 रुपये नकद भी मिले। साथ ही उसका आधार कार्ड और एटीएम कार्ड भी बरामद किया गया।
कई दिनों से कर रहा था मुफ्त यात्रा
पुलिस के अनुसार दिव्यांशु पिछले कई दिनों से इसी तरह ट्रेन में सफर कर रहा था। वर्दी के कारण कोई भी उससे टिकट नहीं मांगता था और रेलवे कर्मचारी भी उसे अधिकारी समझकर सम्मान देते थे।
इसी का फायदा उठाकर वह अलग-अलग ट्रेनों में मुफ्त यात्रा करता रहा। हालांकि उसकी यह चाल ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकी और आखिरकार पुलिस के हाथों पकड़ा गया।
जीआरपी कर रही है आगे की कानूनी कार्रवाई
जीआरपी थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसके खिलाफ अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसने यह वर्दी और अन्य सामान कहां से तैयार करवाया।
अगर जांच में यह सामने आता है कि किसी ने जानबूझकर उसे ऐसी वर्दी बनाकर दी है, तो उस व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
रेलवे सुरक्षा पर भी उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि एक युवक कई दिनों तक नकली वर्दी पहनकर रेलवे परिसर में घूमता रहा और किसी को शक नहीं हुआ।
हालांकि जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि समय रहते आरोपी को पकड़ लिया गया और मामले की पूरी जांच की जा रही है।
समाज के लिए भी एक संदेश
यह मामला सिर्फ एक अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि यह युवाओं पर बढ़ते सामाजिक और पारिवारिक दबाव की ओर भी इशारा करता है। नौकरी न मिलने की वजह से कई युवा मानसिक तनाव से गुजरते हैं और कभी-कभी गलत फैसले भी ले लेते हैं।
दिव्यांशु का यह कदम भले ही कानूनन गलत था, लेकिन इससे यह भी साफ होता है कि बेरोजगारी और सामाजिक अपेक्षाएं युवाओं पर किस तरह का दबाव बनाती हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और जल्द ही उसे अदालत में पेश किया जाएगा।
A shocking case has emerged from Prayagraj where GRP police arrested a 22-year-old man posing as a fake RPF officer at Prayagraj Railway Station. The accused, identified as Divyanshu Kumar, allegedly wore a fake Railway Protection Force uniform to travel in trains for free and convince his family that he had a government job. Police recovered the fake RPF uniform, stars, badge, belt and other accessories from him. The incident has raised concerns about railway security and impersonation of railway officials in Indian Railways.


















