सावन के पहले सोमवार पर काशी विश्वनाथ धाम फूलों से सजा, बाबा के दर्शन के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब
AIN NEWS 1 वाराणसी। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस पावन माह के पहले सोमवार को धर्मनगरी वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के सुबह से ही लाखों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचने लगे। इस विशेष अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम को रंग-बिरंगे फूलों से बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया, जिसने पूरे परिसर की भव्यता को कई गुना बढ़ा दिया।
फूलों से सजे मंदिर की मनमोहक छटा ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ-साथ एक दिव्य दृश्य का अनुभव भी कराया। मंदिर प्रशासन ने सावन के पहले सोमवार को देखते हुए सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और दर्शन व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

फूलों से महका पूरा काशी विश्वनाथ धाम
सावन सोमवार के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर को हजारों रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया। प्रवेश द्वार से लेकर गर्भगृह के आसपास तक विशेष फूलों की सजावट की गई। विभिन्न प्रकार के ताजे फूलों से तैयार की गई आकर्षक डिजाइन और सजावटी मेहराब श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
मंदिर परिसर में पहुंचने वाले श्रद्धालु इस मनोहारी दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। कई भक्तों ने इसे अपने जीवन का यादगार आध्यात्मिक अनुभव बताया।
ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला
पहले सावन सोमवार पर ब्रह्म मुहूर्त में मंगला आरती के साथ पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के द्वार खोल दिए गए। सुबह होते-होते मंदिर परिसर और आसपास की सड़कों पर भक्तों की लंबी कतारें लग गईं।
देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली तथा देश की उन्नति की कामना की। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया।
कांवड़ियों की भारी भीड़
सावन सोमवार के अवसर पर बड़ी संख्या में कांवड़िए भी काशी पहुंचे। गंगा से जल भरकर आए शिवभक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। कई श्रद्धालु पैदल यात्रा कर वाराणसी पहुंचे थे। कांवड़ियों के लिए अलग से मार्ग और सुविधाओं की व्यवस्था की गई, जिससे दर्शन प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती रही।
प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की गई और ड्रोन के माध्यम से भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी गई।
भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की गई तथा अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग बनाए गए। चिकित्सा सहायता, पेयजल, मोबाइल शौचालय और सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं में दिखा गहरा उत्साह
सावन के पहले सोमवार को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई परिवार सुबह चार बजे से ही मंदिर पहुंच गए थे। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने घंटों लाइन में लगकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए।
मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं का कहना था कि फूलों से सजा धाम बेहद आकर्षक दिखाई दे रहा था और इस दिव्य वातावरण में पूजा करने का अनुभव जीवनभर याद रहेगा।
धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। मान्यता है कि इस पूरे महीने शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
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सावन का प्रत्येक सोमवार विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन व्रत रखने, रुद्राभिषेक करने और भगवान शिव का पूजन करने से सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। इसी कारण देशभर के प्रमुख शिवालयों में सावन सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
वाराणसी में बढ़ी रौनक
सावन के पहले सोमवार पर वाराणसी शहर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में नजर आया। घाटों, मंदिरों और प्रमुख मार्गों पर शिवभक्तों की भीड़ रही। स्थानीय व्यापारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह जलपान, चिकित्सा सहायता और विश्राम की व्यवस्था भी की।
सोशल मीडिया पर छाई फूलों से सजी तस्वीरें
काशी विश्वनाथ धाम की फूलों से सजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। श्रद्धालु इन तस्वीरों को साझा करते हुए हर-हर महादेव के जयघोष के साथ सावन सोमवार की शुभकामनाएं दे रहे हैं। मंदिर की भव्य सजावट लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
सावन के पहले सोमवार पर काशी विश्वनाथ धाम का दिव्य और भव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया। रंग-बिरंगे फूलों की आकर्षक सजावट, बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार, लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और प्रशासन की बेहतर व्यवस्थाओं ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया। वाराणसी एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंगा दिखाई दिया और पूरे दिन बाबा विश्वनाथ के जयघोष से काशी की गलियां गूंजती रहीं।
On the first Sawan Monday 2026, Kashi Vishwanath Dham in Varanasi was beautifully decorated with colorful flowers as lakhs of devotees gathered to offer prayers to Lord Shiva. The grand flower decoration, special rituals, and smooth security arrangements made the temple a major spiritual attraction. The celebration of Sawan Somwar, Kanwar Yatra, and the divine atmosphere at Kashi Vishwanath Temple continue to draw devotees from across India, making it one of the most significant religious events in the country.



















