AIN NEWS 1: गुजरात के भावनगर में ST बस स्टैंड पर एक महिला की बेरहमी से पिटाई के बाद हुई मौत का मामला अब पुलिस कार्रवाई को लेकर भी चर्चा में है। नीलमबाग थाना पुलिस ने हत्या के आरोपी फैजल उर्फ खटकी रफीक लखानी को गिरफ्तार करने के बाद उसी जगह ले जाकर क्राइम सीन का रीकंस्ट्रक्शन कराया, जहां कथित तौर पर उसने महिला पर हमला किया था। इसी दौरान पुलिस द्वारा आरोपी की सार्वजनिक रूप से पिटाई किए जाने के वीडियो सामने आए हैं।
मृतका की पहचान 40 वर्षीय काजल बारैया के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, काजल और आरोपी फैजल पिछले करीब सात साल से साथ रह रहे थे। दोनों भावनगर ST बस स्टैंड के आसपास फुटपाथ पर रहते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच पहले भी विवाद होते रहते थे।
ST बस स्टैंड पर कैसे शुरू हुआ विवाद?
मामला 3 सितंबर का बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, भावनगर के ST बस स्टैंड के मुख्य गेट के पास फैजल ने काजल और अपने परिचित रवि उर्फ बोडा राजेंद्र गोहेल को देखा। फैजल को कथित तौर पर शक था कि काजल और रवि के बीच संबंध हैं।

इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और फैजल ने दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। CCTV कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। सामने आए फुटेज में महिला के साथ लगातार मारपीट होती दिखाई देती है।
रिपोर्टों के मुताबिक, काजल पर करीब सात मिनट तक हमला किया गया। इस दौरान उसे गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतनी देर तक चल रही मारपीट के बावजूद महिला को समय रहते क्यों नहीं बचाया जा सका।
गंभीर हालत में अस्पताल पहुंची काजल
मारपीट के बाद काजल की हालत बेहद गंभीर हो गई। उसे 108 एंबुलेंस की मदद से सर तख्तसिंहजी जनरल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उसी रात उसकी मौत हो गई।
महिला की मौत के बाद पुलिस ने उसकी मां की शिकायत के आधार पर फैजल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। शव का पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं भी पूरी की गईं।
आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस के अनुसार फैजल के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। नीलमबाग थाना प्रभारी डीपी उनाडकट के मुताबिक, आरोपी पर पहले छह मामले दर्ज होने की जानकारी है। इनमें अपहरण, मारपीट, पुलिसकर्मियों पर हमला और लूट जैसे आरोप शामिल बताए गए हैं।
हालांकि यह उसका पहला हत्या का मामला बताया जा रहा है। पुलिस ने जांच के दौरान उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी ध्यान में रखा है।
पुलिस ने घटनास्थल पर कराया रीकंस्ट्रक्शन
काजल की मौत के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी। आरोपी फैजल को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उसे भावनगर ST बस स्टैंड लेकर पहुंची। यहां उससे घटना के पूरे क्रम को दोबारा समझने की कोशिश की गई।
क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन का मकसद आमतौर पर यह पता लगाना होता है कि घटना किस जगह, किस क्रम में और किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस ने आरोपी से कथित तौर पर उस स्थान और घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली, जहां काजल पर हमला हुआ था।
रीकंस्ट्रक्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल
घटनास्थल पर रीकंस्ट्रक्शन के दौरान पुलिस द्वारा आरोपी की पिटाई किए जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। वीडियो में आरोपी को रस्सियों से बांधे जाने और पुलिसकर्मियों द्वारा उसे डंडों से पीटने का दावा किया जा रहा है।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी को बस स्टैंड परिसर में पुलिस वाहन, दीवार और खंभों के पास ले जाकर पीटा गया। नीलमबाग थाना प्रभारी डीपी उनाडकट ने इस कार्रवाई को रीकंस्ट्रक्शन के दौरान हुई कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह एक दुर्लभ मामला था और उनका उद्देश्य अपराधियों में पुलिस का डर पैदा करना था।
हालांकि पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल भी उठ रहे हैं। खासकर इसलिए क्योंकि आरोपी को कानून के तहत न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना है और किसी आरोपी को सार्वजनिक रूप से दंडित करने का अधिकार पुलिस के पास नहीं होता।
गुजरात पुलिस के पुराने निर्देश भी चर्चा में
इस घटना ने गुजरात पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, गुजरात के DGP KLN राव ने 12 मई को पुलिस अधिकारियों को पत्र जारी कर गिरफ्तार आरोपियों को रस्सियों से बांधने, सार्वजनिक रूप से घुमाने या इस तरह की कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए थे।
DGP के पत्र में कहा गया था कि इस तरह की कार्रवाई पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाती है और जनता के बीच पुलिस के प्रति गलत संदेश जाता है।
ऐसे में भावनगर मामले में सामने आए वीडियो ने पुलिस कार्रवाई को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
PUCL ने भेजा कानूनी नोटिस
पुलिस द्वारा आरोपी की कथित सार्वजनिक पिटाई को लेकर पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL), गुजरात ने भी आपत्ति जताई है। संगठन ने गुजरात के मुख्य सचिव, गृह विभाग के अधिकारियों, DGP और भावनगर SP को कानूनी नोटिस भेजकर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
संगठन का कहना है कि किसी अपराध के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने और उसे सजा देने के लिए न्यायिक व्यवस्था मौजूद है। ऐसे में पुलिस द्वारा कथित तौर पर कानून अपने हाथ में लेना गंभीर विषय है।
आरोपी न्यायिक हिरासत में
पुलिस ने फैजल को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया। रिपोर्ट के मुताबिक, नीलमबाग पुलिस ने आरोपी की पुलिस रिमांड नहीं मांगी, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की आगे की जांच नीलमबाग पुलिस कर रही है।
फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य सबूतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना की पूरी परिस्थितियां क्या थीं और हत्या के मामले में अभियोजन पक्ष के पास कौन-कौन से ठोस साक्ष्य हैं।
भावनगर का यह मामला केवल महिला की हत्या तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ CCTV में कैद हुई कथित हिंसा ने सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, तो दूसरी तरफ आरोपी के साथ पुलिस की कथित मारपीट ने कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई की सीमाओं पर नई बहस छेड़ दी है।
नोट: खबर में लगाए गए हत्या और हमले के आरोप पुलिस जांच और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित हैं। अंतिम दोषसिद्धि अदालत के निर्णय के बाद ही मानी जाएगी।
Bhavnagar ST Bus Stand Murder Case has raised serious concerns after 40-year-old Kajal Baraiya died following an alleged brutal assault by Faisal alias Khatki Lakhani. The Bhavnagar Police arrested the accused and conducted a crime scene reconstruction at the ST bus stand. CCTV footage reportedly captured the assault, while videos of the police action during reconstruction have also triggered controversy. The case is now under investigation by Nilambaug Police, with Kajal Baraiya Murder, Faisal Lakhani arrest, Gujarat Crime News and Bhavnagar Murder Case becoming key search terms.



















