ऊपर डबल बेड, नीचे तहखाना: मेरठ में असलम गैंग की गुप्त हथियार फैक्ट्री का पर्दाफाश
AIN NEWS 1: Meerut में पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए एक ऐसे घर का खुलासा किया है, जहां सामान्य दिखने वाले डबल बेड के नीचे तहखाना बनाकर पिस्टल बनाने की फैक्ट्री चलाई जा रही थी। इस ऑपरेशन में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और भारी मात्रा में हथियार व उपकरण बरामद किए गए हैं।
कैसे मिला सुराग?
यह पूरा मामला 26 अप्रैल 2026 का है, जब स्वाट टीम के प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़ को एक मुखबिर से अहम सूचना मिली। जानकारी के अनुसार, ग्राम अल्लीपुर के एक मकान में बेहद गुप्त तरीके से अवैध हथियार बनाए जा रहे थे।
मुखबिर ने बताया कि घर में रखा एक साधारण डबल बेड असल में इस पूरे रैकेट की कुंजी है—उसके नीचे एक छिपा हुआ तहखाना बनाया गया है, जहां हथियारों का निर्माण होता है।
बेड के नीचे छुपा था पूरा कारखाना
पुलिस टीम ने बिना देरी किए स्वाट, सर्विलांस और थाना लोहियानगर की संयुक्त टीम के साथ छापा मारा। जब घर की तलाशी ली गई, तो सामने आया कि बेड के अंदर एक गुप्त रास्ता था, जो नीचे बने तहखाने तक जाता था।
तहखाने में पहुंचते ही पुलिस भी हैरान रह गई—वहां पूरी तरह से एक मिनी हथियार फैक्ट्री संचालित हो रही थी। मशीनें, औजार और अधबने हथियार साफ तौर पर दिखा रहे थे कि यह काम लंबे समय से चल रहा था।
पहला आरोपी और बड़ा खुलासा
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 33 वर्षीय असलम को गिरफ्तार किया, जो जाहिदपुर का रहने वाला है। पूछताछ में असलम ने कई अहम खुलासे किए।
उसने बताया कि वह अकेला नहीं था, बल्कि एक संगठित गिरोह के साथ मिलकर काम कर रहा था। इस गिरोह में मुजफ्फरनगर का उमर, मुरादाबाद का इरफान, मेरठ के नदीम और रहीमुद्दीन समेत कई लोग शामिल थे।
असलम के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का संचालन रहीमुद्दीन करता था। वही कच्चा माल जुटाता और तैयार हथियारों की बिक्री अलग-अलग ग्राहकों को कराता था।
ऐसे चलता था पूरा नेटवर्क
जांच में सामने आया कि यह कोई छोटा-मोटा काम नहीं था, बल्कि एक सुव्यवस्थित नेटवर्क की तरह संचालित हो रहा था।
कच्चा माल अलग-अलग जगहों से मंगाया जाता था
तहखाने में हथियारों का निर्माण होता था
तैयार पिस्टल को अलग-अलग शहरों में सप्लाई किया जाता था
मुनाफा सभी सदस्यों में बांटा जाता था
इस नेटवर्क की खास बात यह थी कि बाहर से देखने पर घर बिल्कुल सामान्य लगता था, जिससे किसी को शक नहीं होता था।
11 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की और कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इनमें लिसाड़ीगेट, ब्रह्मपुरी, टीपीनगर, बागपत और मुजफ्फरनगर के रहने वाले लोग शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, ये सभी शातिर अपराधी हैं और कई के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
क्या-क्या बरामद हुआ?
छापेमारी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में हथियार और उपकरण मिले, जिनमें शामिल हैं:
8 तैयार पिस्टल (.32 बोर)
3 अधबनी पिस्टल
2 स्लाइड
2 बैरल
12 मैगजीन
हथियार बनाने के औजार: ग्राइंडर, आरी, हथौड़ी, शिकंजा, रेती आदि
यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि यह फैक्ट्री बड़े पैमाने पर अवैध हथियार तैयार कर रही थी।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने इस मामले में थाना लोहियानगर में मुकदमा दर्ज कर लिया है और सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है—इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और जल्द ही और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
मेरठ में सामने आया यह मामला केवल एक छापेमारी नहीं, बल्कि संगठित अपराध के एक बड़े नेटवर्क का संकेत है। जिस तरह एक साधारण घर के अंदर तहखाने में हथियारों की फैक्ट्री चलाई जा रही थी, वह कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती है।
हालांकि, पुलिस की तत्परता से इस पूरे रैकेट का खुलासा हुआ और बड़ी संख्या में हथियार जब्त किए गए, जिससे संभावित अपराधों को रोका जा सका।
In a major crackdown, Meerut police uncovered a hidden illegal arms factory operating from a secret basement beneath a bed inside a residential house. Acting on intelligence, SWAT and surveillance teams arrested 11 accused and seized multiple pistols, gun parts, and manufacturing tools. The incident highlights the growing concern of illegal weapons manufacturing and organized crime networks in India, especially in Uttar Pradesh. Authorities are now expanding the investigation to trace the wider arms supply chain and potential criminal links.


















