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बंगाल में घुसपैठ पर अमित शाह का बड़ा दावा, बोले- अब रोज़ 5 से 10 हजार लोग लौट रहे वापस!

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बंगाल में घुसपैठ पर अमित शाह का बड़ा बयान, बोले- अब रोज़ 5 से 10 हजार लोग लौट रहे वापस

AIN NEWS 1: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को गुजरात के अहमदाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल में घुसपैठ को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में राजनीतिक बदलाव के बाद अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। शाह के मुताबिक, पहले जहां हर दिन हजारों की संख्या में घुसपैठिए भारत में प्रवेश करते थे, वहीं अब उतनी ही संख्या में लोग वापस लौटने लगे हैं।

अमित शाह इन दिनों तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा, घुसपैठ, नक्सलवाद और जनसंख्या परिवर्तन जैसे मुद्दों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है और पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं।

बंगाल में दिखने लगा बदलाव: अमित शाह

अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद असर साफ दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में शपथ ली है और उसके कुछ ही दिनों में हालात बदलते नजर आ रहे हैं।

शाह ने कहा कि पहले हर दिन लगभग 5,000 से 10,000 घुसपैठिए सीमा पार कर भारत में आते थे, लेकिन अब स्थिति उलट गई है। उनके अनुसार, अब इतनी ही संख्या में लोग वापस जाने लगे हैं। हालांकि, उन्होंने इस दावे से जुड़े किसी आधिकारिक आंकड़े या रिपोर्ट का जिक्र नहीं किया।

उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा और अवैध घुसपैठ को रोकना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। सरकार लगातार सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि देश की जनसंख्या संरचना और आंतरिक सुरक्षा पर किसी तरह का असर न पड़े।

आंतरिक सुरक्षा में बदलाव का दावा

अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने दावा किया कि आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी गंभीर समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रण में लाया गया है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद करीब पांच दशकों तक देश के लिए बड़ी चुनौती बना रहा, लेकिन अब सरकार ने इसे खत्म करने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं। शाह के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।

गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों और केंद्रीय एजेंसियों ने बीते वर्षों में कई सफल अभियान चलाए हैं, जिनकी वजह से नक्सली गतिविधियों में भारी कमी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले हिंसा और डर का माहौल था, वहां अब विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं।

जनसंख्या परिवर्तन आयोग का गठन

अमित शाह ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित “डेमोग्राफिक चेंज कमीशन” यानी जनसंख्या परिवर्तन आयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने इस आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

शाह के मुताबिक, यह आयोग देश में हो रहे जनसंख्या परिवर्तन का अध्ययन करेगा। साथ ही यह भी जांच करेगा कि किन कारणों से जनसंख्या संतुलन में बदलाव आ रहा है और इसके पीछे कौन-कौन से कारक जिम्मेदार हैं।

उन्होंने कहा कि आयोग कानूनी उपायों और नीतिगत बदलावों पर भी विचार करेगा ताकि देश के सामाजिक और सांस्कृतिक संतुलन को बनाए रखा जा सके। गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि घुसपैठ की वजह से कई इलाकों की जनसांख्यिकी प्रभावित हुई है और सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से देख रही है।

“देश का भविष्य तय करने का अधिकार केवल नागरिकों को”

अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने कहा कि भारत का भविष्य तय करने का अधिकार केवल देश के नागरिकों के पास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश की नीतियों और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर केवल भारतीय नागरिकों का अधिकार है, न कि अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले लोगों का।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखकर फैसले ले रही है। शाह ने यह भी कहा कि सरकार की कोशिश है कि देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित रहें और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

राजनीतिक बयान के बाद बढ़ी चर्चा

अमित शाह के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों की ओर से उनके दावे पर सवाल उठाए जा सकते हैं, क्योंकि उन्होंने अपने बयान में किसी सरकारी आंकड़े या आधिकारिक रिपोर्ट का हवाला नहीं दिया।

वहीं भाजपा समर्थकों का कहना है कि केंद्र सरकार की सख्त नीतियों और सीमा सुरक्षा में बढ़ोतरी का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में घुसपैठ और जनसंख्या परिवर्तन जैसे मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

सीमा सुरक्षा पर सरकार का फोकस

बीते कुछ वर्षों में केंद्र सरकार ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। सीमा पर निगरानी बढ़ाने, तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल और सुरक्षा बलों की तैनाती में भी इजाफा किया गया है।

सरकार का कहना है कि अवैध घुसपैठ सिर्फ सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि इसका असर सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्तर पर भी पड़ता है। यही वजह है कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को लगातार प्रमुखता दे रही है।

अमित शाह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में आंतरिक सुरक्षा, सीमा सुरक्षा और जनसंख्या संतुलन जैसे मुद्दों पर लगातार बहस हो रही है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में घुसपैठ के रुख बदलने का दावा करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों को प्रभावी बताया।

हालांकि, उनके बयान को लेकर राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है, लेकिन इतना साफ है कि आने वाले समय में घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा देश की राजनीति में प्रमुख विषय बना रहेगा।

Union Home Minister Amit Shah stated during a speech in Ahmedabad that after recent political changes in West Bengal, around 5,000 to 10,000 infiltrators are reportedly leaving the state every day. He linked the development to stronger border security, national security measures, and governance changes under the BJP-led Narendra Modi government. Shah also discussed the newly announced Demographic Change Commission, illegal infiltration, and the government’s plan to eliminate Naxalism in India by March 2026.

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