बकरीद की तैयारियों, गौशालाओं और तालाबों की स्थिति पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
AIN NEWS 1: जनपद में आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में दिनांक 25 मई 2026 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई, जिसमें जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में आगामी त्योहार बकरीद ईद की तैयारियों, गौशालाओं की व्यवस्थाओं तथा तालाबों की वर्तमान स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों तथा संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन की प्राथमिकता साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, पशुओं की सुरक्षा और जल संरक्षण को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
ईदगाहों के आसपास साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था के निर्देश
आगामी बकरीद पर्व को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों और ग्राम पंचायतों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में स्थित प्रमुख ईदगाहों और नमाज स्थलों का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि ईदगाहों के आसपास साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि त्योहार के दौरान लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके साथ ही पेयजल व्यवस्था को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि जहां भी बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की संभावना हो, वहां पर्याप्त मात्रा में पीने के पानी की व्यवस्था कराई जाए। जरूरत पड़ने पर अस्थायी पानी के टैंकर और अतिरिक्त साफ-सफाई कर्मचारियों की भी व्यवस्था की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि त्योहार के दौरान प्रशासनिक लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए।
भीषण गर्मी को देखते हुए गौशालाओं में विशेष इंतजाम
बैठक में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि इस समय सबसे अधिक ध्यान गौशालाओं में रह रहे पशुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर देने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौशालाओं में पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा लू और तेज गर्मी से पशुओं को बचाने के लिए विशेष इंतजाम करने के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि गौशालाओं में मोटे कपड़े के पर्दे लगाए जाएं ताकि गर्म हवाओं का प्रभाव कम हो सके। साथ ही जहां आवश्यकता हो वहां पशुओं के लिए कूलर और पंखों की व्यवस्था भी तत्काल कराई जाए।
उन्होंने कहा कि पशुओं के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमित रूप से पशु चिकित्सकों की निगरानी और स्वास्थ्य जांच भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
तालाबों को सूखने से बचाने के लिए प्रशासन सतर्क
बैठक में जिले के तालाबों और जल संरक्षण की स्थिति पर भी गंभीर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जनपद का कोई भी तालाब सूखना नहीं चाहिए। उन्होंने जल संरक्षण को प्रशासन की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि तालाबों में पानी बनाए रखने के लिए तत्काल प्रभाव से जरूरी कदम उठाए जाएं।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्रों में स्थित तालाबों का निरीक्षण करें और जहां पानी का स्तर कम हो रहा हो वहां आवश्यक कार्यवाही की जाए। जरूरत पड़ने पर जलभराव और सफाई के कार्य भी तत्काल कराए जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि गर्मी के मौसम में तालाबों का सूखना केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं बल्कि पशुओं और ग्रामीण क्षेत्रों की जल आवश्यकताओं के लिए भी गंभीर समस्या बन सकता है। इसलिए समय रहते सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें।
अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल व्यवस्थाएं बनाना नहीं बल्कि आम जनता तक उसका प्रभावी लाभ पहुंचाना भी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द और शांति व्यवस्था बनाए रखना भी प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
जनहित और पशु संरक्षण पर प्रशासन का विशेष फोकस
बैठक से साफ संकेत मिला कि इस बार प्रशासन बकरीद की तैयारियों के साथ-साथ जल संरक्षण और पशु कल्याण को लेकर भी पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। जहां एक ओर त्योहार के दौरान नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया, वहीं दूसरी ओर गौशालाओं में रह रहे पशुओं की सुरक्षा और तालाबों को बचाने के लिए भी विशेष रणनीति तैयार की जा रही है।
प्रशासन का मानना है कि भीषण गर्मी के इस दौर में पानी और पशुओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे में समय रहते व्यवस्थाएं मजबूत करना बेहद जरूरी है।
जिलाधिकारी ने अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण करते रहें और किसी भी समस्या की सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों को दें, ताकि समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
The District Magistrate chaired an important review meeting through video conferencing regarding Bakrid preparations, cow shelter management, and pond conservation across the district. Officials were directed to ensure cleanliness and drinking water facilities at Eidgahs, provide proper fodder and cooling arrangements for cattle in gaushalas during the heatwave, and prevent ponds from drying up. The administration emphasized public convenience, animal welfare, and water conservation ahead of the upcoming festival season in Uttar Pradesh.


















