AIN NEWS 1 नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल पद को लेकर बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से 5 सितंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि की गई है। राष्ट्रपति भवन के मुताबिक डॉ. दिनेश शर्मा इस पद की जिम्मेदारी पदभार ग्रहण करने की तारीख से संभालेंगे।
राष्ट्रपति भवन ने जारी की आधिकारिक अधिसूचना
डॉ. दिनेश शर्मा की नियुक्ति को लेकर चल रही चर्चाओं पर अब आधिकारिक रूप से विराम लग गया है। राष्ट्रपति भवन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति ने डॉ. दिनेश शर्मा को Lieutenant Governor of Andaman and Nicobar Islands नियुक्त किया है।
राष्ट्रपति सचिवालय की प्रेस विज्ञप्ति में यह भी साफ किया गया है कि नियुक्ति तत्काल प्रभाव से नहीं, बल्कि जिस दिन डॉ. शर्मा उपराज्यपाल के पद का कार्यभार संभालेंगे, उसी दिन से प्रभावी होगी।

इस नियुक्ति के साथ डॉ. शर्मा की राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का दायरा भी बदल जाएगा। इससे पहले वह उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं और योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले कार्यकाल में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
राज्यसभा कार्यकाल को लेकर क्या है सही जानकारी?
सोशल मीडिया और कई शुरुआती संदेशों में यह दावा किया जा रहा था कि डॉ. दिनेश शर्मा के राज्यसभा कार्यकाल में करीब तीन साल बाकी हैं। यह दावा सही नहीं है।
उपलब्ध सदस्य विवरण के अनुसार डॉ. दिनेश शर्मा 8 सितंबर 2023 को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे और उनके मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल की समाप्ति 25 नवंबर 2026 को निर्धारित थी। यानी सितंबर 2026 में उनकी राज्यसभा सदस्यता के लगभग ढाई महीने ही बाकी थे, न कि तीन साल।
इसलिए इस नियुक्ति से जुड़ी खबर में अगर राज्यसभा कार्यकाल का उल्लेख किया जाए तो 25 नवंबर 2026 की तारीख को आधार बनाना ज्यादा सटीक रहेगा।
कौन हैं डॉ. दिनेश शर्मा?
डॉ. दिनेश शर्मा उत्तर प्रदेश की राजनीति का जाना-पहचाना नाम हैं। वह लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे और संगठन में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
राजनीति में आने से पहले उनका अकादमिक क्षेत्र से भी गहरा संबंध रहा है। वह लखनऊ विश्वविद्यालय में कॉमर्स के प्रोफेसर रहे हैं। इसके अलावा वह लखनऊ के मेयर भी रह चुके हैं। वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद उन्हें योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री बनाया गया था।
डॉ. शर्मा ने 2017 से 2022 तक उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में काम किया। इस दौरान उनके पास शिक्षा समेत कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी रही। 2022 में उत्तर प्रदेश में दूसरी बार योगी आदित्यनाथ सरकार बनने पर उन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली और उनकी जगह ब्रजेश पाठक को उपमुख्यमंत्री बनाया गया।
लखनऊ के मेयर से उपमुख्यमंत्री तक का सफर
डॉ. दिनेश शर्मा का राजनीतिक सफर स्थानीय राजनीति से शुरू होकर प्रदेश और फिर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। वह लखनऊ के मेयर रहे और भाजपा संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
2014 के लोकसभा चुनावों के बाद भाजपा के संगठनात्मक विस्तार में भी उन्होंने भूमिका निभाई। इसके बाद उन्हें गुजरात में पार्टी संगठन की जिम्मेदारी दी गई। इसी दौर में राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के भीतर उनका कद बढ़ा। बाद में वह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे।
वर्ष 2023 में भाजपा ने उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया। वह निर्विरोध निर्वाचित होकर संसद के उच्च सदन में पहुंचे।
अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल की जिम्मेदारी अब क्यों महत्वपूर्ण?
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भारत का रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश है। हिंद महासागर में इसकी भौगोलिक स्थिति इसे सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से खास बनाती है।
उपराज्यपाल के तौर पर डॉ. दिनेश शर्मा के सामने प्रशासन, विकास, पर्यटन, आधारभूत ढांचे और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़ी जिम्मेदारियां होंगी।
अंडमान-निकोबार में पर्यटन के साथ-साथ कनेक्टिविटी, द्वीपों के बीच परिवहन, स्थानीय प्रशासन और रणनीतिक महत्व वाले क्षेत्रों का विकास भी लगातार महत्वपूर्ण विषय रहा है। ऐसे में नई नियुक्ति को प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
पदभार कब संभालेंगे?
राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक विज्ञप्ति में नियुक्ति की घोषणा तो कर दी गई है, लेकिन डॉ. दिनेश शर्मा के पदभार ग्रहण करने की अलग तारीख उस विज्ञप्ति में नहीं बताई गई है। आधिकारिक तौर पर उनकी नियुक्ति पदभार ग्रहण करने के दिन से प्रभावी होगी।
इसका मतलब यह है कि अभी पदभार ग्रहण की तारीख को लेकर कोई अलग आधिकारिक घोषणा सामने आने तक अनुमान लगाने से बचना उचित होगा।
सोशल मीडिया पर चल रही खबर में क्या सुधार जरूरी है?
डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान-निकोबार का उपराज्यपाल बनाए जाने की मुख्य खबर सही है। राष्ट्रपति भवन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर चल रहे उस दावे को सही नहीं माना जाना चाहिए जिसमें कहा जा रहा है कि “डॉ. दिनेश शर्मा के राज्यसभा कार्यकाल में अभी तीन साल बाकी हैं।”
सही जानकारी यह है कि उपलब्ध सदस्य विवरण के अनुसार उनका राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 तक था। इसलिए सितंबर 2026 में उनके कार्यकाल का लगभग ढाई महीने का समय शेष था।
निष्कर्ष
डॉ. दिनेश शर्मा की अंडमान और निकोबार के उपराज्यपाल के रूप में नियुक्ति उनके राजनीतिक जीवन में एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत है। लखनऊ के मेयर से लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और फिर राज्यसभा सांसद तक का सफर तय करने के बाद अब उन्हें केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन की जिम्मेदारी मिलने जा रही है।
राष्ट्रपति भवन ने 5 सितंबर 2026 को उनकी नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा कर दी है। अब उनकी अगली बड़ी औपचारिकता पदभार ग्रहण करना होगी। वहीं, राज्यसभा कार्यकाल को लेकर फैली भ्रम की स्थिति भी स्पष्ट है—तीन साल नहीं, बल्कि मौजूदा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होना था।
Dr. Dinesh Sharma has been appointed as the new Lieutenant Governor of Andaman and Nicobar Islands by President Droupadi Murmu. The former Uttar Pradesh Deputy Chief Minister and Rajya Sabha MP has had a long political career, including serving as Lucknow Mayor and BJP national vice president. His appointment as Andaman and Nicobar Lieutenant Governor takes effect from the date he assumes office. His Rajya Sabha term was scheduled to end on November 25, 2026, making the appointment an important new phase in his political and administrative career.



















