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गाजियाबाद में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़: 17 युवतियों समेत 20 गिरफ्तार, नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी का खुलासा!

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गाजियाबाद में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़: 17 युवतियों समेत 20 गिरफ्तार, नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी

AIN NEWS 1 गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पुलिस ने एक ऐसे संगठित फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है, जो लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रहे बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बना रहा था। पुलिस की कार्रवाई में कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 17 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। आरोप है कि यह गिरोह देशभर के युवाओं को आकर्षक नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की ठगी करता था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी आधुनिक तकनीक और प्रोफेशनल तरीके से कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। पहली नजर में यह एक वैध कंपनी जैसा दिखाई देता था, लेकिन अंदर से पूरा नेटवर्क बेरोजगार युवाओं को धोखा देने के लिए तैयार किया गया था। पुलिस ने मौके से कई लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

कैसे बनाया जाता था युवाओं को निशाना

जांच में सामने आया कि गिरोह सबसे पहले विभिन्न जॉब पोर्टलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से नौकरी तलाश रहे युवाओं का डेटा जुटाता था। इसके बाद कॉल सेंटर के कर्मचारी खुद को किसी बड़ी निजी कंपनी या प्रतिष्ठित भर्ती एजेंसी का प्रतिनिधि बताकर उम्मीदवारों से संपर्क करते थे।

फोन पर उम्मीदवारों को बताया जाता था कि उनका रिज्यूमे चयनित हो गया है और उन्हें अच्छी सैलरी वाली नौकरी मिल सकती है। इसके बाद उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन फीस, ट्रेनिंग फीस या सिक्योरिटी डिपॉजिट जैसे अलग-अलग बहानों से पैसे जमा कराए जाते थे।

जैसे ही पीड़ित पैसे जमा कर देता, उससे दोबारा किसी न किसी कारण से अतिरिक्त रकम मांगी जाती थी। कई मामलों में पीड़ितों से बार-बार भुगतान कराया गया। जब उम्मीदवार नौकरी के बारे में जानकारी मांगते या दबाव बनाते, तो आरोपी फोन बंद कर देते या नंबर बदल लेते थे।

प्रोफेशनल तरीके से चल रहा था फर्जी नेटवर्क

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कोई छोटा-मोटा ठगी का मामला नहीं था। कॉल सेंटर में काम करने वाले लोगों को स्क्रिप्ट दी जाती थी ताकि वे उम्मीदवारों से विश्वास के साथ बात कर सकें। महिलाओं को भी कॉलिंग के लिए लगाया गया था ताकि सामने वाले को किसी प्रकार का संदेह न हो।

पूरे नेटवर्क को इस तरह तैयार किया गया था कि पीड़ित को शुरुआत में सब कुछ वास्तविक लगे। कॉल सेंटर में कंप्यूटर, इंटरनेट, कॉलिंग सिस्टम और रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था भी बनाई गई थी।

पुलिस ने ऐसे किया खुलासा

लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर गाजियाबाद पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने राजेंद्र नगर क्षेत्र में छापा मारा। कार्रवाई के दौरान कॉल सेंटर से 20 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने मौके से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड, बैंक दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य सामान बरामद किया है। इन सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी की कुल राशि कितनी है।

क्या फर्जी सरकारी नियुक्ति पत्र भी दिए जाते थे?

सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ पोस्ट में कहा गया कि आरोपी युवाओं को फर्जी सरकारी नियुक्ति पत्र भी उपलब्ध कराते थे।

हालांकि, अब तक गाजियाबाद पुलिस या उपलब्ध विश्वसनीय समाचार रिपोर्टों में इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की शुरुआती जांच में मुख्य आरोप नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से पैसे ठगने का सामने आया है। इसलिए फर्जी सरकारी नियुक्ति पत्र देने संबंधी दावे को फिलहाल प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

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देशभर के बेरोजगार युवाओं के लिए चेतावनी

यह मामला उन लाखों युवाओं के लिए बड़ी चेतावनी है जो बेहतर रोजगार की तलाश में इंटरनेट पर नौकरी खोजते हैं। साइबर अपराधी अब पारंपरिक तरीकों की बजाय फर्जी कॉल सेंटर, सोशल मीडिया और जॉब पोर्टल के माध्यम से लोगों को निशाना बना रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, ईमेल और पंजीकरण की जांच अवश्य करें। यदि कोई संस्था इंटरव्यू से पहले पैसे मांगती है, तो सतर्क हो जाना चाहिए।

नौकरी की तलाश कर रहे युवा रखें इन बातों का ध्यान

किसी भी नौकरी के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन या जॉइनिंग फीस जमा न करें।

केवल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी पर भरोसा करें।

संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत जांच करें।

किसी अनजान बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर न करें।

ऑफर लेटर मिलने पर कंपनी के आधिकारिक ईमेल या कार्यालय से सत्यापन करें।

धोखाधड़ी का संदेह होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

पुलिस कर रही है आगे की जांच

पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस और लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह का नेटवर्क केवल गाजियाबाद तक सीमित था या देश के अन्य राज्यों में भी फैला हुआ था। जांच पूरी होने के बाद कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी तरह का भुगतान करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें। थोड़ी सी सावधानी आपको बड़ी आर्थिक ठगी से बचा सकती है।

Ghaziabad Police have busted a fake call center involved in a major job fraud scam, arresting 20 accused, including 17 women. The gang allegedly targeted job seekers across India by offering fake employment opportunities and collecting registration, processing, and verification fees. The Ghaziabad fake call center case highlights the growing threat of online job scams, fake recruitment agencies, and employment fraud. Job seekers are advised to verify company credentials and avoid paying any money before receiving a genuine job offer.

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