CJP का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी: जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन तेज, घायलों से मिले जेपी नड्डा, अभिजीत दीपके ने सरकार पर साधा निशाना
AIN NEWS 1 नई दिल्ली। संसद मार्च के दौरान हुए पुलिस-प्रदर्शनकारी टकराव के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन अब और तेज होता दिखाई दे रहा है। संसद मार्च के अगले दिन मंगलवार को भी सैकड़ों छात्र, युवा और संगठन के समर्थक राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्र हुए और अपने आंदोलन को जारी रखने का ऐलान किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई से उनका मनोबल टूटने के बजाय और मजबूत हुआ है। उनका दावा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
दूसरी ओर, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने संसद मार्च के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों से मिलने के लिए लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने डॉक्टरों से घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी।

संसद मार्च के बाद भी नहीं थमा आंदोलन
सोमवार को संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों और CJP समर्थकों को दिल्ली पुलिस ने कई स्थानों पर रोक दिया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया था।
इसके बावजूद मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक फिर जंतर-मंतर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे किसी भी दबाव में पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि पुलिस बल का इस्तेमाल उनकी आवाज को दबाने का प्रयास था, लेकिन इससे आंदोलन और अधिक संगठित हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से अपनी मांगों को गंभीरता से सुनने और उन पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों और युवाओं की आवाज बन चुका है।
क्या हैं आंदोलन की प्रमुख मांगें?
CJP और प्रदर्शन में शामिल छात्रों की प्रमुख मांगों में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई, जवाबदेही तय करना और छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।
प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
घायलों से मिले जेपी नड्डा
मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने संसद मार्च के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों का हालचाल जानने के लिए लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और आरएमएल अस्पताल का दौरा किया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मंत्री ने डॉक्टरों से घायलों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि इलाज में किसी प्रकार की कमी न रहे।
सरकार की ओर से इस मुलाकात को मानवीय पहल बताया गया, जबकि विपक्ष और आंदोलन से जुड़े कई लोगों ने इसे राजनीतिक संदेश देने की कोशिश करार दिया।
अभिजीत दीपके का सरकार पर हमला
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अस्पताल में हुई मुलाकात को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए तीखी टिप्पणी की।
हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित पोस्ट में “भेड़िये से भेड़ की मुलाकात” जैसी टिप्पणी का दावा किया जा रहा है, लेकिन इस पोस्ट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए इस कथित बयान को सत्यापित नहीं माना जा सकता।
दीपके ने अपने अन्य सार्वजनिक बयानों में आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन की मूल मांगों पर चर्चा करने के बजाय केवल प्रतीकात्मक कदम उठा रही है। उनका कहना है कि यदि सरकार वास्तव में छात्रों की चिंताओं को समझती है तो उसे ठोस निर्णय लेने चाहिए।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
संसद मार्च के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर कई छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण मार्च को बलपूर्वक रोका गया और कई छात्रों के साथ धक्का-मुक्की हुई।
वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान निर्धारित नियमों का पालन कराया गया और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कार्रवाई की गई।
सोशल मीडिया पर छाया आंदोलन
संसद मार्च और उसके बाद की घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा जारी है। #AbhijeetDipke, #CJPProtest, #JPNadda सहित कई हैशटैग ट्रेंड करते रहे।
समर्थकों का कहना है कि आंदोलन छात्रों के भविष्य की लड़ाई है, जबकि आलोचकों का मानना है कि आंदोलन को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के समर्थन और विरोध में बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
आगे की रणनीति क्या?
CJP ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को देश के अन्य राज्यों तक भी विस्तारित किया जा सकता है। संगठन का कहना है कि आने वाले दिनों में विभिन्न विश्वविद्यालयों और छात्र संगठनों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
प्रदर्शनकारी फिलहाल जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।
सरकार की ओर से क्या संकेत?
केंद्र सरकार की ओर से फिलहाल आंदोलन की सभी मांगों पर कोई विस्तृत आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि सरकार का कहना है कि घायलों का पूरा इलाज कराया जाएगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि आंदोलन लगातार बढ़ता है तो सरकार और आंदोलनकारियों के बीच औपचारिक बातचीत की संभावना भी बन सकती है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में दोनों पक्ष किस तरह आगे बढ़ते हैं।
संसद मार्च के बाद CJP का आंदोलन अब दूसरे दिन भी जारी है। जंतर-मंतर पर छात्रों और समर्थकों की मौजूदगी यह संकेत देती है कि फिलहाल आंदोलन थमता नहीं दिख रहा। दूसरी ओर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा द्वारा अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात करने को सरकार की संवेदनशील पहल के रूप में देखा जा रहा है, जबकि आंदोलन से जुड़े नेता इसे पर्याप्त नहीं मान रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद होता है या आंदोलन और तेज होता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
The CJP Protest continues to dominate headlines as hundreds of students and supporters gathered at Jantar Mantar following the Parliament March in New Delhi. JP Nadda visited injured protesters at Lady Hardinge and RML Hospitals, while Abhijeet Dipke criticized the government’s response. The ongoing Students Protest Delhi, CJP Movement, Delhi Police action, and demands for education reforms have become major topics across India, making this one of the most discussed political and student movements in recent days.


















