गाजियाबाद में पत्रकारों का आंदोलन चौथे दिन भी जारी, बारिश और तूफान भी नहीं तोड़ सके हौसला
AIN NEWS 1 गाजियाबाद: जिला मुख्यालय के बाहर पत्रकारों द्वारा अपनी मांगों को लेकर शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। लगातार खराब मौसम, तेज आंधी और भारी बारिश के बावजूद पत्रकार धरना स्थल पर डटे रहे। आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
गुरुवार देर रात अचानक बदले मौसम ने धरना स्थल की व्यवस्थाओं को प्रभावित जरूर किया, लेकिन पत्रकारों के हौसले कमजोर नहीं पड़े। तेज हवाओं और बारिश के बीच कई पत्रकार पूरी रात धरना स्थल पर मौजूद रहे। कुछ स्थानों पर अस्थायी इंतजाम किए गए, जबकि कई पत्रकार खुले आसमान के नीचे ही अपनी आवाज बुलंद करते रहे।
पत्रकारों का कहना है कि यह आंदोलन केवल व्यक्तिगत मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के अधिकारों से जुड़ा हुआ है। उनका आरोप है कि पत्रकारों के खिलाफ की गई कार्रवाई और दर्ज किए गए मुकदमों को लेकर प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
ACP सूर्यबली पहुंचे धरना स्थल, पत्रकारों का जाना हाल
आंदोलन के चौथे दिन कविनगर के एसीपी सूर्यबली धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं वरिष्ठ पत्रकार अपूर्वा चौधरी से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
एसीपी के पहुंचने के बाद धरना स्थल पर मौजूद पत्रकारों ने अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के सामने रखीं। पत्रकारों ने उम्मीद जताई कि उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
समाजसेवियों और राजनीतिक नेताओं का मिला समर्थन
जैसे-जैसे पत्रकारों का धरना आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इसे विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक वर्गों का समर्थन भी मिल रहा है।
शुक्रवार को कई समाजसेवी, राजनीतिक कार्यकर्ता और वरिष्ठ पत्रकार धरना स्थल पर पहुंचे और पत्रकारों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
समर्थन देने वालों में वरिष्ठ समाजसेवी महेश आहुजा, कांग्रेस नेता विनीत त्यागी सहित वरिष्ठ पत्रकार अनुज चौधरी, शक्ति सिंह और रोहित सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे।
सभी ने पत्रकारों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण विषय हैं। उन्होंने आंदोलन कर रहे पत्रकारों को हर संभव सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया।
अपूर्वा चौधरी ने कहा- पत्रकारों की आवाज दबाई नहीं जा सकती
धरना स्थल पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार अपूर्वा चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आंधी, बारिश और विपरीत परिस्थितियां भी न्याय की इस लड़ाई को रोक नहीं सकतीं। पत्रकार एकजुट हैं और अपनी मांगों को लेकर मजबूती से खड़े रहेंगे।
अपूर्वा चौधरी ने कहा कि पत्रकारों के साथ अन्याय और उत्पीड़न किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
रातभर चली रणनीति पर चर्चा
गुरुवार रात खराब मौसम के बावजूद धरना स्थल पर पत्रकारों ने अपनी आगे की रणनीति को लेकर चर्चा की। मौजूद पत्रकारों ने कहा कि यदि प्रशासन समय रहते उनकी शिकायतों पर ध्यान देता तो उन्हें सड़क पर इस तरह रात बिताने की स्थिति नहीं आती।
धरना स्थल पर मौजूद पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि यह संघर्ष केवल कुछ लोगों का मुद्दा नहीं है, बल्कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता और सम्मान से जुड़ा विषय है।
बड़ी संख्या में पत्रकार रहे मौजूद
धरने में पंकज शर्मा, पवन चौधरी, विकास कुमार, ब्रजभूषण, सतीश कुमार, राजीव सिंह, रिहान जैदी, सुमन मिश्रा, उमेश त्यागी, महेश त्यागी, ब्रजभूषण शर्मा, ज्ञान भारद्वाज, सविता चौधरी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
सभी पत्रकारों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती और कथित रूप से दर्ज किए गए फर्जी मुकदमों को वापस लेने तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग पूरी नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
आंदोलन का अगला चरण क्या होगा?
पत्रकारों ने संकेत दिए हैं कि यदि प्रशासन की ओर से जल्द कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। फिलहाल जिला मुख्यालय के बाहर धरना लगातार जारी है और पत्रकार अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं।
The Ghaziabad journalists protest has entered its fourth day as media professionals continue their indefinite strike outside the district headquarters. Despite heavy rain, storm and difficult weather conditions, journalists remained firm in their demand for justice and action against alleged misconduct by officials. ACP Suryabali visited the protest site and interacted with senior journalist Apoorva Chaudhary. The protest has received support from social workers, political leaders and senior journalists, highlighting concerns related to press freedom, journalist safety and fair administration in Uttar Pradesh.


















