रांची में छात्रों का विधानसभा मार्च, CGL परीक्षा और CBI जांच पर नहीं बनी सहमति
AIN NEWS 1 रांची: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब बड़े टकराव के दौर में पहुंच गया है। सोमवार, 10 अगस्त को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी छात्र रांची में विधानसभा की ओर मार्च करने निकले। छात्रों की मुख्य मांगों में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, JSSC-CGL परीक्षा से जुड़े विवाद का समाधान और पूरे मामले की CBI जांच शामिल है। सरकार और छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद सबसे अहम मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।
जानकारी के मुताबिक, छात्र पुरानी विधानसभा के पास जुटकर नई विधानसभा की ओर मार्च करने की तैयारी में थे। प्रशासन ने विधानसभा क्षेत्र की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग की गई थी। मार्च के दौरान पुलिस ने पहली बैरिकेडिंग पर छात्रों को रोक दिया। मौके पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात रहे।

17 दिनों से जारी है छात्रों का आंदोलन
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन 25 जुलाई से रांची में जारी है। छात्र जयपाल सिंह स्टेडियम के आसपास धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगें उठा रहे हैं। इस दौरान आंदोलन से जुड़े छात्र नेताओं ने सरकार पर लगातार दबाव बनाया है।
छात्रों का कहना है कि सरकारी नौकरी की परीक्षा उनके भविष्य से जुड़ा विषय है। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी या संदेह की स्थिति में पारदर्शी और स्वतंत्र जांच जरूरी है। आंदोलनकारी खास तौर पर JSSC-CGL परीक्षा को लेकर CBI जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर हैं। सरकार की ओर से उन्हें अनशन खत्म करने और आंदोलन वापस लेने की अपील की गई है, लेकिन छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार का दावा- 98 फीसदी मांगें मानी गईं
रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का छठा दौर हुआ। करीब पांच घंटे तक चली चर्चा में सरकार की ओर से छात्रों की कई मांगों पर सहमति जताई गई।
राज्य सरकार का कहना है कि छात्रों की लगभग 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं। इनमें 14वीं JPSC परीक्षा और ACF परीक्षा को रद्द करने, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, संबंधित एजेंसियों की जांच और भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी बनाने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाने की बात भी कही है। इसमें IIT-ISM धनबाद, IIM रांची और XLRI जमशेदपुर के विशेषज्ञों को शामिल करने का प्रस्ताव बताया गया है। इसके अलावा JSSC-CGL में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति बनाने पर भी सहमति जताई गई है।
लेकिन CBI जांच पर अटक गई पूरी बातचीत
छात्र आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा अब CBI जांच बन गया है। सरकार का कहना है कि JSSC-CGL परीक्षा से जुड़े मामले में सीधे CBI जांच की मांग स्वीकार करना उसके लिए आसान नहीं है। सरकार की ओर से तर्क दिया गया है कि परीक्षा न्यायिक निगरानी के दायरे में हुई थी।
वहीं छात्रों का कहना है कि जब तक पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष केंद्रीय जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। यही वजह है कि सरकार द्वारा अन्य मांगों पर सहमति जताने के बावजूद प्रदर्शनकारी विधानसभा मार्च के फैसले से पीछे नहीं हटे।
सरकार ने JPSC से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की ED जांच की सिफारिश करने की बात कही है। साथ ही परीक्षा संबंधी मामलों को तेजी से निपटाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और तय समय सीमा में चार्जशीट दाखिल करने की बात भी सामने आई है।
JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा
छात्र आंदोलन के बीच JPSC से जुड़ा घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण रहा। आयोग के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल ने इन इस्तीफों को स्वीकार कर लिया है।
इन सदस्यों को कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने पूछताछ के लिए भी बुलाया है। रिपोर्ट के अनुसार, अलग-अलग तारीखों पर इनसे पूछताछ होनी है। इससे भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी का मुद्दा और गंभीर हो गया है।
विधानसभा मार्च को लेकर प्रशासन अलर्ट
छात्रों के विधानसभा मार्च के ऐलान के बाद रांची प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। नई विधानसभा के आसपास निषेधाज्ञा लागू की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी तरह का गैरकानूनी या हिंसक प्रदर्शन करने पर कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा की तरफ जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई है। छात्रों की आवाजाही और दूसरे जिलों से रांची पहुंचने वाले वाहनों की भी जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।
प्रशासन का प्रयास है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे और विधानसभा परिसर की सुरक्षा प्रभावित न हो। वहीं छात्र संगठनों ने भी अपने समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करने की अपील की है।
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विधानसभा मार्च के बीच सियासत भी गरमाई
छात्र आंदोलन अब केवल परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया का मुद्दा नहीं रह गया है। इसके बीच झारखंड की राजनीति भी सक्रिय हो गई है। विपक्षी नेताओं ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया है और सरकार पर युवाओं की शिकायतों को गंभीरता से लेने का दबाव बनाया है।
भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी के आवास पर पार्टी विधायकों की बैठक की खबर भी सामने आई है। दूसरी ओर, सरकार लगातार छात्रों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी प्रदर्शन कर रहे युवाओं को भरोसा दिलाया है कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने पर जोर दिया है। राज्यपाल की ओर से भी छात्रों से बातचीत के रास्ते से समाधान निकालने की अपील की गई है।
छात्रों की मांग और सरकार के बीच अब क्या रास्ता?
फिलहाल पूरा विवाद इस बात पर टिका हुआ है कि JSSC-CGL और संबंधित अनियमितताओं की जांच किस एजेंसी से कराई जाए। सरकार ने कई मांगों को स्वीकार करने और वैकल्पिक जांच व्यवस्था का भरोसा दिया है, जबकि छात्र CBI जांच को अपनी प्रमुख शर्त मान रहे हैं।
यही वजह है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के कई दौर के बाद भी आंदोलन खत्म नहीं हुआ। छात्रों ने साफ किया है कि लिखित और ठोस आश्वासन के बिना वे पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।
रांची में सोमवार को विधानसभा मार्च के दौरान जिस तरह पुलिस ने पहली बैरिकेडिंग पर प्रदर्शनकारियों को रोकना शुरू किया, उससे आने वाले घंटों में स्थिति पर सबकी नजर रहेगी। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती विधानसभा की सुरक्षा के साथ-साथ प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखना है।
फिलहाल छात्रों का आंदोलन जारी है और CBI जांच की मांग पर सरकार तथा प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध बना हुआ है। आने वाले समय में बातचीत से कोई समाधान निकलता है या आंदोलन और तेज होता है, यह देखने वाली बात होगी।
Ranchi student protest has intensified over alleged irregularities in JPSC and JSSC recruitment examinations, particularly the JSSC CGL exam. Students are marching towards the Jharkhand Assembly demanding a CBI investigation and transparent recruitment procedures. The Jharkhand government claims that most of the students’ demands have been accepted, while the dispute remains over the CBI probe. The latest Ranchi Assembly March, student protest, police barricading, JPSC developments and Jharkhand government response are key developments to watch.
नोट: ऊपर की खबर 10 अगस्त 2026 की सुबह तक उपलब्ध रिपोर्टों और अपडेट्स के आधार पर तैयार की गई है। मार्च के दौरान स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए बाद की पुलिस कार्रवाई या सरकार-छात्र वार्ता के अपडेट अलग से जोड़ना बेहतर रहेगा।



















