गाजियाबाद: पत्नी से विवाद के बीच साले पर जानलेवा फायरिंग, मेरठ जेल में तैनात सिपाही और उसका साथी गिरफ्तार
AIN NEWS 1: गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में पारिवारिक विवाद ने उस समय खतरनाक रूप ले लिया जब एक युवक पर उसके ही जीजा ने अपने दोस्त के साथ मिलकर कथित तौर पर जानलेवा फायरिंग कर दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा कर मेरठ जेल में तैनात एक सिपाही और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई अवैध .32 बोर की पिस्टल और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अपनी पत्नी से चल रहे घरेलू विवाद के कारण मानसिक रूप से तनाव में था। इसी दौरान उसका अपने साले से भी विवाद हो गया था। इसी रंजिश के चलते उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और साले पर गोली चला दी।

क्या है पूरा मामला?
लोनी क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि दो युवक बुलेट मोटरसाइकिल पर उनके घर के बाहर पहुंचे और उनके बेटे तुषार पर फायरिंग कर दी। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। इसी जांच के दौरान आरोपियों की पहचान विवेक और नवनीत उर्फ मीनू के रूप में हुई।
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पुलिस ने कैसे पकड़े आरोपी?
घटना के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं। लगातार जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को लोनी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी विवेक बलराज नगर का रहने वाला है और वर्तमान में मेरठ जेल में सिपाही के पद पर तैनात है। वहीं दूसरा आरोपी नवनीत उर्फ मीनू मेरठ जिले के जानी थाना क्षेत्र के टिमकिया गांव का निवासी है।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई अवैध .32 बोर पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया। बरामद हथियार को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
पत्नी से विवाद बना हमले की वजह
पूछताछ के दौरान आरोपी विवेक ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी से लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इस विवाद के दौरान उसका अपने साले तुषार से भी कई बार विवाद हुआ।
आरोपी का कहना है कि तुषार ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया था, जिससे वह काफी नाराज था। इसी नाराजगी ने धीरे-धीरे बदले की भावना का रूप ले लिया। इसके बाद उसने अपने दोस्त नवनीत के साथ मिलकर तुषार की हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार, योजना के तहत दोनों आरोपी रात के समय ससुराल पहुंचे और तुषार को निशाना बनाकर फायरिंग कर दी। हालांकि इस हमले में तुषार की जान बच गई और पुलिस को पूरे मामले की जांच का मौका मिल गया।
दोस्त ने उपलब्ध कराई अवैध पिस्टल
जांच में यह भी सामने आया कि घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल विवेक की नहीं बल्कि उसके दोस्त नवनीत की थी।
पूछताछ के दौरान नवनीत ने बताया कि वर्ष 2021 में वह हत्या के एक मामले में जेल गया था। जेल में उसकी मुलाकात नवेद नाम के एक आरोपी से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद उसने उसी व्यक्ति से अवैध पिस्टल खरीदी थी, जिसका इस्तेमाल इस वारदात में किया गया।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्य बने सबसे बड़ा सुराग
इस मामले के खुलासे में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी जांच की अहम भूमिका रही। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली, संदिग्धों की गतिविधियों का मिलान किया और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से दोनों आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं के संयोजन से इस मामले का जल्द खुलासा संभव हो सका।
आरोपियों पर दर्ज हुईं गंभीर धाराएं
एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि अवैध हथियार उपलब्ध कराने वाले अन्य लोगों की इस साजिश में क्या भूमिका रही।
अवैध हथियारों के नेटवर्क की भी होगी जांच
पुलिस का मानना है कि इस घटना की जांच केवल फायरिंग तक सीमित नहीं रहेगी। जिस तरह आरोपी ने जेल में हुई पहचान के जरिए अवैध हथियार खरीदा, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि प्रदेश में सक्रिय अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क का मामला इससे जुड़ा हो सकता है।
इसी कारण पुलिस अब हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति और उससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में भी जुट गई है। यदि जांच में कोई बड़ा नेटवर्क सामने आता है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पारिवारिक विवाद का खतरनाक अंजाम
यह मामला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि पारिवारिक विवाद यदि समय रहते सुलझाए न जाएं तो वे गंभीर आपराधिक घटनाओं का रूप ले सकते हैं। मामूली कहासुनी और रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट ने इस मामले में जानलेवा हमले का रूप ले लिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में संवाद, कानूनी सलाह और पारिवारिक मध्यस्थता जैसे उपाय कई बार बड़ी घटनाओं को टाल सकते हैं।
फिलहाल क्या है स्थिति?
फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल बरामद कर ली गई है और पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। साथ ही अवैध हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति और उससे जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच जारी है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि इस मामले में अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
A shocking crime incident surfaced from Ghaziabad’s Loni area where a jail constable posted in Meerut and his associate were arrested for allegedly attempting to murder the constable’s brother-in-law. According to Ghaziabad Police, the accused used an illegal pistol to open fire following a family dispute linked to marital issues. The investigation relied on CCTV footage, eyewitness accounts, and technical evidence, leading to the arrest of both accused. Police have recovered the weapon used in the crime and are also investigating the illegal arms supply network connected to the case.


















