बरेली में दर्दनाक हादसे के बाद रोडवेज व्यवस्था प्रभावित, कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के बरेली में बुधवार देर रात हुए सड़क हादसे ने रोडवेज कर्मचारियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया। लखनऊ से बरेली लौट रही रोडवेज बस और एक ट्रक की आमने-सामने की टक्कर में बस चालक प्रमोद यादव (30) की मौत हो गई। हादसे के बाद कर्मचारियों ने परिवहन विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही और संवेदनहीनता का आरोप लगाया और गुरुवार सुबह से हड़ताल शुरू कर दी।
इस विरोध प्रदर्शन का असर सीधे यात्रियों पर पड़ा। बरेली और रुहेलखंड डिपो की करीब 500 बसों का संचालन बंद हो गया और लगभग एक हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो गए। बस अड्डे पर धरना, नारेबाजी और बसों की आवाजाही रोक दिए जाने से इलाके में लंबा जाम भी लग गया।
लखनऊ से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, प्रमोद यादव बरेली जिले के हाफिजगंज क्षेत्र स्थित रम्पुरा गांव के रहने वाले थे और रुहेलखंड डिपो में रोडवेज चालक के रूप में कार्यरत थे।
बुधवार रात वे नियमित ड्यूटी के तहत लखनऊ से बस लेकर बरेली लौट रहे थे। इसी दौरान रात लगभग 10 बजे शाहजहांपुर जिले के तिलहर क्षेत्र में उनकी बस एक ट्रक से टकरा गई।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और निजी एंबुलेंस की मदद से घायल चालक को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कर्मचारियों का आरोप—समय पर मदद मिलती तो बच सकती थी जान
घटना की जानकारी मिलते ही रोडवेज कर्मचारियों में नाराजगी फैल गई। कर्मचारियों का आरोप है कि हादसे के तुरंत बाद विभागीय अधिकारियों को सूचना दी गई थी, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।
कर्मचारियों का कहना है कि यदि प्रशासन और विभागीय अधिकारी समय रहते सक्रिय हो जाते तो प्रमोद यादव को बेहतर इलाज मिल सकता था और संभव है उनकी जान बचाई जा सकती थी।
इसी नाराजगी के चलते कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से काम बंद करने का फैसला लिया और गुरुवार सुबह से हड़ताल शुरू कर दी।
500 बसों के पहिए थमे, यात्रियों को भारी परेशानी
हड़ताल के कारण बरेली और रुहेलखंड डिपो की करीब 500 बसों का संचालन प्रभावित हो गया। बस अड्डे पर बसें खड़ी कर दिए जाने से लंबा जाम लग गया और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग बस अड्डों पर पहुंचे, लेकिन बस सेवा बंद रहने के कारण उन्हें वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने मृत चालक के परिवार के लिए कई मांगें सामने रखी हैं—
परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए
मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए
हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जाए
यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आए तो कार्रवाई हो
रोडवेज कर्मचारियों की सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था मजबूत की जाए
कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
परिवार का दर्द: “हमारा सहारा चला गया”
मृतक चालक प्रमोद यादव के पिता शिशुपाल यादव ने भावुक होकर कहा कि उनका बेटा परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था।
उन्होंने कहा कि अब परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिवार को केवल आश्वासन नहीं बल्कि लिखित सहायता और नौकरी की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की ओर से केवल बातें की जा रही हैं, लेकिन अभी तक ठोस मदद का भरोसा नहीं मिला है।
रोडवेज अधिकारियों का बयान
रुहेलखंड डिपो के एआरएम अरुण बाजपेई ने घटना को बेहद दुखद बताया।
उन्होंने कहा कि विभाग मृतक चालक के परिवार को हर संभव आर्थिक सहायता दिलाने की दिशा में काम करेगा। साथ ही प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की मांगों पर भी विचार किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या?
फिलहाल परिवहन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि कर्मचारियों ने संकेत दिए हैं कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, बस संचालन पूरी तरह सामान्य होना मुश्किल है।
इस घटना ने एक बार फिर रोडवेज कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
A tragic road accident involving a UP Roadways bus and a truck near Shahjahanpur led to the death of a Bareilly-based roadways driver, triggering a large-scale employee strike. More than 1000 roadways workers launched a protest demanding compensation, government job support for the victim’s family, and accountability from transport authorities. The strike disrupted transport services as nearly 500 buses remained off roads across Bareilly and Rohilkhand depots.


















