महोबा कोचिंग सेंटरों पर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बड़ी राहत, एक महीने में पूरे करने होंगे सुरक्षा मानक
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में कोचिंग संस्थानों को लेकर चल रही कार्रवाई के बीच छात्रों और संचालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लखनऊ में हुए कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज कर दी थी। इसी अभियान के तहत महोबा में भी कई कोचिंग संस्थानों को सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर सील कर दिया गया था। अब छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसे देखते हुए सील किए गए कोचिंग सेंटरों को दोबारा खोलने के निर्देश दिए गए हैं।
चरखारी विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर इस मामले में हस्तक्षेप किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बंद किए गए कोचिंग संस्थानों को 24 घंटे के भीतर दोबारा संचालित कराया जाए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी कोचिंग संचालकों को सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

लखनऊ अग्निकांड के बाद महोबा में हुई थी सख्त कार्रवाई
दरअसल, राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद प्रदेश सरकार और प्रशासन ने सभी जिलों में कोचिंग संस्थानों की जांच के निर्देश दिए थे। प्रशासनिक टीमों ने फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा, प्रवेश और निकास व्यवस्था समेत कई बिंदुओं पर जांच शुरू की थी।
महोबा जिला प्रशासन ने भी अभियान चलाकर कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान जिन संस्थानों में सुरक्षा नियमों की कमी मिली, उन्हें तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था, लेकिन बड़ी संख्या में छात्रों की पढ़ाई रुकने से समस्या खड़ी हो गई।
कोचिंग संचालकों का कहना था कि अचानक संस्थान बंद होने से प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य कक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर कोचिंग संचालकों ने विधायक ब्रजभूषण राजपूत से मुलाकात कर समाधान की मांग की।
विधायक ने अधिकारियों के साथ की महत्वपूर्ण बैठक
छात्रों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने महोबा शहर के एक निजी गेस्ट हाउस में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सदर एसडीएम शिवध्यान पांडे और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान विधायक ने कहा कि सुरक्षा नियमों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा, लेकिन छात्रों की शिक्षा भी बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे कोचिंग संस्थान सुरक्षा मानकों को पूरा करते हुए जल्द से जल्द दोबारा शुरू हो सकें।
कोचिंग संचालकों को मिला एक महीने का समय
विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने कोचिंग संचालकों को राहत देते हुए सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए एक महीने का समय देने की बात कही है। इस अवधि में संचालकों को फायर सेफ्टी उपकरण, सुरक्षित निकासी मार्ग, भवन संबंधी जरूरी दस्तावेज और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करनी होंगी।
उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि कोचिंग संचालकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कराने की व्यवस्था की जाए, जिससे अनुमति और दस्तावेजों से जुड़े काम तेजी से पूरे हो सकें।
छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देने की अपील
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि किसी भी कार्रवाई का सबसे ज्यादा असर छात्रों पर नहीं पड़ना चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र पहले ही सीमित समय और संसाधनों में मेहनत करते हैं। ऐसे में लंबे समय तक कोचिंग बंद रहने से उनकी पढ़ाई और तैयारी प्रभावित हो सकती है।
विधायक ने अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है, लेकिन छात्रों की शिक्षा व्यवस्था भी लगातार चलती रहनी चाहिए। इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए कोचिंग सेंटरों को दोबारा खोलने का निर्णय लिया गया है।
कोचिंग यूनियन ने जताई खुशी
महोबा कोचिंग यूनियन के अध्यक्ष विकास कुमार ने प्रशासन और विधायक की पहल का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की परेशानी को देखते हुए यह एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने भरोसा जताया कि कोचिंग संचालक जल्द से जल्द सभी सुरक्षा मानकों को पूरा करेंगे और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन की निगरानी रहेगी जारी
हालांकि कोचिंग सेंटरों को दोबारा खोलने की अनुमति दी जा रही है, लेकिन प्रशासन की निगरानी लगातार जारी रहेगी। अधिकारियों द्वारा समय-समय पर संस्थानों की जांच की जाएगी ताकि सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
महोबा प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की इस पहल से जहां छात्रों को राहत मिली है, वहीं कोचिंग संचालकों को भी अपनी व्यवस्थाएं सुधारने का अवसर मिला है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि एक महीने के भीतर कितने संस्थान सुरक्षा मानकों को पूरा कर पाते हैं।
Mahoba coaching centres are set to reopen within 24 hours after BJP MLA Brijbhushan Rajput directed the district administration to restore classes for students. Following the Lucknow coaching centre fire incident, several institutes in Mahoba were sealed due to safety violations. The administration has now allowed reopening while giving coaching operators one month to complete fire safety and other required standards. This decision aims to protect student education while ensuring safety compliance in Uttar Pradesh coaching institutes.


















