AIN NEWS 1 कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि कारोबारी की हत्या किसी बाहरी लूटपाट की घटना का नतीजा नहीं थी, बल्कि इसके पीछे कथित तौर पर परिवार से जुड़ी साजिश थी। पुलिस के अनुसार, विनीत मिनोचा की बहू शालू पर हत्या की साजिश रचने और पूर्व नौकर को सुपारी देने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद शालू को भी हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है।
मामले में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की पूरी साजिश कब और कैसे तैयार की गई, आरोपियों को घर में प्रवेश की जानकारी किसने दी और इस वारदात में परिवार के किसी अन्य सदस्य की भूमिका थी या नहीं।

घर में घुसकर की गई कारोबारी की हत्या
विनीत मिनोचा कानपुर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में रहते थे। वह दवा कारोबार से जुड़े हुए थे और बिरहाना रोड पर फार्मा ट्रेडर्स नाम से अपना कारोबार चलाते थे। 5 सितंबर की देर रात उनकी हत्या कर दी गई।
शुरुआती तौर पर मामला बेहद रहस्यमय नजर आया। जांच के दौरान पुलिस ने अपार्टमेंट और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इसी दौरान पुलिस को कुछ ऐसी तस्वीरें मिलीं, जिन्होंने पूरे मामले की दिशा बदल दी।
CCTV फुटेज के मुताबिक विनीत का बेटा सुब्रत, उनकी पत्नी शालू और उनका छह साल का बेटा रात करीब साढ़े नौ बजे घर से बाहर निकले थे। इसके कुछ ही मिनट बाद दो संदिग्ध व्यक्ति फ्लैट के आसपास दिखाई दिए और कथित तौर पर घर के अंदर दाखिल हुए।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी काफी देर तक फ्लैट के अंदर मौजूद रहे। इसी दौरान विनीत घर लौटे और इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई।
26 से ज्यादा वार से हत्या
पुलिस जांच में हत्या की भयावहता भी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक विनीत के शरीर पर चाकू से 26 से ज्यादा वार किए गए थे। पोस्टमार्टम में गले और हाथ पर भी गंभीर चोटों की जानकारी सामने आई है।
हत्या के बाद आरोपी घर से बाहर निकल गए। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास शुरू किया। जांच आगे बढ़ी तो शक पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम पर गया।
पुलिस ने विशाल के साथ उसके साथी राजकिशोर को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों से लंबी पूछताछ की गई।
पूछताछ में बहू का नाम सामने आने का दावा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि हत्या की साजिश में कारोबारी की बहू शालू की भूमिका थी। आरोप है कि शालू ने ही विनीत की हत्या कराने के लिए पूर्व नौकर विशाल से संपर्क किया था।
पुलिस के सामने करीब छह लाख रुपये में हत्या की सुपारी देने की बात भी सामने आने का दावा किया गया है। हालांकि, इस रकम और पूरी साजिश से जुड़े तथ्यों की पुलिस अभी जांच कर रही है। इसलिए इसे फिलहाल पुलिस जांच में सामने आया आरोप ही माना जा रहा है।
आरोपियों के बयान के बाद पुलिस ने शालू को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ शुरू की। पुलिस का कहना है कि शुरुआत में शालू ने मामले से खुद को अलग बताया और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। बाद में पूछताछ के दौरान उसके बयान में बदलाव आने की बात सामने आई।
ससुर से नाराजगी की बात आई सामने
पुलिस पूछताछ में हत्या की कथित वजह भी सामने आई है। शालू ने कथित तौर पर बताया कि करोड़पति परिवार की बहू होने के बावजूद उसके व्यक्तिगत खर्चों पर ससुर विनीत का काफी नियंत्रण था।
बताया गया है कि घर के खर्च और अन्य जरूरतों के लिए परिवार को एक तय रकम मिलती थी। छोटे-बड़े खर्चों के लिए भी कथित तौर पर विनीत से पैसे लेने पड़ते थे। इसी बात को लेकर बहू और ससुर के बीच तनाव होने का दावा किया जा रहा है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पारिवारिक विवाद वास्तव में इतना बढ़ गया था कि हत्या की साजिश रची गई, या इसके पीछे कोई दूसरा कारण भी था।
