AIN NEWS 1: सुल्तानपुर में जमीन की बिक्री से मिलने वाली करीब 48 लाख रुपये की रकम को लेकर एक युवक की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पत्नी के भाई ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। आरोप है कि पहले पार्टी के बहाने जीजा को बुलाया गया और फिर सुनसान जगह पर ले जाकर दुपट्टे से गला घोंट दिया गया। हत्या के बाद शव को तालाब में फेंक दिया गया।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों को आशंका थी कि जमीन बेचने के बाद मिलने वाली रकम मृतक अपनी पत्नी को नहीं देगा। इसी वजह से आरोपियों ने कथित तौर पर ऐसा रास्ता चुना, जिससे जमीन की रकम बहन को मिल सके। पुलिस ने मामले में मृतक के साले समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कही है।
हालांकि, इस पूरे मामले में हत्या का कारण और 48 लाख रुपये से जुड़ी बातें फिलहाल पुलिस की जांच और आरोपियों से पूछताछ में सामने आए दावों पर आधारित हैं। इसलिए इन्हें अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

2 अगस्त की रात घर से निकला था शाकिब
पुलिस के अनुसार, गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के फरीदपुर निवासी करीब 25 वर्षीय मो. शाकिब अपने ननिहाल लोलेपुर चौहानी में रहता था। बताया गया है कि उसकी नानी ने उसे एक पक्का मकान और हाईवे के किनारे करीब पांच बिस्सा जमीन दी थी।
शाकिब ने इस जमीन को बेचने का सौदा करीब 48 लाख रुपये में किया था। सौदे के दौरान उसे दो लाख रुपये एडवांस मिलने की बात भी सामने आई है। जमीन की बिक्री से मिलने वाली रकम को सुरक्षित रखने के लिए उसने कथित तौर पर नया बैंक खाता खुलवाया था।
इसी बैंक खाते को लेकर बाद में विवाद की स्थिति पैदा होने की बात पुलिस जांच में सामने आई।
2 अगस्त की रात शाकिब अपने घर से बाहर गया था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन यानी 3 अगस्त की सुबह घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित एक तालाब में उसका शव मिला।
शव मिलने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। शरीर पर चोट के निशान भी बताए गए। मृतक के पिता सहबान की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
आखिरी बार साले के साथ देखा गया था
जांच के दौरान पुलिस ने परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, शाकिब को आखिरी बार उसके साले सलमान के साथ देखा गया था। इसके बाद पुलिस का शक सलमान और उसके करीबियों की तरफ गया।
पुलिस ने पूछताछ और जांच के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। इसके बाद विनोबापुरी के सामने महुए के बाग में घेराबंदी कर चार लोगों को पकड़े जाने की जानकारी दी गई।
गिरफ्तार आरोपियों में नकरही निवासी सलमानुल हक उर्फ सलमान, लोलेपुर चौहानी निवासी मो. हुसैन उर्फ झूलू, मो. जीशान और नकराही निवासी सलमान अहमद के नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार इनमें से एक आरोपी मृतक का साला और एक उसका परिचित बताया गया है।
48 लाख रुपये को लेकर क्या था विवाद?
पुलिस की जांच के मुताबिक, शाकिब ने अपनी जमीन करीब 48 लाख रुपये में बेचने का सौदा किया था। इस रकम को बैंक खाते में जमा किया जाना था।
बताया गया है कि शाकिब ने बैंक खाते में अपने मामा के बेटे अदीब अनवर उर्फ गोलू को नॉमिनी बनाया था। जब उसकी पत्नी को इस बात की जानकारी हुई तो उसने कथित तौर पर अपने भाई सलमान को इसकी जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को आशंका थी कि जमीन की बिक्री से मिलने वाली रकम शाकिब अपनी पत्नी को नहीं देगा। उन्हें यह भी डर था कि वह रकम शराब या अन्य निजी खर्चों में इस्तेमाल कर सकता है।
इसी सोच के चलते आरोपियों ने कथित तौर पर शाकिब की हत्या की योजना बनाई।
पार्टी के बहाने बुलाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले शाकिब को मिलने और पार्टी करने के बहाने बुलाया। इसके बाद उसे एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया, जहां उसके तीन साथी पहले से मौजूद थे।
आरोप है कि वहां चारों ने मिलकर शाकिब का गला घोंट दिया। इसके बाद पहचान छिपाने और घटना को छिपाने के उद्देश्य से शव को पास के तालाब में फेंक दिया गया।
अगली सुबह शव मिलने के बाद मामला हत्या की जांच में बदल गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की।
पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले सुरागों और पूछताछ के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्या के पीछे जमीन की रकम से जुड़ी कथित साजिश का खुलासा होने की बात कही है।
इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है। आगे की जांच में यह पता लगाया जाना बाकी है कि हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई, सभी आरोपी किस भूमिका में थे और जमीन की बिक्री से मिलने वाली रकम को लेकर वास्तविक विवाद क्या था।
किसी भी आरोपी को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने तक उसे कानूनन दोषी नहीं माना जा सकता।
पुलिस टीम को मिला पुरस्कार
पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक सुरेश नारायण मिश्र, उपनिरीक्षक अविनाश चंद्र, उपनिरीक्षक अरविंद सिंह, रिजर्व कांस्टेबल रविंद्र कुमार और रिजर्व कांस्टेबल अवधेश गौड़ शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके लिए पुलिस अधीक्षक की ओर से टीम को 25 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई है।
अब आगे क्या होगा?
इस मामले में पुलिस की जांच अभी महत्वपूर्ण चरण में है। 48 लाख रुपये की जमीन की बिक्री, बैंक खाते, नॉमिनी और मृतक की पत्नी के साथ आरोपियों के संबंध जैसे बिंदुओं की जांच आगे की कार्रवाई में अहम हो सकते हैं।
पुलिस यह भी जांच करेगी कि जमीन की बिक्री का सौदा वास्तव में किसके साथ हुआ था, कितनी रकम का भुगतान हो चुका था और बैंक खाते में रकम आने की स्थिति क्या थी। इसके अलावा हत्या में इस्तेमाल किए गए कथित दुपट्टे और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की ओर से चार लोगों की गिरफ्तारी की बात कही गई है। पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर जांच और अदालत में सामने आने वाले साक्ष्यों के बाद ही स्पष्ट होगी।
फैक्ट-चेक नोट: इस खबर में हत्या, 48 लाख रुपये की रकम, बैंक खाते और आरोपियों के कथित मकसद से जुड़ी बातें पुलिस के बताए घटनाक्रम और उपलब्ध रिपोर्टिंग पर आधारित हैं। इन्हें आरोप/पुलिस का दावा मानकर पढ़ा जाना चाहिए। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं।
The Sultanpur jija murder case has shocked Uttar Pradesh, with police alleging that a 25-year-old man was strangled and his body was dumped in a pond following a dispute linked to a ₹48 lakh land deal. Four accused, including the victim’s brother-in-law, have reportedly been arrested. The Sultanpur murder case is being investigated by the police, with the alleged motive involving the distribution of money from the land sale. The case remains subject to investigation and judicial proceedings.



















