नमस्कार,
पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनकी कार पर हमला किया गया। घटना में उनकी जान भी जा सकती थी। झारखंड सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों की कई मांगे मान ली हैं। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि ईरान के सुप्रीम लीडर का वीडियो ऐसे समय सामने जब उनकी मौत होने का दावा किया जा रहा था।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
1. शराब नीति केस में अरविंद केजरीवाल की जमानत के खिलाफ ED की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई।
2. झारखंड में PSC परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर विधानसभा का घेराव।
कल की बड़ी खबरें:
1. ममता बनर्जी का दावा: कार पर पथराव हुआ, खिड़की खुली होती तो जान भी जा सकती थी
मुख्य बिंदु
- ममता बनर्जी ने उत्तर 24 परगना के बिजपुर में अपनी कार पर हमले का आरोप लगाया।
- उन्होंने कहा कि भीड़ ने कार रोकी और मिट्टी, कीचड़, जूते-पत्थर फेंके।
- ममता के मुताबिक, अगर कार की खिड़की खुली होती तो उनकी जान को खतरा हो सकता था।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि उत्तर 24 परगना के बिजपुर में उनकी कार को भीड़ ने घेर लिया और उस पर पथराव किया गया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद लोगों ने उनकी गाड़ी को रोककर उस पर मिट्टी, कीचड़, जूते और पत्थर फेंके।
ममता बनर्जी ने कहा कि इस घटना के दौरान स्थिति बेहद गंभीर थी। उनका दावा है कि अगर कार की खिड़की खुली होती तो पत्थर लगने से उनकी जान भी जा सकती थी।
उन्होंने इस घटना को साजिश बताते हुए कहा कि उन्होंने पुलिस को पहले ही अपने आने की जानकारी दी थी, इसके बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। ममता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है।
ममता को अभी भी Z+ सुरक्षा
मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी ममता बनर्जी को Z+ सुरक्षा मिली हुई है। मई 2026 में पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद उनके आवास के बाहर अतिरिक्त पुलिस व्यवस्था में कमी की गई, लेकिन उनकी Z+ सुरक्षा बरकरार रही।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी सुरक्षा में करीब 55 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं।
2. JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: छात्रों की 98% मांगों पर सहमति, CGL परीक्षा रद्द करने पर फैसला नहीं

मुख्य बिंदु
- JPSC-PT परीक्षा रद्द करने की मांग पर सरकार ने सहमति जताई।
- JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।
- मामले की जांच रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कराने की बात सामने आई।
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों और सरकार के बीच चल रहे विवाद में एक अहम बैठक हुई। छात्रों और सरकार के बीच हुई तीसरे दौर की बातचीत में कई मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई है।
छात्रों के मुताबिक, JPSC-PT परीक्षा को रद्द करने की मांग पर सरकार ने सहमति जताई है। वहीं JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति नहीं बन पाई।
सरकार की ओर से मामले की जांच रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कराने की बात कही गई है। सरकार का दावा है कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगों को मान लिया गया है।
हालांकि, CGL परीक्षा को लेकर विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। छात्रों की प्रमुख मांग परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जरूरत पड़ने पर परीक्षा दोबारा कराने की है।
3. अतीक अहमद के बेटे के काफिले पर कार्रवाई: 30 गाड़ियों के खिलाफ FIR, टोल बैरियर तोड़ने का आरोप
मुख्य बिंदु
- अतीक अहमद के बेटे अबान के अंतिम संस्कार में उसके भाई उमर और अली भी शामिल हुए।
- काफिले की कई गाड़ियों पर टोल बैरियर तोड़कर निकलने का आरोप लगा।
- प्रयागराज और प्रतापगढ़ पुलिस ने करीब 30 गाड़ियों और उनके ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई की।
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान के अंतिम संस्कार में जेल में बंद उसके भाई उमर और अली भी शामिल हुए। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग और वाहन काफिले में शामिल थे।
इसी काफिले को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। प्रयागराज और प्रतापगढ़ पुलिस ने काफिले में शामिल गाड़ियों और उनके ड्राइवरों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
प्रयागराज में नवाबगंज टोल प्लाजा के असिस्टेंट मैनेजर जय प्रकाश यादव के मुताबिक, काफिले की करीब 28 गाड़ियां बिना टोल शुल्क दिए बैरियर तोड़कर निकल गईं। कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो कथित तौर पर उनके साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की गई।
शिकायत के आधार पर नवाबगंज पुलिस ने मामला दर्ज किया। इससे पहले प्रतापगढ़ पुलिस भी काफिले की दो गाड़ियों के खिलाफ केस दर्ज कर चुकी थी।
4. शशि थरूर के बयान पर कांग्रेस में घमासान, वेणुगोपाल बोले- BJP को खुश करने वाले बयान से बचें नेता

मुख्य बिंदु
- कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी नेताओं को बयानबाजी में सावधानी बरतने की सलाह दी।
- विवाद शशि थरूर की राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर की गई टिप्पणी से जुड़ा है।
- वेणुगोपाल ने कहा कि किसी नेता के बयान से BJP को फायदा नहीं मिलना चाहिए।
कांग्रेस में शशि थरूर की एक टिप्पणी को लेकर अंदरूनी खींचतान देखने को मिली है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी नेताओं को ऐसे बयान देने से बचने की सलाह दी, जिनसे भारतीय जनता पार्टी को राजनीतिक फायदा मिल सके।
दरअसल, शशि थरूर ने राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर टिप्पणी की थी। उनका बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया और कुछ मीडिया चैनलों पर इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई।
वेणुगोपाल ने कहा कि उन्हें थरूर का बयान पूरी तरह सुनाई नहीं दिया है, इसलिए इस पर सीधे टिप्पणी करने के बजाय थरूर से ही पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने वास्तव में क्या कहा था।
उन्होंने पार्टी नेताओं को यह संदेश भी दिया कि सार्वजनिक बयान देते समय संगठन और पार्टी की राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखना चाहिए।
5. ईरान के नए सुप्रीम लीडर का पहला वीडियो सामने आया, युद्ध के बीच लोगों से करते दिखे बातचीत

