NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई
AIN NEWS 1: देशभर में चर्चा का विषय बने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक बड़े कोचिंग संस्थान के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी संगठित पेपर लीक नेटवर्क का हिस्सा था और परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र व उत्तर कई लोगों तक पहुंचाए गए थे।
CBI के अनुसार, रविवार को की गई छापेमारी के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से NEET-UG का कथित लीक प्रश्नपत्र बरामद हुआ। इसके बाद एजेंसी ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और फिर औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
इस गिरफ्तारी के साथ अब तक इस मामले में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें सबसे ज्यादा आरोपी महाराष्ट्र से हैं।
कौन है शिवराज मोटेगांवकर?
शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर महाराष्ट्र के लातूर में संचालित रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC) नामक कोचिंग नेटवर्क का संचालक है। बताया जा रहा है कि उसके कोचिंग सेंटर महाराष्ट्र के सात जिलों में संचालित होते हैं और उसका सालाना कारोबार करीब 100 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है।
CBI को शक है कि इसी कोचिंग नेटवर्क के जरिए NEET उम्मीदवारों तक लीक पेपर के सवाल और जवाब पहुंचाए गए। जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ डॉक्टरों और अभिभावकों ने भारी रकम देकर यह पेपर खरीदा था।
15 मई को CBI ने मोटेगांवकर से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी। इसके बाद रविवार को RCC के मुख्य कार्यालय पर छापेमारी कर कई दस्तावेज, कंप्यूटर, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।
कैसे हुआ पेपर लीक का खुलासा?
CBI की शुरुआती जांच में सामने आया कि 23 अप्रैल को ही कुछ आरोपियों के पास कथित रूप से NEET परीक्षा का पेपर और आंसर की पहुंच चुकी थी। इसके बाद यह सामग्री अलग-अलग राज्यों में छात्रों तक पहुंचाई गई।
जांच एजेंसी का कहना है कि यह कोई छोटी घटना नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क था, जिसमें कोचिंग संचालक, शिक्षक, दलाल और बिचौलिए शामिल थे।
कुछ आरोपियों ने छात्रों को परीक्षा से पहले विशेष क्लास में वही सवाल और जवाब लिखवाए, जो बाद में वास्तविक परीक्षा में पूछे गए।
अब तक गिरफ्तार 10 आरोपियों की भूमिका
1. शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर
पेशा: RCC कोचिंग संचालक
आरोप: लीक पेपर को छात्रों और अन्य लोगों तक पहुंचाना
2. मनीषा गुरुनाथ मंधारे
पेशा: बायोलॉजी लेक्चरर
आरोप: छात्रों को लीक सवाल और जवाब पढ़ाना
CBI के अनुसार, वह NTA की पेपर सेटिंग कमेटी से जुड़ी रही थी।
3. पीवी कुलकर्णी
पेशा: केमिस्ट्री प्रोफेसर
आरोप: परीक्षा से पहले छात्रों को संभावित प्रश्न और उत्तर बताना
4. मनीषा वाघमारे
पेशा: ब्यूटीशियन
आरोप: छात्रों को पेपर लीक नेटवर्क से जोड़ना
5. धनंजय लोखंडे
पेशा: दलाल
आरोप: लीक पेपर की खरीद-फरोख्त
6. शुभम खैरनार
पेशा: दलाल
आरोप: टेलीग्राम पर प्रश्नपत्र की PDF तैयार करना
7. यश यादव
पेशा: दलाल, हरियाणा
आरोप: 15 लाख रुपए देकर पेपर खरीदना
8. मांगीलाल बिंवाल
पेशा: दलाल, राजस्थान
आरोप: 45 लाख रुपए में पेपर डील
9. दिनेश बिंवाल
पेशा: राजनीति से जुड़ा
आरोप: पेपर लीक नेटवर्क में शामिल होना
10. विकास बिंवाल
पेशा: MBBS छात्र
आरोप: परिवार के साथ रैकेट का हिस्सा होना
मंधारे और कुलकर्णी की भूमिका पर CBI का बड़ा दावा
CBI के मुताबिक गिरफ्तार बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा मंधारे परीक्षा से पहले पुणे में विशेष कोचिंग क्लास चला रही थीं। यहां छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के वही सवाल नोट करवाए गए, जो बाद में परीक्षा में आए।
वहीं, केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी पर आरोप है कि उसने अप्रैल के अंतिम सप्ताह में अपने घर पर छात्रों को सवाल, विकल्प और सही उत्तर बताए थे।
जांच एजेंसी का कहना है कि दोनों आरोपी लंबे समय तक NEET पेपर सेटिंग से जुड़े पैनल का हिस्सा रहे हैं।
राहुल गांधी ने सरकार पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए पूछा कि बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
राहुल गांधी ने कहा कि NEET 2024 में भी पेपर लीक के आरोप लगे थे, लेकिन उस समय परीक्षा रद्द नहीं हुई थी। अब NEET 2026 में फिर वही स्थिति सामने आई है।
NTA में बड़े प्रशासनिक बदलाव
पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में कई बड़े बदलाव किए हैं। IRS अधिकारी आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगढ़िया को जॉइंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा अनुजा बापट और रुचिता विज को भी जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया है। सरकार का कहना है कि इन नियुक्तियों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।
3 मई को हुई थी परीक्षा, 12 मई को रद्द
NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। करीब 23 लाख छात्रों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था।
7 मई को NTA को परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक की सूचना मिली। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया।
12 मई को NTA ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया और दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की।
21 जून को होगा NEET-UG री-एग्जाम
NTA ने छात्रों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है:
NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित होगी।
छात्रों को दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
पहले जमा की गई फीस वापस की जाएगी।
नए एडमिट कार्ड 14 जून से जारी होंगे।
छात्र अपनी पसंद का परीक्षा केंद्र चुन सकेंगे।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। लाखों छात्र महीनों की मेहनत के बाद परीक्षा देते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं।
अब सभी की नजर CBI जांच और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। अगर जांच में और बड़े नाम सामने आते हैं, तो यह मामला देश के सबसे बड़े शिक्षा घोटालों में शामिल हो सकता है।
The NEET UG 2026 paper leak case has triggered nationwide concern after the CBI arrested Maharashtra coaching director Shivraj Motegaonkar for allegedly circulating leaked exam papers before the examination. Investigators reportedly recovered leaked NEET question papers and answer keys from his mobile phone. The case has exposed a large network involving coaching institutes, brokers, lecturers, and middlemen across Maharashtra, Rajasthan, and Haryana. The National Testing Agency (NTA) has cancelled the NEET UG 2026 exam and announced a re-examination on June 21, while the CBI continues its investigation into one of India’s biggest medical entrance exam scandals.


















