AIN NEWS 1 हापुड़: हापुड़ के नगर कोतवाली क्षेत्र के बदनौली गांव में तीन दिन पहले हुए पथराव और फायरिंग की घटना ने रविवार को उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब गोली लगने से घायल युवक दीपक की मेरठ में इलाज के दौरान मौत हो गई। दीपक की मौत की खबर गांव पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिजन एकत्र हो गए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध जताया।
स्थिति को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों और मृतक के परिवार से बातचीत की। इसके बाद समझाने-बुझाने पर अंतिम संस्कार कराया गया।
विवाद के बाद हुआ था पथराव और फायरिंग
जानकारी के मुताबिक, बदनौली गांव में दो पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। 4 सितंबर को किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।

इसके बाद पथराव शुरू हुआ और कुछ ही देर में फायरिंग भी होने लगी। अचानक हुई इस हिंसा से गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटना में दीपक समेत कई लोग घायल हुए। दीपक को गोली लगने के बाद उसकी हालत गंभीर बताई गई थी।
स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बाद दीपक को बेहतर इलाज के लिए मेरठ रेफर किया गया था। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका। रविवार को उपचार के दौरान दीपक ने दम तोड़ दिया।
दीपक की मौत की खबर से गांव में बढ़ा तनाव
दीपक की मौत की सूचना मिलते ही बदनौली में तनाव बढ़ गया। शव गांव पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जुटने लगे। लोगों में घटना को लेकर नाराजगी थी और आरोपी पक्ष के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की जा रही थी।
पोस्टमार्टम के बाद जब दीपक का शव एंबुलेंस से गांव पहुंचा तो ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, शव वाहन को रोककर करीब दो घंटे तक हंगामा भी हुआ। ग्रामीण आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
मृतक के परिजनों और ग्रामीणों की प्रमुख मांग थी कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। कुछ लोगों ने आरोपियों के एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग भी रखी।
परिवार ने रखीं कई मांगें
दीपक के परिवार की ओर से प्रशासन के सामने कई मांगें रखी गईं। इनमें परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, आर्थिक सहायता, जमीन का पट्टा, शस्त्र लाइसेंस और परिवार की सुरक्षा जैसी मांगें शामिल थीं।
ग्रामीणों की ओर से पांच करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की मांग भी रखी गई। इसके अलावा घटना में घायल अन्य लोगों के बेहतर इलाज और उनके परिवारों को आर्थिक मदद देने की मांग की गई।
हालांकि, इन सभी मांगों को औपचारिक रूप से मंजूर किए जाने की बात स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। प्रशासन की ओर से परिवार की मांगों को सुना गया और जायज मांगों पर आवश्यक कार्रवाई तथा उन्हें पूरा कराने का आश्वासन दिया गया।
डीएम और एसपी ने परिवार से की बातचीत
बढ़ते तनाव को देखते हुए हापुड़ की जिलाधिकारी कविता मीना और पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की।
अधिकारियों ने परिवार को भरोसा दिलाया कि मामले में दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिवार की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस-प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया।
काफी देर तक चली बातचीत के बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद दीपक का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में कराया गया। अंतिम संस्कार के दौरान भी गांव में पुलिस की मौजूदगी बनी रही, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
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मुख्य आरोपी समेत 6 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, बदनौली गोलीकांड में कार्रवाई करते हुए अब तक मुख्य आरोपी समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शुरुआती कार्रवाई में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद की कार्रवाई में गिरफ्तारी की संख्या बढ़कर छह हो गई।
पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हत्या की धाराओं में कार्रवाई की तैयारी
दीपक की मौत के बाद पुलिस मामले को गंभीरता से आगे बढ़ा रही है। पहले दर्ज मुकदमे में अब दीपक की मौत के बाद हत्या से संबंधित धाराओं को शामिल किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस घटना के कारण, फायरिंग में शामिल लोगों और पूरे विवाद की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई और फायरिंग में किन लोगों की भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों पर भी हुई कार्रवाई
बदनौली की घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठे हैं। घटना के बाद पुलिस विभाग की ओर से स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की गई। रिपोर्टों के मुताबिक नगर कोतवाली प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया है, जबकि चौकी प्रभारी और बीट हेड कांस्टेबल को निलंबित किया गया। संबंधित क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी के खिलाफ भी प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।
इस कार्रवाई का उद्देश्य घटना की परिस्थितियों और पुलिस की भूमिका की समीक्षा करना बताया जा रहा है।
गांव में पुलिस की तैनाती, हालात पर नजर
दीपक के अंतिम संस्कार के बाद भी पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। गांव में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और अधिकारियों की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन का प्रयास है कि घटना के बाद किसी भी तरह का तनाव दोबारा न बढ़े। ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल बदनौली गांव में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। वहीं, दीपक की मौत से परिवार में मातम पसरा है और गांव में भी घटना को लेकर गुस्सा बना हुआ है।
मामले में आगे होने वाली गिरफ्तारियां, पुलिस जांच और प्रशासन की ओर से परिवार की मांगों पर लिए जाने वाले फैसले महत्वपूर्ण होंगे।
The Badnauli firing case in Hapur, Uttar Pradesh has taken a serious turn after Deepak died during treatment following injuries sustained in the firing and stone-pelting incident. Police have arrested six accused including the main accused, while teams are conducting raids to arrest the remaining suspects. The death led to tension in Badnauli village, where the deceased’s family and local residents demanded strict action, financial assistance, security and other relief measures. Hapur administration and police officials met the family and assured action on legitimate demands.



