हालांकि, इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस के सामने सामने आए आरोपों को अभी अदालत में साबित किया जाना बाकी है। कारोबारी के कर्मचारियों और परिचितों से पूछताछ में विनीत के व्यक्तित्व को लेकर अलग-अलग बातें भी सामने आई हैं। ऐसे में पुलिस हर पहलू को जांच में शामिल कर रही है।
डुप्लीकेट चाबी ने बढ़ाया शक
इस हत्याकांड में सबसे अहम सवालों में से एक यह है कि दोनों आरोपी फ्लैट में इतनी आसानी से कैसे दाखिल हुए।
जांच के दौरान पुलिस को शक है कि आरोपियों के पास घर की चाबी या उसकी डुप्लीकेट चाबी हो सकती थी। क्योंकि फ्लैट में जबरन प्रवेश के स्पष्ट संकेत नहीं मिले, इसलिए पुलिस यह पता कर रही है कि घर की चाबी आरोपियों तक कैसे पहुंची।
अगर डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल हुआ है तो यह इस बात का महत्वपूर्ण सुराग हो सकता है कि हत्यारों को घर की अंदरूनी जानकारी पहले से थी।
सुब्रत की भूमिका की भी जांच
पुलिस इस मामले में शालू के पति सुब्रत की भूमिका को लेकर भी जांच कर रही है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर सुब्रत को हत्या का आरोपी घोषित करना उचित नहीं है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या वाले दिन शालू, सुब्रत और आरोपियों के बीच किस तरह का संपर्क हुआ था। इसी क्रम में कॉल डिटेल और मोबाइल फोन से जुड़ी जानकारी की जांच की जा रही है।
खास तौर पर पुलिस यह पता करना चाहती है कि हत्या के दिन शालू और विशाल के बीच कितनी बार बातचीत हुई और क्या दोनों के बीच पहले से संपर्क था।
पुलिस के सामने कई सवाल
इस हत्याकांड में पुलिस के सामने अब कई सवाल हैं। हत्या की योजना कब बनाई गई? आरोपियों को घर की जानकारी किसने दी? छह लाख रुपये की सुपारी की बात कितनी सही है? घर की चाबी आरोपियों के पास कैसे पहुंची? और क्या इस साजिश में सिर्फ शालू और दो आरोपी शामिल थे या कोई और व्यक्ति भी पर्दे के पीछे था?
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस ने पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया है, जबकि शालू से पूछताछ जारी है। पुलिस CCTV फुटेज, कॉल डिटेल, मोबाइल डेटा और अन्य साक्ष्यों को आपस में मिलाकर घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।
कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड ने परिवार के भीतर कथित तनाव और सुनियोजित हत्या की आशंका को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में बहू शालू पर हत्या की साजिश रचने का आरोप सामने आया है और पूर्व कर्मचारी समेत दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि पुलिस पूछताछ में सामने आए आरोप अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं हैं। मामले की वास्तविक सच्चाई जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान हत्या की साजिश की हर कड़ी जोड़ने और इसमें शामिल सभी संभावित लोगों की भूमिका स्पष्ट करने पर है।
Kanpur medicine trader Vinod Minocha murder case has taken a major turn after police arrested former employee Vishal Gautam and his associate Rajkishore. Police have also detained Minocha’s daughter-in-law Shalu over allegations of planning the contract killing. Investigators are examining CCTV footage, call details, mobile records, the alleged ₹6 lakh deal and the suspected duplicate key used to enter the flat. The Kanpur murder investigation is also examining whether any other family member was involved.



















