लखनऊ में SI भर्ती विवाद पर युवक का आत्मदाह प्रयास, “पंडित” सवाल को लेकर भड़का आक्रोश
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस भर्ती बोर्ड से जुड़ा एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने भर्ती प्रक्रिया और सामाजिक संवेदनशीलता दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को एक युवक ने पुलिस भर्ती बोर्ड मुख्यालय के बाहर आत्मदाह करने की कोशिश की। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना लखनऊ के हुसैनगंज इलाके में स्थित उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के मुख्यालय के बाहर की है। जानकारी के अनुसार, बुलंदशहर का रहने वाला दीपक शर्मा नाम का युवक अपने साथ केरोसीन से भरी बोतल लेकर वहां पहुंचा था। जैसे ही वह मुख्य गेट के सामने पहुंचा, उसने अपने ऊपर केरोसीन डालना शुरू कर दिया।
वह आत्मदाह करने की कोशिश करता, उससे पहले ही वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया और किसी भी अनहोनी से बचा लिया। इसके बाद उसे समझाकर हुसैनगंज थाने ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
युवक ने क्यों उठाया ऐसा कदम?
दीपक शर्मा का आरोप है कि हाल ही में आयोजित दरोगा (SI) भर्ती परीक्षा में एक सवाल के जरिए “पंडित” शब्द का अपमान किया गया। उसका कहना है कि परीक्षा में “अवसरवादी” शब्द के विकल्प के रूप में “पंडित” को शामिल किया गया था, जो ब्राह्मण समाज के लिए अपमानजनक है।
युवक का कहना है कि इस तरह के प्रश्नों से समाज के एक वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचती है और यह जानबूझकर किया गया प्रतीत होता है। उसने यह भी आरोप लगाया कि ब्राह्मण समुदाय को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है।
पहले भी की थी शिकायत
दीपक शर्मा ने बताया कि उसने इस मामले को लेकर पहले भी आवाज उठाई थी। उसने 14 तारीख को लखनऊ के हजरतगंज थाने में लिखित शिकायत दी थी। उसकी मांग थी कि इस सवाल को तैयार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और समाज की भावनाओं को आहत करने के लिए जिम्मेदार लोगों पर केस दर्ज किया जाए।
हालांकि, युवक का आरोप है कि कई दिन बीत जाने के बावजूद उसकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और FIR भी दर्ज नहीं हुई। इसी से आहत होकर उसने यह कदम उठाने का प्रयास किया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। तलाशी के दौरान उसके पास से केरोसीन की बोतल, माचिस और एक बैनर भी बरामद हुआ। बैनर पर लिखा था—
“ब्राह्मण का अपमान नहीं सहा जाएगा।”
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है। साथ ही युवक की मानसिक स्थिति और उसके आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।
विवादित सवाल ने खड़ा किया बवाल
दरअसल, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित दरोगा भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है। इस प्रश्न में “अवसरवादी” शब्द के विकल्प के रूप में “पंडित” को शामिल किया गया था। जैसे ही यह सवाल सामने आया, सोशल मीडिया पर इसका विरोध शुरू हो गया।
कई लोगों ने इसे एक विशेष समुदाय के खिलाफ अपमानजनक बताया और परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए। इस मामले में हजरतगंज कोतवाली में भी शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि जानबूझकर एक वर्ग की भावनाओं को आहत किया गया है।
समाज और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल
यह पूरा मामला सिर्फ एक परीक्षा के सवाल तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे यह सवाल भी उठता है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्न तैयार करते समय सामाजिक संवेदनशीलता का कितना ध्यान रखा जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विवादित प्रश्न न केवल परीक्षार्थियों का ध्यान भटकाते हैं, बल्कि समाज में अनावश्यक तनाव भी पैदा करते हैं। ऐसे में परीक्षा कराने वाली संस्थाओं को और अधिक जिम्मेदारी के साथ काम करने की जरूरत है।
पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
अगर पुलिसकर्मी समय पर सतर्कता नहीं दिखाते, तो यह घटना एक बड़े हादसे में बदल सकती थी। मौके पर मौजूद अधिकारियों की तेजी और समझदारी ने एक युवक की जान बचा ली।
फिलहाल पुलिस युवक को समझाने की कोशिश कर रही है और उसके परिवार से भी संपर्क करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
आगे क्या होगा?
अब इस पूरे मामले की जांच जारी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भर्ती बोर्ड इस विवादित प्रश्न को लेकर क्या कदम उठाता है और युवक की शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है।
साथ ही यह भी जरूरी है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और संवेदनशील बनाया जाए।
A major controversy has erupted in Lucknow over the UP Police SI recruitment exam after a youth attempted suicide outside the recruitment board office, alleging that a question linking “Pandit” with opportunism insulted the Brahmin community. The incident highlights growing concerns around UP Police recruitment controversies, exam question sensitivity, and public protests in Uttar Pradesh. Authorities are now investigating the matter as the Lucknow suicide attempt and SI exam dispute gain widespread attention online.


















