कांवड़ यात्रा 2026: मेरठ और दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले रोडवेज यात्रियों के लिए नई व्यवस्था, जानिए कितना बढ़ा किराया और कौन-कौन से रूट बदले
AIN NEWS 1 मेरठ। सावन माह में चल रही कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासन और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में रोडवेज बसों के संचालन में बड़ा बदलाव किया है। भारी संख्या में कांवड़ियों की आवाजाही को देखते हुए बसों के रूट बदल दिए गए हैं। इसके साथ ही लंबी दूरी तय करने की वजह से कुछ प्रमुख मार्गों पर रोडवेज बसों का किराया भी बढ़ा दिया गया है।
यात्रियों की सुविधा और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने अस्थायी बस अड्डे भी बनाए हैं, जहां से विभिन्न जिलों के लिए बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा कांवड़ यात्रा के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 240 अतिरिक्त बसें भी चलाई जा रही हैं।
बुधवार रात से लागू हुई नई व्यवस्था
प्रशासन के निर्देशानुसार बुधवार रात 8 बजे के बाद मेरठ के भैंसाली बस अड्डे और मेरठ डिपो का संचालन अस्थायी रूप से सोहराब गेट बस अड्डे से शुरू कर दिया गया। इसके साथ ही कई बसों का संचालन पांच अस्थायी बस अड्डों से भी किया जा रहा है।
इस बदलाव का उद्देश्य शहर के अंदर ट्रैफिक दबाव कम करना और कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराना है।

मेरठ से हरिद्वार जाने वालों को देना होगा अधिक किराया
रूट बदलने के कारण बसों को पहले की तुलना में लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इसी वजह से रोडवेज ने किराए में भी संशोधन किया है।
अब मेरठ से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को पहले के मुकाबले ₹7 अधिक किराया देना होगा।
पहले किराया: ₹260
नया किराया: ₹267
हालांकि यह वृद्धि सीमित है, लेकिन लाखों यात्रियों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
दिल्ली से हरिद्वार जाने वालों पर ज्यादा असर
दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों के लिए किराए में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि की गई है।
पहले किराया: ₹385
नया किराया: ₹413
यानी यात्रियों को अब ₹28 अतिरिक्त भुगतान करना होगा। इसकी वजह बसों का लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना बताया गया है।
किन रास्तों से चलेंगी बसें?
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार अब बसों का संचालन निम्नलिखित मार्गों से किया जाएगा—
दिल्ली जाने वाली बसें
सोहराब गेट बस अड्डे से चलने वाली बसें अब हापुड़ रोड होते हुए मोदीनगर के रास्ते दिल्ली जाएंगी।
हरिद्वार जाने वाली बसें
मेरठ से हरिद्वार जाने वाली रोडवेज बसें अब मवाना, बिजनौर और नजीबाबाद के रास्ते हरिद्वार पहुंचेंगी। वापसी के दौरान भी यही मार्ग अपनाया जाएगा।
इस बदलाव से यात्रा की दूरी बढ़ गई है, जिसके कारण किराए में संशोधन किया गया है।
इन रूटों पर यात्रियों को मिलेगी राहत
जहां हरिद्वार और दिल्ली मार्ग पर किराया बढ़ा है, वहीं कुछ अन्य रूटों पर यात्रियों को राहत भी मिलेगी।
मेरठ से बागपत, बड़ौत और शामली जाने वाली बसों का संचालन दिल्ली-रुड़की हाईवे स्थित अस्थायी बस अड्डों से किया जाएगा। दूरी कम होने के कारण इन मार्गों पर किराए में मामूली कमी आने की संभावना है।
इसके अलावा मेरठ से देहरादून जाने वाली बसों को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से संचालित किया जाएगा, जिससे यात्रा अपेक्षाकृत आसान होगी।
पांच अस्थायी बस अड्डों से होगा संचालन
कांवड़ यात्रा के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए मेरठ में पांच अस्थायी बस अड्डे बनाए गए हैं।
1. बागपत बाईपास यहां से भैंसाली और मेरठ डिपो की बसें बालैनी की ओर जाएंगी।
2. बड़ौत बाईपास यहां से बड़ौत के लिए बड़ी संख्या में रोडवेज बसों का संचालन होगा।
3. कंकरखेड़ा बाईपास यहां से शामली और सरधना रूट की बसें संचालित की जाएंगी।
4. पुरा महादेव (बालैनी) यहां से बड़ौत के लिए लगभग 36 बसें चलाई जाएंगी।
5. मवाना मवाना से हरिद्वार जाने वाली लगभग 50 बसों का संचालन किया जाएगा।
इन अस्थायी बस अड्डों का उद्देश्य शहर के भीतर ट्रैफिक कम करना और यात्रियों को सुगम परिवहन उपलब्ध कराना है।
240 अतिरिक्त बसें चलाने का फैसला
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान यात्रियों की संख्या को देखते हुए 240 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है।
इन अतिरिक्त बसों का संचालन प्रमुख रूप से निम्नलिखित मार्गों पर किया जाएगा—
मेरठ–हरिद्वार
दिल्ली–हरिद्वार
गढ़–हरिद्वार
बड़ौत–हरिद्वार
इन बसों के संचालन से यात्रियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
प्रशासन ने यात्रियों से की अपील
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपने बस रूट और प्रस्थान स्थल की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था में समय-समय पर बदलाव किए जा सकते हैं। इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें और निर्धारित अस्थायी बस अड्डों से ही यात्रा करें।
यात्रियों को किन बातों का रखना होगा ध्यान?
यात्रा से पहले बस का नया रूट जरूर पता करें।
अस्थायी बस अड्डों की जानकारी पहले से प्राप्त करें।
टिकट और पहचान पत्र साथ रखें।
ट्रैफिक डायवर्जन के कारण यात्रा में अतिरिक्त समय लग सकता है।
प्रशासन और रोडवेज कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें।
कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान मेरठ और दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों के लिए रोडवेज संचालन में व्यापक बदलाव किए गए हैं। रूट बदलने से कुछ मार्गों पर किराया बढ़ा है, जबकि कई रूटों पर अस्थायी बस अड्डों से संचालन शुरू किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए 240 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था भी की गई है। यदि आप इन दिनों हरिद्वार, दिल्ली या पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसी भी शहर की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा से पहले नवीनतम रूट और किराए की जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक बनी रहे।
During Kanwar Yatra 2026, the Uttar Pradesh State Road Transport Corporation (UPSRTC) has implemented major route diversions and bus fare revisions for passengers traveling from Meerut to Haridwar and Delhi to Haridwar. Due to increased travel distance, the Meerut-Haridwar bus fare has increased to ₹267, while the Delhi-Haridwar fare has risen to ₹413. The transport department has also deployed 240 additional buses, introduced temporary bus stands, and diverted buses through alternate routes to ensure smooth traffic management and safe travel during the annual Kanwar pilgrimage. This update is essential for commuters planning to travel across western Uttar Pradesh during the festival season.



















