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गाजियाबाद पत्रकार आंदोलन का छठा दिन: 26 दिन बाद भी जांच अधूरी, अपूर्वा चौधरी ने निष्पक्ष कार्रवाई की मांग दोहराई!

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AIN NEWS 1: गाजियाबाद जिला मुख्यालय के बाहर पत्रकारों का अनिश्चितकालीन धरना रविवार को छठे दिन भी जारी रहा। भीषण गर्मी, तेज धूप और मौसम की कठिन परिस्थितियों के बावजूद पत्रकार अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर डटे हुए हैं। पत्रकार अपूर्वा चौधरी के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में लगातार पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों का समर्थन बढ़ता जा रहा है।

आंदोलन कर रहे पत्रकारों का कहना है कि जिस मामले की जांच के लिए पुलिस प्रशासन ने तीन दिन का समय मांगा था, उसमें 26 दिन बीत जाने के बाद भी कोई स्पष्ट निष्कर्ष या कार्रवाई सामने नहीं आई है। इसी देरी को लेकर पत्रकारों में नाराजगी बढ़ रही है और उन्होंने अपनी लड़ाई को अब व्यापक स्तर पर उठाने का ऐलान किया है।

अपूर्वा चौधरी ने पुलिस प्रशासन पर उठाए सवाल

धरना स्थल पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए अपूर्वा चौधरी ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति की निजी लड़ाई नहीं है, बल्कि उन लोगों की आवाज है जो व्यवस्था से न्याय की उम्मीद रखते हैं।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ माना जाता है और यदि पत्रकारों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जाएगा तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दर्ज मामले और कार्रवाई को लेकर निष्पक्ष जांच की जरूरत है।

अपूर्वा चौधरी ने कहा कि वह चाहतीं तो इस मामले को केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित रख सकती थीं, लेकिन उन्होंने सड़क पर उतरकर अपनी आवाज उठाने का फैसला इसलिए किया ताकि आम लोगों में अन्याय के खिलाफ खड़े होने का विश्वास पैदा हो।

ACP उपासना पांडेय पर लगाए आरोप

आंदोलन के दौरान अपूर्वा चौधरी ने गाजियाबाद पुलिस की ACP उपासना पांडेय पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनकी सामाजिक और पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनके पास मौजूद सभी साक्ष्य वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध करा दिए गए हैं और उन्हें उम्मीद है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी।

अपूर्वा चौधरी ने कहा कि उनके लिए सम्मान और प्रतिष्ठा बेहद महत्वपूर्ण है और वह चाहती हैं कि सच्चाई सामने आए। उन्होंने प्रशासन से मामले में जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

आत्महत्या की चेतावनी से मचा हड़कंप

धरना स्थल से संबोधित करते हुए अपूर्वा चौधरी ने कहा कि यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही या पक्षपात किया गया तो वह कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगी। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस संबंध में एक सुसाइड लेटर भी जारी किया है, जिसमें जिम्मेदार अधिकारियों के नाम दर्ज होने की बात कही गई है।

हालांकि प्रशासन की ओर से इस मामले में आगे की कार्रवाई और जांच को लेकर आधिकारिक स्थिति का इंतजार है।

पुलिस अधिकारियों पर भरोसा जताया

अपूर्वा चौधरी ने कहा कि उन्हें अभी भी गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर और एडिशनल कमिश्नर केशव चौधरी से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ लड़ाई नहीं है, बल्कि व्यवस्था में सुधार और न्याय सुनिश्चित कराना है। उन्होंने कहा कि वह तब तक आंदोलन जारी रखेंगी जब तक उन्हें उचित न्याय नहीं मिलता।

26 दिन बाद भी कार्रवाई का इंतजार

धरने पर बैठे पत्रकारों का आरोप है कि मामले की जांच में अनावश्यक देरी की जा रही है। उनका कहना है कि जहां अन्य मामलों में जांच में लापरवाही मिलने पर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाती है, वहीं इस मामले में लंबा समय बीतने के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।

आंदोलनकारियों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और पत्रकारों के साथ न्याय किया जाए।

पत्रकारों और समाज के लोगों का मिल रहा समर्थन

जैसे-जैसे आंदोलन आगे बढ़ रहा है, इसे विभिन्न सामाजिक वर्गों का समर्थन मिल रहा है। धरना स्थल पर कई पत्रकार लगातार मौजूद रहकर अपना समर्थन दे रहे हैं।

इस आंदोलन में पंकज शर्मा, पवन चौधरी, वरिष्ठ पत्रकार संजय भाटी, विकास कुमार, ब्रजभूषण, सतीश कुमार, राजीव सिंह, रिहान जैदी, सुमन मिश्रा, उमेश त्यागी, महेश त्यागी, ब्रजभूषण शर्मा, ज्ञान भारद्वाज, सविता चौधरी सहित कई पत्रकार सक्रिय रूप से शामिल हैं।

आगे की रणनीति पर नजर

पत्रकारों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब सभी की नजर पुलिस प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

गाजियाबाद में चल रहा यह पत्रकार आंदोलन लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में प्रशासन की भूमिका इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।

Ghaziabad journalists protest has entered its sixth day with journalist Apoorva Chaudhary demanding a fair and transparent investigation. The ongoing Ghaziabad police controversy has attracted attention as journalists continue their indefinite protest outside the district headquarters. The case highlights concerns related to press freedom, journalist safety, police accountability, and delayed investigations in Uttar Pradesh. This latest Ghaziabad news update covers the protest developments, allegations, demands, and response expected from authorities.

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