AIN NEWS 1: सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आई “कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) को लेकर अब मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। पार्टी और उससे जुड़े लोगों की गतिविधियों की जांच कराने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की गई, जिसमें CBI जांच और फर्जी वकीलों व डिग्रियों की जांच की अपील की गई थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया और कहा कि अभी ऐसी कोई आपात स्थिति नहीं है, जिस पर तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत पड़े।
इस पूरे विवाद ने सोशल मीडिया से लेकर न्यायपालिका और राजनीति तक नई बहस छेड़ दी है। खास बात यह है कि कुछ ही दिनों में CJP के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स करोड़ों तक पहुंच गए, जिससे यह इंटरनेट पर सबसे चर्चित ट्रेंड्स में शामिल हो गया।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट राजा चौधरी द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई की मांग की गई। याचिकाकर्ता की ओर से वकील एनके गोस्वामी ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचा रही है और सोशल मीडिया के जरिए अदालत से जुड़े बयानों का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है।
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच के सामने हुई। जब याचिकाकर्ता की ओर से जल्द सुनवाई की मांग की गई, तब बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मामले को “इतनी भावुकता” से देखने की जरूरत नहीं है।
कोर्ट ने साफ किया कि फिलहाल ऐसा कोई गंभीर संकट नहीं दिख रहा, जिसके कारण तत्काल सुनवाई की आवश्यकता हो। अदालत ने कहा कि समय आने पर देखा जाएगा कि इस मामले में आगे क्या करना है।
याचिका में क्या-क्या मांगें की गईं?
याचिका में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसमें कहा गया कि:
कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े कुछ लोग खुद को वकील बता रहे हैं।
कुछ व्यक्तियों की कानून की डिग्रियों की सत्यता पर सवाल उठाए गए।
सुप्रीम कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों को सोशल मीडिया पर वायरल कर उससे लोकप्रियता और आर्थिक लाभ कमाने की कोशिश की जा रही है।
इन सभी गतिविधियों की CBI से जांच कराई जाए।
याचिका में यह भी कहा गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके न्यायपालिका के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है।
आखिर क्या है कॉकरोच जनता पार्टी?
कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP एक सोशल मीडिया आधारित अभियान या संगठन है, जिसने मई 2026 में अचानक लोकप्रियता हासिल की। इसकी शुरुआत उस समय हुई जब चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि “कुछ युवा कॉकरोच की तरह भटक रहे हैं।”
इसके बाद इंटरनेट पर इस बयान को लेकर मीम्स, पोस्ट और वीडियो बनने लगे। इसी माहौल में “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम सामने आया और देखते ही देखते यह सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा।
शुरुआत में इसे केवल एक ऑनलाइन कैंपेन माना गया, लेकिन कुछ दिनों में इसके लाखों समर्थक जुड़ गए। इंस्टाग्राम और X (पूर्व ट्विटर) पर इसके अकाउंट तेजी से वायरल हुए।
इंस्टाग्राम पर करोड़ों फॉलोअर्स
सोमवार दोपहर तक CJP के इंस्टाग्राम अकाउंट पर लगभग 2.29 करोड़ फॉलोअर्स हो चुके थे। यह आंकड़ा कई राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया फॉलोअर्स से भी ज्यादा बताया जा रहा है।
सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तेजी के पीछे वायरल कंटेंट, मीम कल्चर और युवाओं की नाराजगी जैसे कई कारण हो सकते हैं।
कुछ ही दिनों में यह अकाउंट इंटरनेट पर सबसे तेज बढ़ने वाले पेजों में शामिल हो गया।
X अकाउंट ब्लॉक होने के बाद नया अकाउंट
21 मई को CJP का पुराना X अकाउंट बंद कर दिया गया था। उस समय तक उसके करीब 1.93 लाख फॉलोअर्स थे। अकाउंट बंद होने के तुरंत बाद संगठन ने नया अकाउंट बनाया, जिसका नाम रखा गया — “Cockroach Is Back”।
इस नए अकाउंट के बायो में लिखा गया — “Cockroach Don’t Die”, यानी “कॉकरोच मरते नहीं।”
25 मई दोपहर तक नए अकाउंट पर भी 2 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके थे। फिलहाल संगठन के इंस्टाग्राम और X अकाउंट ही सक्रिय बताए जा रहे हैं।
वेबसाइट बंद होने का दावा
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया कि उनकी पार्टी की वेबसाइट बंद कर दी गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वेबसाइट पर लगभग 10 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।
उनके अनुसार, करीब 6 लाख लोगों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाली ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर किए थे।
हालांकि वर्तमान में वेबसाइट खुल नहीं रही है। वेबसाइट ओपन करने पर “This Site Can’t Be Reached” का संदेश दिखाई दे रहा है।
महाराष्ट्र में फाउंडर के घर के बाहर पुलिस तैनात
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहने वाले CJP फाउंडर अभिजीत दीपके के घर के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कदम केवल एहतियात के तौर पर उठाया गया है।
डीसीपी पंकज अतुलकर ने बताया कि सोशल मीडिया पर यह मुद्दा लगातार ट्रेंड कर रहा है, इसलिए भीड़ जमा होने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बढ़ाई गई है।
हालांकि पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें किसी तरह की आधिकारिक धमकी की जानकारी नहीं मिली है।
सोशल मीडिया से कोर्ट तक कैसे पहुंचा मामला?
कॉकरोच जनता पार्टी का मामला इस बात का उदाहरण बन गया है कि कैसे सोशल मीडिया पर शुरू हुआ एक ट्रेंड कुछ ही दिनों में राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन सकता है।
जहां एक तरफ समर्थक इसे युवाओं की अभिव्यक्ति बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आलोचकों का कहना है कि न्यायपालिका से जुड़े मुद्दों को मीम और राजनीतिक अभियान में बदलना उचित नहीं है।
इसी कारण अब यह विवाद कानूनी और संवैधानिक बहस का रूप ले चुका है।
CJP विवाद की पूरी टाइमलाइन
15 मई
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की “कॉकरोच” वाली टिप्पणी चर्चा में आई।
16 मई
कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए।
17 मई
इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स तेजी से बढ़ने लगे और संख्या 5 लाख तक पहुंची।
18 मई
पहली बार पार्टी का नाम राष्ट्रीय स्तर पर वायरल हुआ।
19 मई
CJP सोशल मीडिया का ट्रेंडिंग टॉपिक बना और इंस्टाग्राम पर 10 लाख फॉलोअर्स हो गए।
20 मई
फॉलोअर्स की संख्या 66 लाख के पार पहुंच गई।
21 मई
X अकाउंट ब्लॉक हुआ, जिसके बाद नया अकाउंट बनाया गया। इसी दिन इंस्टाग्राम पर कई राष्ट्रीय पार्टियों से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए।
22 मई
ऑनलाइन पिटीशन जारी कर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।
23 मई
फाउंडर ने दावा किया कि उनके पर्सनल अकाउंट और पार्टी से जुड़े अकाउंट हैक हो गए।
25 मई
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल हुई और जल्द सुनवाई की मांग की गई।
The Cockroach Janata Party (CJP) controversy has become one of India’s biggest viral social media movements, drawing attention from the Supreme Court and political circles. The petition demanding a CBI investigation into CJP activities, fake law degree allegations, and commercialization of court remarks has intensified public debate. With over 22.9 million Instagram followers, blocked X accounts, and growing online campaigns, the CJP issue continues to dominate trending news across India.


















