AIN NEWS 1: 21 साल की उम्र में जहां ज्यादातर युवा अपने करियर की शुरुआत और भविष्य की योजनाओं को लेकर सोच रहे होते हैं, वहीं अनुप्रिया नागर ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने उन्हें अचानक सुर्खियों में ला दिया। उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान यूके में पार्ट-टाइम काम करके जो पैसा कमाया और वर्षों तक बचाया, उसे अपनी पहली फिल्म ‘हनुमान अंश’ में लगा दिया। खास बात यह है कि फिल्म निर्माण का उनके पास कोई पेशेवर अनुभव भी नहीं था।
नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित यह फिल्म शुरुआत में सीमित बजट और कम स्क्रीन के साथ सिनेमाघरों में उतरी थी। लेकिन धीरे-धीरे दर्शकों के बीच फिल्म की चर्चा बढ़ी और अब इसका बॉक्स ऑफिस सफर एक बड़ी सफलता की कहानी बन चुका है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक फिल्म 100 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुकी है।

तीन साल की कमाई दांव पर लगा दी
अनुप्रिया नागर ने ‘हनुमान अंश’ से जुड़ने के दौरान कोई बड़ा फिल्मी सपना लेकर कदम नहीं रखा था। वह यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई कर रही थीं। पढ़ाई के दौरान उन्होंने यूके में पार्ट-टाइम नौकरियां कीं और करीब तीन साल में जो रकम कमाई और बचाई, उसे बाद में इस फिल्म के प्रोजेक्ट में लगा दिया।
अनुप्रिया के मुताबिक, उस समय फिल्म को निवेश की जरूरत थी। उनके पास फिल्म निर्माण का अनुभव नहीं था और वह यह भी नहीं जानती थीं कि वह तकनीकी तौर पर प्रोजेक्ट में कितना योगदान दे पाएंगी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी बचत को फिल्म में लगाने का फैसला किया।
उनके लिए यह फैसला केवल पैसा कमाने का जरिया नहीं था। वह नीम करोली बाबा की कहानी को नई पीढ़ी, खासकर युवाओं तक पहुंचाना चाहती थीं। इसी विश्वास के कारण उन्होंने अपने पास मौजूद रकम को इस प्रोजेक्ट में लगाने का जोखिम उठाया।
ज्यूरिख की नौकरी छोड़कर भारत लौटीं
अनुप्रिया की कहानी का एक और दिलचस्प पहलू यह है कि उनके पास पढ़ाई के बाद विदेश में करियर बनाने का विकल्प मौजूद था। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें ज्यूरिख में नौकरी का अवसर भी मिला था। लेकिन 2025 में उन्होंने भारत लौटने का फैसला किया और इसके बाद ‘हनुमान अंश’ के प्रोजेक्ट से जुड़ गईं।
यानी एक तरफ उनके सामने विदेश में नौकरी और सुरक्षित करियर का रास्ता था, तो दूसरी तरफ एक ऐसी फिल्म थी जिसमें न कोई बड़ा स्टार था और न ही सफलता की कोई गारंटी। उन्होंने दूसरे विकल्प को चुना।
Steve Jobs से शुरू हुई कहानी
‘हनुमान अंश’ तक अनुप्रिया के पहुंचने की कहानी भी काफी अलग है। यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ में इकोनॉमिक्स की पढ़ाई के दौरान वह बिजनेस और बड़ी कंपनियों के संस्थापकों पर रिसर्च कर रही थीं। इसी दौरान उनकी रिसर्च स्टीव जॉब्स तक पहुंची।
रिसर्च करते समय उन्हें स्टीव जॉब्स और नीम करोली बाबा के बीच आध्यात्मिक संबंध के बारे में जानकारी मिली। यहीं से उनकी रुचि बाबा की जिंदगी और उनकी शिक्षाओं में बढ़ने लगी।
इसके बाद उन्होंने नीम करोली बाबा से जुड़े विषय पर गंभीरता से शोध शुरू किया। रिपोर्टों के अनुसार इस रिसर्च का सिलसिला करीब एक साल तक चला। टीम ने बाबा से जुड़े स्थानों का दौरा किया और उनके जीवन से जुड़े लोगों से बातचीत भी की।
‘विदेशियों से शर्मिंदगी’ वाली बात का असली मतलब
फिल्म से जुड़ी खबरों में अनुप्रिया का एक बयान खास तौर पर चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि उन्हें नीम करोली बाबा के बारे में एक विदेशी व्यक्ति के जरिए जानकारी मिली थी।
उनका कहना था कि भारत की युवा पीढ़ी को कई बार अपने देश की आध्यात्मिक विरासत के बारे में विदेशियों के जरिए पता चलता है। खुद उनके साथ भी ऐसा हुआ। एक भारतीय होने के बावजूद जब उन्हें अपने ही देश के संत के बारे में एक विदेशी से जानकारी मिली तो उन्हें इस बात पर शर्मिंदगी महसूस हुई।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि किसी विदेशी व्यक्ति ने अनुप्रिया को अपमानित किया था। उनकी बात का संदर्भ यह था कि भारत की अपनी आध्यात्मिक विरासत को युवा पीढ़ी तक ज्यादा प्रभावी ढंग से पहुंचाने की जरूरत है।
करीब 2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म
‘हनुमान अंश’ की सबसे बड़ी खासियत इसका छोटा बजट भी माना जा रहा है। रिपोर्टों में फिल्म का अनुमानित बजट करीब 1.7 से 2 करोड़ रुपये बताया गया है।
