बरेली में रिश्वतखोरी पर बड़ा एक्शन, 10 हजार लेते रंगे हाथ पकड़ा गया लेखपाल
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चकबंदी विभाग के एक लेखपाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। किसानों से जमीन की पैमाइश कराने के नाम पर अवैध वसूली करने वाले आरोपी लेखपाल को टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर दबोचा। इस कार्रवाई के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है और एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में फैले भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े हो गए हैं।
किसानों से पैमाइश के नाम पर मांगी गई रिश्वत
जानकारी के अनुसार, बुलंदशहर निवासी अजय तेवतिया फरीदपुर क्षेत्र के मल्लपुर गांव में चकबंदी लेखपाल के पद पर तैनात था। गांव में चकबंदी प्रक्रिया चल रही थी, जिसके तहत किसानों की जमीनों की पैमाइश और रिकॉर्ड संबंधी कार्य किए जा रहे थे।
आरोप है कि गांव के किसान कबीरुलहसन, उवैस और जाकिर अपनी जमीन की पैमाइश कराने के लिए लेखपाल के पास पहुंचे थे। किसानों का कहना है कि लेखपाल ने सरकारी काम करने के बदले उनसे 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। पहले किसानों ने मामले को आपसी स्तर पर निपटाने की कोशिश की, लेकिन जब लेखपाल लगातार पैसे मांगता रहा तो उन्होंने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी।
एंटी करप्शन टीम ने बनाया प्लान
किसानों की शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन विभाग हरकत में आया। प्रभारी निरीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी रणनीति तैयार की। शिकायत की पुष्टि के बाद रिश्वतखोरी पकड़ने के लिए ट्रैप लगाया गया।
बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात आरोपी लेखपाल ने किसानों को फरीदपुर बुलाया और रिश्वत की रकम लेकर आने को कहा। जैसे ही किसानों ने तय योजना के अनुसार आरोपी को 10 हजार रुपये दिए, पहले से आसपास मौजूद एंटी करप्शन टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
हाथ धुलवाते ही खुल गई सच्चाई
कार्रवाई के दौरान टीम ने आरोपी लेखपाल के हाथ धुलवाए। रिश्वत के नोटों पर पहले से लगाए गए केमिकल के संपर्क में आने के कारण हाथों का रंग बदल गया। इससे यह साफ हो गया कि आरोपी ने रिश्वत की रकम अपने हाथों से ली थी।
इसके बाद टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत के 10 हजार रुपये बरामद किए और उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
चकबंदी विभाग पर फिर उठे सवाल
फरीदपुर का चकबंदी विभाग पहले भी कई बार भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चा में रह चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन से जुड़े कामों में किसानों और ग्रामीणों से अक्सर अवैध वसूली की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
इस ताजा कार्रवाई के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई न हो तो भ्रष्टाचार आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है।
किसानों ने दिखाई हिम्मत
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि किसानों ने डरने के बजाय भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई। अक्सर लोग सरकारी कर्मचारियों की शिकायत करने से बचते हैं, लेकिन इस बार किसानों ने सबूतों के साथ शिकायत की और एंटी करप्शन टीम ने भी तेजी से कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ लिया।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में डर पैदा होगा और आम जनता को राहत मिलेगी।
शिकायत के लिए जारी किया गया हेल्पलाइन नंबर
एंटी करप्शन प्रभारी निरीक्षक ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत तुरंत करें। विभाग की ओर से शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर 9454405475 जारी किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शिकायतकर्ता की पहचान भी गोपनीय रखी जाएगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ समय से एंटी करप्शन विभाग लगातार सक्रिय दिखाई दे रहा है। अलग-अलग जिलों में रिश्वतखोरी करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है। सरकार भी भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख अपनाने का दावा कर रही है।
हालांकि, जमीन, चकबंदी और राजस्व विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायतें अभी भी लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में यह कार्रवाई प्रशासन के लिए एक बड़ा संदेश मानी जा रही है कि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई होगी।
ग्रामीणों में चर्चा का विषय बनी कार्रवाई
फरीदपुर और आसपास के इलाकों में यह कार्रवाई पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही। गांव के लोगों का कहना है कि सरकारी कामों में रिश्वत मांगना आम बात बनती जा रही थी, लेकिन इस गिरफ्तारी के बाद अब लोगों को उम्मीद जगी है कि भ्रष्ट कर्मचारियों पर लगाम लगाई जा सकती है।
फिलहाल एंटी करप्शन टीम मामले की आगे जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी पहले भी इस तरह की वसूली में शामिल रहा है या नहीं।
A major anti-corruption operation was carried out in Bareilly, Uttar Pradesh, where a consolidation lekhpal was caught red-handed while accepting a ₹10,000 bribe from farmers for land measurement work. The Anti-Corruption Team arrested the accused during a planned trap operation in Faridpur. The incident has once again raised serious questions over corruption in the Chakbandi Department and illegal money collection from farmers in Uttar Pradesh.


















