बद्रीनाथ में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नेताओं के खर्च और पेट्रोल-डीजल कीमतों पर उठाए सवाल
AIN NEWS 1: उत्तराखंड के पवित्र धाम बद्रीनाथ में इन दिनों बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा का आयोजन चल रहा है। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। धार्मिक प्रवचनों के बीच धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देश की राजनीति, बढ़ती महंगाई और आम जनता की परेशानियों को लेकर भी अपनी बात खुलकर रखी। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और सरकार द्वारा आम जनता से ईंधन की खपत कम करने की अपील पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल आम लोगों से त्याग करने को कहना उचित नहीं है, जबकि नेताओं और बड़े अधिकारियों के खर्चों पर कोई नियंत्रण दिखाई नहीं देता। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सच में देश की आर्थिक स्थिति मजबूत करनी है तो सभी वर्गों को समान रूप से जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
पेट्रोल-डीजल की खपत को लेकर क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री?
कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख हुआ कि आम जनता से पेट्रोल और डीजल का उपयोग कम करने की अपील की गई। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अगर नेताओं के चार्टर विमान और बड़े खर्चों पर भी रोक लगाई जाती तो लोगों को ज्यादा अच्छा लगता।
उन्होंने कहा,
“हमें इस बात से बहुत तकलीफ हुई कि आम जनता से कहा गया कि पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करें। काश नेताओं के चार्टरों पर भी रोक लगाई जाती। सबसे ज्यादा ईंधन तो वहीं खर्च होता है।”
उनके इस बयान के बाद कथा स्थल पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं। सोशल मीडिया पर भी यह बयान चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने इसे जनता की भावनाओं से जुड़ा बयान बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक टिप्पणी करार दिया।
नेताओं की सैलरी रोकने की भी कही बात
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने केवल ईंधन की खपत ही नहीं बल्कि नेताओं के वेतन को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर देश आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है तो केवल जनता से ही त्याग की उम्मीद क्यों की जाए। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि कुछ महीनों के लिए नेताओं की सैलरी भी रोकी जा सकती है।
उन्होंने कहा,
“एक काम और होना चाहिए था। तीन महीने के लिए नेताओं की सैलरी रोक देनी चाहिए थी। भारत का रुपया मजबूत करना है तो केवल आम जनता ही क्यों करे?”
उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग इस बयान को लेकर अपनी राय दे रहे हैं। कुछ लोग इसे आम आदमी की आवाज बता रहे हैं तो कुछ इसे लोकप्रियता हासिल करने वाला बयान मान रहे हैं।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बयान की भी चर्चा
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने संबोधन में व्यंग्य करते हुए “कॉकरोच जनता पार्टी” शब्द का भी इस्तेमाल किया। हालांकि उन्होंने किसी राजनीतिक दल का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इस बयान के अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि धीरेंद्र शास्त्री अब केवल धार्मिक मंच तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि उनके बयान सामाजिक और राजनीतिक बहस का हिस्सा बनने लगे हैं। यही वजह है कि उनके हर बयान पर लोगों की नजर रहती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गया। फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर लोग इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ आलोचना भी कर रहे हैं।
एक वर्ग का कहना है कि महंगाई और बढ़ते तेल के दामों से आम जनता परेशान है और ऐसे में धीरेंद्र शास्त्री ने वही बात कही है जो लोग महसूस करते हैं। वहीं दूसरे पक्ष का मानना है कि धार्मिक मंचों से राजनीतिक बयानबाजी नहीं होनी चाहिए।
देश में लगातार चर्चा का विषय बनी महंगाई
पिछले कुछ समय से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आम लोगों के लिए बड़ी चिंता बनी हुई हैं। परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की चीजें भी महंगी होती जा रही हैं। ऐसे में जब कोई बड़ा धार्मिक या सामाजिक चेहरा इस मुद्दे पर बयान देता है तो लोगों का ध्यान तेजी से उसकी ओर जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है। यातायात, खेती, खाद्य सामग्री और अन्य सेवाओं की लागत बढ़ने से महंगाई और अधिक महसूस होती है। यही कारण है कि पेट्रोल-डीजल हमेशा एक संवेदनशील मुद्दा माना जाता है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयानों पर पहले भी हुआ विवाद
यह पहला मौका नहीं है जब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान चर्चा में आया हो। इससे पहले भी वे कई मुद्दों पर अपनी राय रख चुके हैं। उनके कुछ बयान विवादों में रहे हैं, जबकि कई बार उन्हें लोगों का समर्थन भी मिला है।
बागेश्वर धाम के प्रमुख होने के कारण उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है। देशभर में उनके कथा कार्यक्रमों में हजारों लोग पहुंचते हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी लोकप्रियता काफी ज्यादा है। ऐसे में उनके किसी भी बयान का तेजी से वायरल होना स्वाभाविक माना जाता है।
बद्रीनाथ में कथा का विशेष महत्व
उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में आयोजित इस कथा को धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पहुंच रहे हैं। कथा में धर्म, अध्यात्म और समाज से जुड़े विषयों पर चर्चा की जा रही है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने प्रवचन में लोगों से धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि देश की मजबूती के लिए जनता और नेताओं दोनों को समान रूप से जिम्मेदार होना चाहिए।
लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं दो हिस्सों में बंटी दिखाई दे रही हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि उन्होंने आम आदमी की परेशानी को आवाज दी है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि धार्मिक मंचों पर राजनीति से जुड़े मुद्दों से दूरी रखनी चाहिए।
हालांकि इतना तय है कि उनका यह बयान देशभर में चर्चा का विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल सकती हैं।
बद्रीनाथ में कथा के दौरान दिया गया धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान अब राष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा बन गया है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें, नेताओं के खर्च और जनता पर पड़ते आर्थिक बोझ जैसे मुद्दों को उन्होंने अपने अंदाज में उठाया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस बयान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री केवल धार्मिक मंचों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके बयान सामाजिक और राजनीतिक बहस को भी प्रभावित करते हैं।
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