spot_imgspot_img

फालता सीट पर EVM विवाद: टेप लगाने के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने दोबारा मतदान का दिया आदेश!

spot_img

Date:

फालता सीट पर EVM विवाद: टेप लगाने के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने दोबारा मतदान का दिया आदेश

AIN NEWS 1: पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर चुनावी विवादों को लेकर सुर्खियों में है। इस बार मामला दक्षिण 24 परगना जिले की फालता विधानसभा सीट से जुड़ा है, जहां इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के साथ छेड़छाड़ के आरोप सामने आए हैं। भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) ने तृणमूल कांग्रेस (तृणमूल कांग्रेस) के नेता जहांगीर खान की सीट पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ मतदान केंद्रों पर EVM मशीनों पर टेप लगाया गया था, जिससे वोटिंग प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।

इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग (भारतीय चुनाव आयोग) ने जांच के बाद संबंधित बूथों पर पुनर्मतदान (Re-polling) कराने का फैसला लिया है। इस फैसले ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

फालता विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं और स्थानीय उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि कुछ मतदान केंद्रों पर EVM मशीनों के कंट्रोल यूनिट या अन्य हिस्सों पर टेप लगा हुआ पाया गया। बीजेपी का दावा है कि यह टेपिंग सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है और इससे मशीनों की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल उठाती हैं और मतदाताओं के विश्वास को कमजोर करती हैं। उन्होंने तुरंत चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की थी।

चुनाव आयोग की कार्रवाई

शिकायत मिलने के बाद चुनाव आयोग ने मामले की जांच कराई। शुरुआती रिपोर्ट में यह सामने आया कि कुछ बूथों पर वास्तव में मशीनों पर टेप का इस्तेमाल हुआ था, हालांकि इसका उद्देश्य और प्रभाव स्पष्ट करने के लिए विस्तृत जांच की गई।

जांच के बाद आयोग ने फैसला लिया कि जिन बूथों पर इस तरह की गड़बड़ी की आशंका है, वहां निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए दोबारा मतदान कराया जाएगा। आयोग का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बीजेपी का रुख

बीजेपी ने चुनाव आयोग के इस फैसले का स्वागत किया है। पार्टी का कहना है कि यह लोकतंत्र की जीत है और इससे साफ होता है कि उनकी शिकायतें बेबुनियाद नहीं थीं।

पार्टी प्रवक्ताओं के अनुसार,

“अगर समय रहते इस मुद्दे को नहीं उठाया जाता, तो नतीजों पर गंभीर असर पड़ सकता था। चुनाव आयोग का निर्णय मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करता है।”

टीएमसी की प्रतिक्रिया

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि बीजेपी चुनाव में हार की आशंका से पहले ही बहाने ढूंढ रही है।

टीएमसी नेताओं के मुताबिक,

“EVM पर टेप लगाने जैसी बातें पूरी तरह भ्रामक हैं। यह विपक्ष की एक सोची-समझी रणनीति है ताकि चुनावी माहौल को प्रभावित किया जा सके।”

हालांकि, चुनाव आयोग के फैसले के बाद टीएमसी ने भी कहा है कि वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करती है और पुनर्मतदान में पूरा सहयोग देगी।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

इस पूरे विवाद के बीच स्थानीय मतदाताओं में भी चिंता देखने को मिली। कई लोगों का कहना है कि वे निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं और अगर दोबारा मतदान से पारदर्शिता बढ़ती है, तो यह सही कदम है।

एक स्थानीय मतदाता ने कहा,

“हम चाहते हैं कि हमारा वोट सही तरीके से गिना जाए। अगर कोई शक है, तो दोबारा मतदान होना चाहिए।”

EVM विवाद: नया नहीं है मुद्दा

भारत में EVM को लेकर विवाद कोई नया नहीं है। समय-समय पर विभिन्न राजनीतिक दलों ने मशीनों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग लगातार यह दावा करता रहा है कि EVM पूरी तरह सुरक्षित और छेड़छाड़ से मुक्त हैं।

इसके बावजूद, ऐसे मामलों में आयोग का त्वरित एक्शन यह दिखाता है कि वह किसी भी तरह के संदेह को नजरअंदाज नहीं करता।

पुनर्मतदान कब होगा?

चुनाव आयोग ने संबंधित बूथों की सूची जारी कर दी है और जल्द ही पुनर्मतदान की तारीख घोषित की जाएगी। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के साथ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस बार मतदान पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो।

फालता सीट पर EVM विवाद ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर बीजेपी इसे बड़ी जीत बता रही है, वहीं टीएमसी इसे राजनीतिक साजिश करार दे रही है।

हालांकि, चुनाव आयोग का पुनर्मतदान कराने का फैसला यह दर्शाता है कि लोकतंत्र में निष्पक्षता सर्वोपरि है और किसी भी संदेह की स्थिति में मतदाताओं का भरोसा बनाए रखना सबसे जरूरी है।

The Election Commission of India has ordered a re-poll in West Bengal’s Falta constituency after serious allegations of EVM tampering surfaced, raised by the BJP against TMC leader Jahangir Khan. The controversy over taped EVM machines has intensified political tensions between BJP and TMC, highlighting concerns over election transparency and fairness. This development is crucial in the context of West Bengal elections and raises broader questions about EVM security, voter trust, and democratic integrity in India.

 

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
scattered clouds
27.4 ° C
27.4 °
27.4 °
50%
1.4m/s
37%
Wed
26 °
Thu
28 °
Fri
25 °
Sat
29 °
Sun
31 °
Video thumbnail
Sudhanshu Trivedi : 'MLC चुनाव बैलट पेपर से हुए फिर भी कांग्रेस ZERO'
00:56
Video thumbnail
"मैं फख्र के साथ बोलता हूं मैं दिमागी नक्सल हूं" :
02:09
Video thumbnail
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' विशाखापत्तनम पहुंचा! हवा 125-135kmph की गति से चल रही है
00:15
Video thumbnail
बिलासपुर में पटवारी का रिश्वत लेते वीडियो वायरल!
00:56
Video thumbnail
चेन्नई में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, एन्नोर तट पर उठीं ऊंची समुद्री लहरें
00:11
Video thumbnail
जूता पहनने गया शख्स, अंदर बैठा था साँप! 😱 वीडियो हुआ वायरल
00:27
Video thumbnail
Ramdev : "यूपी में ओवैसी वोट काटकर, योगी जी को फायदा पहुंचाएंगे"
00:41
Video thumbnail
उन्नाव Domino’s Pizza विवाद 😱 पिज्जा बेस में कीड़े मिलने का आरोप | Viral Video | AIN NEWS 1
00:18
Video thumbnail
Ravi Kishan : "Rahul Gandhi एक ऐसा रॉकेट, 99 बार लॉन्च किया, हर बार असफल"
00:11
Video thumbnail
श्रद्धालु बनकर मंदिर पहुंची महिला, मां लक्ष्मी के गहने लेकर हुई फरार
00:26

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related