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अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद पर VHP का पलटवार, आलोक कुमार बोले- SIT जांच से पीछे नहीं हटेंगे!

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अयोध्या राम मंदिर चंदा घोटाला आरोप: VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने विपक्ष पर साधा निशाना, SIT जांच का किया स्वागत

AIN NEWS 1: अयोध्या में निर्माणाधीन श्रीराम मंदिर से जुड़े चंदे के कथित घोटाले के आरोपों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे को आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।

आलोक कुमार ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि से जुड़ा मामला करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है और इसमें पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी तरह के आरोप लगाए गए हैं तो उनकी जांच होनी चाहिए और जांच एजेंसी के सामने सभी तथ्यों को रखा जाना चाहिए।

VHP ने SIT जांच का किया स्वागत

राम मंदिर चंदा मामले में उठ रहे सवालों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से जांच की मांग किए जाने और विशेष जांच दल (SIT) के गठन का VHP ने स्वागत किया है।

आलोक कुमार ने कहा कि आरोप सामने आते ही ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की जांच के लिए SIT गठित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और SIT में अनुभवी, वरिष्ठ तथा भरोसेमंद अधिकारियों को शामिल किया जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि SIT अयोध्या पहुंच चुकी है और अब मामले की जांच प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। VHP का कहना है कि मंदिर निर्माण और उससे जुड़े सभी आर्थिक मामलों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।

अखिलेश यादव और विपक्ष पर लगाए राजनीतिकरण के आरोप

VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता भगवान राम और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों के प्रति वास्तविक चिंता नहीं रखते, बल्कि चुनावी लाभ के लिए इन विषयों को उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास चंदे में गड़बड़ी से जुड़े ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें SIT के सामने पेश करना चाहिए।

आलोक कुमार ने कहा कि केवल सार्वजनिक मंचों पर आरोप लगाने से सच्चाई सामने नहीं आएगी। आरोप लगाने वालों की जिम्मेदारी है कि वे जांच एजेंसी को प्रमाण उपलब्ध कराएं।

“सबूत नहीं दिए तो आरोपों पर उठेंगे सवाल”

आलोक कुमार ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति या राजनीतिक दल गंभीर आरोप लगाता है तो उसे जांच में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि SIT के सामने सबूत नहीं रखने पर यह माना जाएगा कि आरोप केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित हैं।

उन्होंने दोहराया कि VHP किसी भी जांच से पीछे नहीं हटेगी और सच्चाई सामने आनी चाहिए। संगठन का कहना है कि राम मंदिर से जुड़ा हर कार्य श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़ा है, इसलिए किसी भी तरह की अनियमितता की जांच जरूरी है।

राम मंदिर चंदा विवाद की पृष्ठभूमि

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहयोग राशि दी थी। इसी दौरान कुछ लोगों की ओर से चंदे के लेन-देन को लेकर सवाल उठाए गए। विपक्षी नेताओं ने इस मामले में जांच की मांग की और सरकार व ट्रस्ट से जवाब मांगा।

इन आरोपों के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए SIT जांच का अनुरोध किया। अब जांच एजेंसी आरोपों, दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर मामले की पड़ताल करेगी।

राजनीतिक माहौल में बढ़ी बयानबाजी

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। राम मंदिर मुद्दा पहले से ही राज्य की राजनीति का महत्वपूर्ण विषय रहा है। ऐसे में चंदा विवाद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं।

VHP का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे को चुनावी लाभ के लिए उठा रहा है, जबकि विपक्ष लगातार पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है। आने वाले दिनों में SIT जांच की प्रगति इस विवाद की दिशा तय कर सकती है।

निष्पक्ष जांच पर टिकी निगाहें

राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए चंदे से जुड़े किसी भी विवाद पर लोगों की नजर बनी हुई है। अब सभी की निगाहें SIT की जांच रिपोर्ट और उसके निष्कर्षों पर हैं।

VHP ने साफ कर दिया है कि वह जांच प्रक्रिया का समर्थन करती है और चाहती है कि अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो दोषियों पर कार्रवाई हो। वहीं विपक्ष भी जांच के जरिए सच्चाई सामने आने की बात कह रहा है।

फिलहाल राम मंदिर चंदा विवाद राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बना हुआ है और SIT जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

The Ayodhya Ram Mandir donation controversy has become a major political issue in Uttar Pradesh. VHP International President Alok Kumar has supported the SIT investigation ordered into the alleged irregularities related to Ram Mandir donations. He accused opposition parties including Samajwadi Party and Congress of politicizing the matter ahead of the 2027 UP Assembly Elections. The Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust has demanded a fair probe to maintain transparency and public trust.

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