AIN NEWS 1 नोएडा। सेक्टर-46 स्थित गार्डेनिया ग्लोरी सोसाइटी में गणेश उत्सव के समापन पर श्रद्धा, भक्ति और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला। सोसाइटी में राकेश कुमार और अनुपमा के यहां स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा का 12वें दिन विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। इस अवसर पर सोसाइटी के मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और श्रद्धालु शामिल हुए।
गणपति बप्पा की विदाई के मौके पर सोसाइटी का मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की और उनके सुख-समृद्धि तथा परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इसके बाद श्रद्धा और उत्साह के साथ गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन किया गया।

12वें दिन हुआ गणपति विसर्जन
गणेश उत्सव के दौरान भगवान गणेश की स्थापना के बाद श्रद्धालु अलग-अलग परंपराओं के अनुसार प्रतिमा का विसर्जन करते हैं। गार्डेनिया ग्लोरी में इस बार गणपति विसर्जन 12वें दिन किया गया। राकेश कुमार और अनुपमा के यहां स्थापित गणेश प्रतिमा को पूरे धार्मिक विधि-विधान और श्रद्धा के साथ विदाई दी गई।
विसर्जन से पहले मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के समक्ष पुष्प अर्पित किए और आरती की। इस दौरान गणपति बप्पा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। सोसाइटी के कई निवासी इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए और गणपति बप्पा को अंतिम विदाई दी।

ऑर्गेनिक प्रतिमा रही खास आकर्षण
इस आयोजन की सबसे खास बात भगवान गणेश की प्रतिमा का ऑर्गेनिक होना रही। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ऐसी प्रतिमा का चयन किया गया, जो विसर्जन के बाद पानी में आसानी से घुल जाती है।
आयोजकों के अनुसार, प्रतिमा के विसर्जन के बाद प्राप्त पानी को पौधों में इस्तेमाल किया जाता है। इससे धार्मिक परंपरा को निभाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। आज जब धार्मिक आयोजनों के दौरान पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, ऐसे में ऑर्गेनिक गणेश प्रतिमा का इस्तेमाल एक सकारात्मक पहल के तौर पर सामने आया।
प्रतिमा के लिए पर्यावरण अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल किए जाने से विसर्जन के बाद जल प्रदूषण को कम करने की दिशा में भी प्रयास किया गया। सोसाइटी में आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी को भी सामने रखा।

सोसाइटी के लोगों ने उत्साह से लिया हिस्सा
गणेश विसर्जन कार्यक्रम में गार्डेनिया ग्लोरी के निवासियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक कई लोग भगवान गणेश की विदाई के इस अवसर पर मंदिर परिसर में पहुंचे।
पूजा और आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा से परिवार और समाज के लिए सुख-शांति की कामना की। धार्मिक आयोजन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सोसाइटी में आपसी मेल-जोल और सामुदायिक भावना भी देखने को मिली। अलग-अलग परिवारों के लोग एक साथ कार्यक्रम में शामिल हुए और गणेश उत्सव के समापन को सामूहिक रूप से मनाया।

धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण का संदेश
गार्डेनिया ग्लोरी में आयोजित यह गणेश विसर्जन केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा। ऑर्गेनिक गणेश प्रतिमा के इस्तेमाल ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
आमतौर पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर जल प्रदूषण और प्रतिमा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर पर्यावरण संबंधी चिंताएं सामने आती रही हैं। ऐसे में प्राकृतिक या पर्यावरण अनुकूल सामग्री से बनी प्रतिमाओं को बढ़ावा देने की कोशिश धार्मिक आयोजनों को अधिक पर्यावरण-संवेदनशील बनाने की दिशा में एक कदम माना जाता है।
गार्डेनिया ग्लोरी में प्रतिमा के विसर्जन के बाद पानी को पौधों में इस्तेमाल करने की व्यवस्था इसी सोच से जुड़ी रही। इससे बच्चों और सोसाइटी के अन्य निवासियों को भी धार्मिक परंपराओं के साथ प्रकृति की देखभाल का संदेश मिला।

इन लोगों की रही मौजूदगी
गणेश विसर्जन के इस आयोजन में सोसाइटी की सीमा रानी, मधुलिका गौड़, नीरू सिन्हा, प्राची लाला और उपेंद्र मिश्रा समेत बड़ी संख्या में निवासी मौजूद रहे।
सभी ने पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया और गणपति बप्पा की विदाई के अवसर पर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को गणेश उत्सव के सफल आयोजन की शुभकामनाएं दीं।
गौरतलब है कि गार्डेनिया ग्लोरी सेक्टर-46, नोएडा में स्थित एक बड़ी आवासीय सोसाइटी है और यहां समय-समय पर धार्मिक एवं सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। हाल ही में गणेश चतुर्थी के अवसर पर भी सोसाइटी में घर-घर गणपति स्थापना और धार्मिक आयोजन की जानकारी सामने आई थी।
आस्था के साथ जिम्मेदारी की मिसाल
गणपति बप्पा की विदाई के साथ 12 दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन का समापन हुआ। श्रद्धालुओं के लिए यह भावुक क्षण भी रहा, क्योंकि गणेश उत्सव के दौरान भगवान गणेश को घर में परिवार के सदस्य की तरह पूजा जाता है और विसर्जन के समय उन्हें अगले वर्ष फिर आने का निमंत्रण देकर विदाई दी जाती है।
गार्डेनिया ग्लोरी में इस परंपरा को निभाने के साथ ऑर्गेनिक प्रतिमा का इस्तेमाल करना कार्यक्रम को विशेष बनाता है। प्रतिमा के विसर्जन के बाद पानी को पौधों के लिए इस्तेमाल किए जाने की व्यवस्था ने धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया।
इस तरह गार्डेनिया ग्लोरी में गणपति विसर्जन श्रद्धा, सामुदायिक सहभागिता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए संपन्न हुआ। सोसाइटी के निवासियों ने पूरे उत्साह के साथ गणपति बप्पा को विदाई दी और अगले वर्ष फिर उनके आगमन की कामना की।
गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।
Gardenia Glory Sector 46 Noida witnessed a devotional Ganesh Visarjan ceremony on the 12th day of Ganesh Chaturthi 2026. Residents participated in Ganesh Puja, Aarti and the farewell ceremony of an organic Ganesh idol. The eco-friendly Ganesh Visarjan allowed the idol to dissolve in water, which was later used for plants, highlighting environmental awareness along with religious faith and community participation.



















