AIN NEWS 1तिरुवनंतपुरम: केरल में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। राज्य में सरकारी कार्यक्रमों के दौरान ‘वंदे मातरम’ के पूरे गीत के बजाय सिर्फ शुरुआती दो अंतरों के गायन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन और कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने कहा है कि राज्य में सरकारी कार्यक्रमों में पहले की तरह ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाएंगे।
‘केरल में इस जन्म में पूरा वंदे मातरम नहीं गाया जाएगा’
कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने इस मुद्दे पर बेहद तीखा बयान दिया। एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि केरल में इस जन्म में पूरा ‘वंदे मातरम’ नहीं गाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्य सचिव की ओर से पूरे राष्ट्रगीत के गायन को लेकर जारी निर्देश की जानकारी नहीं थी। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी की ओर से गोली मारने की धमकी दिए जाने के बावजूद भी केरल में ‘वंदे मातरम’ उसी तरह गाया जाएगा, जैसे अब तक गाया जाता रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने भी शुरुआती दो अंतरों की बात कही
केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने भी कहा कि राज्य सरकार के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि केरल में यह पहले से चली आ रही परंपरा है और सरकारी कार्यक्रमों में हमेशा की तरह शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाएंगे। राज्य सरकार इसी परंपरा को आगे भी जारी रखेगी।
मुख्य सचिव के पत्र से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद केरल के मुख्य सचिव विश्वनाथ सिन्हा की ओर से 6 अगस्त को जारी एक पत्र के बाद सामने आया। पत्र में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत 2026 में होने वाले कार्यक्रमों को ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के देशव्यापी समारोह से जोड़ने की बात कही गई थी।
निर्देशों के अनुसार, इस अभियान के तहत होने वाले भौतिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन और राष्ट्रीय ध्वज फहराने या उसे प्रदर्शित करने की गतिविधियां शामिल होंगी।
इस फैसले को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति की मंजूरी मिलने की बात भी पत्र में कही गई थी।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सेल्फी भी
अभियान के तहत डिजिटल भागीदारी के लिए ‘हर घर तिरंगा’ पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा। नागरिक पोर्टल पर तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी भी अपलोड कर सकेंगे।
यह अभियान 9 अगस्त से 17 अगस्त तक चलाया जा रहा है। पत्र में यह भी कहा गया है कि ‘वंदे मातरम’ के गायन से जुड़े मामलों में भारत सरकार की ओर से जारी निर्देशों का पालन किया जाएगा।
क्यों बढ़ा विवाद?
केरल सरकार की ओर से ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो अंतरों के गायन की बात कहे जाने के बाद केंद्र के निर्देशों और राज्य के रुख को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन के तीखे बयान ने इस विवाद को और चर्चा में ला दिया है।
मुख्य बातें
- केरल में ‘वंदे मातरम’ के पूरे गीत के गायन को लेकर विवाद बढ़ा है।
- स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने सरकारी कार्यक्रमों में शुरुआती दो अंतरे गाने की बात कही है।
- कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने कहा कि केरल में पूरा ‘वंदे मातरम’ नहीं गाया जाएगा।
- विवाद मुख्य सचिव के 6 अगस्त के पत्र के बाद सामने आया, जिसमें अभियान के दौरान ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गायन और तिरंगा प्रदर्शित करने की बात कही गई थी।



