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फिल्म 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। शुरुआत में इसे अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली। फिल्म सीमित स्क्रीन पर रिलीज हुई और शुरुआती दिनों में इसके शो भी कम हो गए थे। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक एक समय फिल्म के शो की संख्या करीब 30 स्क्रीन तक सिमट गई थी।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
धीरे-धीरे दर्शकों के बीच फिल्म की चर्चा बढ़ने लगी। सोशल मीडिया और वर्ड ऑफ माउथ के जरिए फिल्म की लोकप्रियता बढ़ी और सिनेमाघरों में इसके शो दोबारा बढ़ने लगे। बाद में फिल्म 1,500 से ज्यादा स्क्रीन तक पहुंच गई।
100 करोड़ क्लब में पहुंची ‘हनुमान अंश’
फिल्म की कमाई ने अब सबसे बड़ा मोड़ ले लिया है। 6 सितंबर तक सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक ‘हनुमान अंश’ भारत में 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर चुकी थी। कुछ बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग रिपोर्टों में 30वें दिन तक इसका ग्रॉस कलेक्शन करीब 117 करोड़ रुपये और नेट कलेक्शन करीब 99 करोड़ रुपये बताया गया।
इसके बाद 31वें दिन के आंकड़ों को लेकर Indian Express ने करीब 122.13 करोड़ रुपये के कुल कलेक्शन की रिपोर्ट दी है। अलग-अलग ट्रेड रिपोर्टों में आंकड़ों में थोड़ा अंतर है, इसलिए बॉक्स ऑफिस नंबरों को संबंधित ट्रैकिंग स्रोत के हिसाब से देखना उचित होगा।
फिल्म की सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें किसी बड़े बॉलीवुड सुपरस्टार की मौजूदगी नहीं है। सीमित बजट और अपेक्षाकृत छोटी स्टार कास्ट के बावजूद दर्शकों ने इसे लगातार समर्थन दिया।
कम बजट की सादगी को सीक्वल में भी रखेंगी
फिल्म के आखिर में सीक्वल का संकेत दिया गया था। अब अनुप्रिया नागर ने भी साफ कर दिया है कि ‘हनुमान अंश’ का अगला पार्ट बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दर्शकों को निराश नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक फिल्म को जिस तरह दर्शकों का प्यार मिला है, उसके बाद इसकी अगली कहानी पर काम करना स्वाभाविक है।
लेकिन सीक्वल को लेकर अनुप्रिया की एक बात काफी महत्वपूर्ण है। वह चाहती हैं कि पहली फिल्म की सादगी और रॉ फील बरकरार रहे।
उनका मानना है कि अगर ‘हनुमान अंश’ को करीब 10 करोड़ रुपये के बजट में बनाया जाता तो शायद फिल्म का स्वरूप अलग होता। सीमित बजट ने फिल्म को एक अलग तरह की सादगी दी और अब निर्माता टीम सीक्वल में भी उस भावना को बनाए रखने की कोशिश करेगी।
सिर्फ कमाई नहीं, नई पीढ़ी तक कहानी पहुंचाना मकसद
अनुप्रिया के लिए ‘हनुमान अंश’ की सफलता सिर्फ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन तक सीमित नहीं है। वह चाहती हैं कि नीम करोली बाबा की कहानी आज के युवाओं तक पहुंचे।
उनकी यात्रा इसलिए भी अलग है क्योंकि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में किसी स्थापित पृष्ठभूमि से शुरुआत नहीं की। एक इकोनॉमिक्स छात्रा के रूप में शुरू हुई उनकी रिसर्च धीरे-धीरे एक फिल्म प्रोजेक्ट में बदल गई और फिर उसी प्रोजेक्ट में उन्होंने अपनी वर्षों की बचत लगा दी।
आज वही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी है।
‘हनुमान अंश’ की कहानी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह सिर्फ एक फिल्म की सफलता नहीं, बल्कि एक युवा निर्माता के विश्वास, जोखिम और अपनी सोच पर भरोसा करने की कहानी बन गई है। शुरुआत में सीमित स्क्रीन और कम प्रचार के बावजूद फिल्म का दर्शकों के बीच धीरे-धीरे मजबूत होना बताता है कि कभी-कभी किसी फिल्म की असली ताकत बड़े बजट या बड़े सितारों से ज्यादा उसकी कहानी और दर्शकों के जुड़ाव में होती है।
अब निगाहें इसके सीक्वल पर हैं। अनुप्रिया नागर और उनकी टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि पहली फिल्म की सादगी और आध्यात्मिक भाव को बनाए रखते हुए उसकी अगली कहानी को दर्शकों के सामने कैसे पेश किया जाए।
Hanuman Ansh has emerged as a major box office success, crossing the Rs 100 crore mark despite being made on a modest budget. The film, inspired by the life and teachings of Neem Karoli Baba, was backed by 21-year-old producer Anupriya Nagar, who invested her savings from three years of part-time work in the UK. Her journey from studying Economics at the University of Bath to producing Hanuman Ansh has attracted widespread attention. Following the film’s strong box office performance, Anupriya Nagar has confirmed that Hanuman Ansh sequel is in development, with the makers planning to retain the simplicity and rawness of the original film.



















