AIN NEWS 1 दिल्ली: राजधानी दिल्ली में गुरुवार को देश के विकास एजेंडा को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई, जहां प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक शुरू हुई। इस हाई लेवल बैठक में देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में Pushkar Singh Dhami सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। इस बैठक का केंद्र बिंदु केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं बल्कि आने वाले वर्षों के लिए भारत के विकास की दिशा तय करना माना जा रहा है।
पीएम मोदी की अध्यक्षता में विकास को लेकर बड़ा मंथन
नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल को केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय का सबसे बड़ा मंच माना जाता है। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों के साथ मिलकर देश के विकास मॉडल को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे बल्कि गांव, छोटे शहरों और हर वर्ग तक पहुंचे। इसी सोच के साथ राज्यों की भागीदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान अलग-अलग राज्यों से विकास प्रस्ताव, रोजगार मॉडल, निवेश योजनाएं और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े सुझाव भी सामने आए।
इस बार बैठक का मुख्य विषय क्या रहा?
इस वर्ष की नीति आयोग बैठक का थीम रखा गया — “Inclusive Human Development for Viksit Bharat @2047” यानी “विकसित भारत 2047 के लिए समावेशी मानव विकास”। इसका उद्देश्य ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है जिसमें हर नागरिक की भागीदारी और लाभ सुनिश्चित हो।
बैठक में चार प्रमुख स्तंभों पर चर्चा की गई—
1. मानव संसाधन और भविष्य के लिए तैयार कौशल
नई शिक्षा व्यवस्था, कौशल विकास और युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने पर फोकस रखा गया।
2. रोजगार, उद्यमिता और स्थानीय विकास
राज्यों में निवेश, स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने पर चर्चा हुई।
3. स्वास्थ्य, पोषण और बेहतर जीवन गुणवत्ता
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और पोषण सुधार से जुड़े विषय बैठक के अहम एजेंडे में शामिल रहे।
4. समान अवसर और सम्मानजनक जीवन
सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
राज्यों और केंद्र के बीच सहयोग को मिलेगी नई दिशा
इस बैठक को केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं बल्कि “टीम इंडिया” मॉडल का हिस्सा माना जा रहा है। इसमें राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल बनाकर योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग को कैसे मजबूत बनाया जाए और तकनीक के जरिए बेहतर परिणाम कैसे हासिल किए जाएं।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक रणनीति
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया कई आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों से गुजर रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव, सप्लाई चेन पर दबाव और आर्थिक अनिश्चितताओं का असर भारत सहित कई देशों पर पड़ रहा है।
इसी पृष्ठभूमि में भारत अपनी विकास गति बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार कर रहा है। हाल के दिनों में आर्थिक सुधार, कारोबार में आसानी और निवेश बढ़ाने जैसे विषयों पर भी सरकार लगातार बैठकों का आयोजन कर रही है।
‘विकसित भारत 2047’ का रोडमैप क्यों अहम है?
सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक, जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब देश को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में पहुंचाया जाए।
इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और सामाजिक विकास को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। बैठक में राज्यों की प्राथमिकताओं को राष्ट्रीय विजन के साथ जोड़ने पर भी विशेष चर्चा हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि केंद्र और राज्य मिलकर तय रोडमैप पर काम करते हैं, तो आने वाले वर्षों में भारत आर्थिक और सामाजिक विकास के नए चरण में प्रवेश कर सकता है।
फिलहाल, दिल्ली में जारी यह बैठक आने वाले समय की कई महत्वपूर्ण नीतियों और फैसलों की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है।
Prime Minister Narendra Modi chaired the 11th NITI Aayog Governing Council Meeting 2026 in New Delhi, bringing together Chief Ministers including Pushkar Singh Dhami and senior officials to discuss the roadmap for Viksit Bharat 2047. The meeting focused on Inclusive Human Development, employment generation, skill development, healthcare, economic growth, governance reforms, and strengthening Centre-State coordination to accelerate India’s long-term development goals.


