मुख्य बिंदु
- ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का एक वीडियो सामने आया है।
- वीडियो में वे कुछ लोगों के बीच बैठे और बातचीत करते नजर आ रहे हैं।
- युद्ध के बीच लंबे समय बाद उनके सार्वजनिक रूप से नजर आने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे कुछ लोगों के बीच बैठकर बातचीत करते नजर आ रहे हैं। ईरानी न्यूज एजेंसी मेहर ने यह वीडियो जारी किया है।
यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब ईरान युद्ध की स्थिति से गुजर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम लीडर बनने के बाद यह उनका पहला सामने आया वीडियो है।
हालांकि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। पिछले कुछ दिनों से मुजतबा खामेनेई की गतिविधियों को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। ऐसे में उनका वीडियो सामने आना ईरान की मौजूदा स्थिति के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
6. बृजभूषण यौन उत्पीड़न केस में बरी क्यों हुए? कोर्ट के फैसले पर उठे सवाल, गवाहियों में सामने आईं विसंगतियां
मुख्य बिंदु
- महिला पहलवानों की शिकायतों से जुड़े मामले में बृजभूषण शरण सिंह को अदालत से राहत मिली।
- बचाव पक्ष के वकीलों ने गवाहियों और आरोपों में कथित विसंगतियों को फैसले का प्रमुख आधार बताया।
- मामले में गवाहों के बयानों और घटनाक्रम को लेकर सवाल उठे।
महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को अदालत से राहत मिलने के बाद एक बार फिर यह सवाल चर्चा में है कि उन्हें किन आधारों पर बरी किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से गवाहों के बयानों और घटनाओं के विवरण में कथित विरोधाभासों को प्रमुखता से उठाया गया था।
बचाव पक्ष के वकीलों के मुताबिक, मुख्य शिकायतकर्ता और अन्य गवाहों के बयानों में कुछ महत्वपूर्ण अंतर थे। इन बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों को अदालत ने मामले का फैसला करते समय ध्यान में रखा।
यह वही मामला है जिसके विरोध में महिला पहलवानों ने दिल्ली में लंबे समय तक प्रदर्शन किया था और मामला देशभर में राजनीतिक बहस का मुद्दा बना था।
7. H-1B वीजा वालों की नौकरी गई तो अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है, नई नौकरी के लिए 60 दिन की समयसीमा पर विचार
मुख्य बिंदु
- H-1B वीजा पर अमेरिका में काम कर रहे विदेशी कर्मचारियों के लिए नियम सख्त हो सकते हैं।
- नौकरी जाने के बाद नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली 60 दिन की अवधि में बदलाव का प्रस्ताव सामने आया है।
- नियम बदलने पर नौकरी गंवाने वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए अमेरिका में रहना मुश्किल हो सकता है।
अमेरिका में H-1B वीजा पर काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सरकार नौकरी जाने के बाद नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली 60 दिन की अवधि को खत्म करने या उसमें बदलाव करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।
मौजूदा व्यवस्था के तहत H-1B वीजा धारक की नौकरी खत्म होने के बाद उसे सीमित अवधि में नया नियोक्ता तलाशने का मौका मिलता है। प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर इस प्रक्रिया को और सख्त किया जा सकता है।
इसका सीधा असर उन विदेशी कर्मचारियों पर पड़ सकता है जो नौकरी जाने के बाद अमेरिका में रहकर नई नौकरी तलाशते हैं। खासकर भारतीय IT प्रोफेशनल्स के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय कर्मचारी H-1B वीजा के जरिए अमेरिका में काम करते हैं।
प्रस्ताव फिलहाल अमेरिकी प्रशासन के स्तर पर विचाराधीन बताया जा रहा है। अंतिम नियम लागू होने के बाद ही इसके वास्तविक प्रभाव स्पष्ट होंगे।
8. PoK में चुनाव टले: विरोध-प्रदर्शन के बीच मतदान अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, PML-N को अब तक 24 सीटें

मुख्य बिंदु
- पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 10 अगस्त को प्रस्तावित मतदान टाल दिया गया।
- लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच चुनाव को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
- PoK विधानसभा में कुल 45 सीटों पर चुनाव होना था।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 10 अगस्त को होने वाला विधानसभा चुनाव फिलहाल टाल दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्षेत्र में लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के कारण चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया था।
PoK विधानसभा में कुल 45 सीटें हैं, जिन पर चुनाव होना प्रस्तावित था। हालांकि विरोध-प्रदर्शनों और तनावपूर्ण हालात के बीच मतदान को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।
चुनाव से पहले पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) को अब तक 24 सीटें मिलने की बात सामने आई थी। चुनाव प्रक्रिया आगे कब शुरू होगी, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
PoK में चुनाव टलने से राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है और आने वाले दिनों में सरकार की ओर से चुनाव की नई तारीख घोषित किए जाने का इंतजार है।



















