AIN NEWS 1: लखनऊ के बीकेटी इलाके में अक्टूबर 2025 में हुए प्रदीप गौतम हत्याकांड ने हर किसी को हैरान कर दिया था। शुरुआत में मामला एक सामान्य हत्या या आपसी विवाद का लग रहा था, लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो कहानी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया। पुलिस के मुताबिक, प्रदीप की हत्या के पीछे कोई बाहरी दुश्मन नहीं, बल्कि उसकी पत्नी चांदनी और उसका कथित प्रेमी बच्चा लाल थे। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
इस मामले में मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस को अहम सुराग दिए। जांच में सामने आया कि हत्या से पहले चांदनी और बच्चा लाल के बीच लगातार बातचीत हो रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब दो सप्ताह में दोनों के बीच लगभग 400 बार फोन पर बातचीत हुई थी। पुलिस के अनुसार, चांदनी अपने पति की गतिविधियों और लोकेशन की जानकारी भी प्रेमी तक पहुंचा रही थी।

25 अक्टूबर की रात मिला था प्रदीप का शव
यह मामला 25 अक्टूबर 2025 की रात सामने आया था। बीकेटी थाना क्षेत्र के मामपुर बाना इलाके में किसान पथ के पास प्रदीप गौतम का शव मिला था। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदीप के सिर और पीठ पर गोली लगी थी। घटनास्थल बीकेटी थाने से करीब 300 मीटर की दूरी पर बताया गया। शुरुआती जांच में पुलिस के सामने हत्या के कई संभावित कारण थे और परिजनों की ओर से भी अलग-अलग आशंकाएं जताई गई थीं।
प्रदीप पुलिस लाइंस के बायो प्लांट में संविदा पर काम करता था। वह मामपुर बाना में पत्नी चांदनी और दो बेटियों के साथ रहता था। हत्या के बाद परिवार में मातम का माहौल था, लेकिन पुलिस की नजर जल्द ही कुछ ऐसे बिंदुओं पर गई, जिनसे जांच की दिशा बदल गई।
पत्नी की गतिविधियों ने बढ़ाया पुलिस का शक
पुलिस जांच के दौरान प्रदीप की पत्नी चांदनी से पूछताछ की गई। पुलिस को उसके बयानों और मोबाइल गतिविधियों में कुछ ऐसे तथ्य मिले, जिनके बाद उस पर शक गहराता गया।
पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR और सर्विलांस के जरिए चांदनी के संपर्क में रहने वाले नंबरों की पड़ताल की। इसी दौरान एक नंबर ऐसा मिला, जिससे चांदनी की लगातार बातचीत हो रही थी। जांच में यह नंबर बांदा निवासी बच्चा लाल का बताया गया। हत्या से पहले दोनों के बीच हुई बड़ी संख्या में बातचीत ने पुलिस को इस रिश्ते की गहराई तक पहुंचने में मदद की।
पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन भी चांदनी अपने पति की लोकेशन पर नजर रख रही थी और बच्चा लाल के संपर्क में थी। यही कड़ी जांच में सबसे अहम साबित हुई।
रॉन्ग कॉल से शुरू हुई थी जान-पहचान
पुलिस अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, चांदनी और बच्चा लाल की पहचान फरवरी 2025 के आसपास हुई थी। बताया गया कि बच्चा लाल की एक रॉन्ग कॉल चांदनी के फोन पर आई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे सोशल मीडिया तथा फोन के जरिए उनकी नजदीकियां बढ़ती गईं।
बाद में बच्चा लाल की प्रदीप से भी पहचान हो गई थी। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि वह प्रदीप के साथ बैठकर शराब भी पीता था। इस तरह वह परिवार और प्रदीप दोनों के करीब पहुंच गया था। यही पहचान बाद में हत्या की साजिश को अंजाम देने में उसके लिए मददगार बनी।
कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि चांदनी ने बच्चा लाल को अपने परिचित के रिश्तेदार के रूप में परिवार से मिलवाया था। दोनों की नजदीकियां बढ़ने के बाद कथित तौर पर प्रदीप को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई।
दिल्ली में भी साथ रहने की बात सामने आई
पुलिस जांच से जुड़े मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जुलाई 2025 में चांदनी की ननद की शादी के दौरान बच्चा लाल उसके घर आया था। बाद में चांदनी उसके साथ दिल्ली चली गई थी। परिवार को उसने अलग वजह बताई थी। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों ने दिल्ली में कुछ समय साथ बिताया था।
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान प्रदीप को हटाने की योजना पर बातचीत हुई। हालांकि इस मामले में सामने आए कई विवरण पुलिस पूछताछ और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
हत्या के लिए हथियार खरीदने के आरोप
पुलिस के मुताबिक, चांदनी ने बच्चा लाल को हथियार खरीदने के लिए करीब 8 हजार रुपये दिए थे। इसके बाद बच्चा लाल ने बांदा से कथित तौर पर तमंचा खरीदा और वारदात के लिए लखनऊ आया।
पुलिस ने जांच के दौरान कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल तमंचा, एक जिंदा कारतूस और प्रदीप की बाइक बरामद करने की बात कही। चांदनी के पास से प्रदीप का मोबाइल मिलने की बात भी रिपोर्टों में सामने आई है।
25 अक्टूबर को ऐसे अंजाम दी गई वारदात
पुलिस के मुताबिक, 25 अक्टूबर को बच्चा लाल लखनऊ पहुंचा और इटौंजा इलाके के एक होटल में रुका। दूसरी तरफ चांदनी अपने पति की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
प्रदीप के रोजाना शराब पीने की आदत की जानकारी दोनों को थी। पुलिस के अनुसार, इसी का फायदा उठाकर बच्चा लाल ने प्रदीप को शराब पीने के लिए बुलाया। पहले दोनों ने साथ में शराब पी और फिर उसे किसान पथ की तरफ ले जाया गया।
पुलिस का दावा है कि प्रदीप के नशे में होने के बाद बच्चा लाल ने उस पर गोली चला दी। इसके बाद वह प्रदीप की बाइक लेकर वहां से फरार हो गया। प्रदीप की मौत हो गई और उसका शव सड़क किनारे मिला।
पत्नी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की?
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद चांदनी ने ही मामले की सूचना दी थी। शुरुआती स्तर पर उसने जांच को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश की। रिपोर्टों में बताया गया कि उसने प्रदीप के काम से जुड़े लोगों के साथ विवाद की बात पुलिस के सामने रखी थी।
लेकिन पुलिस ने केवल बयान पर भरोसा करने के बजाय तकनीकी जांच शुरू की। कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की गई। इसी दौरान चांदनी और बच्चा लाल के बीच लगातार संपर्क का पता चला।
घटना के समय बच्चा लाल और प्रदीप की लोकेशन भी एक-दूसरे के आसपास मिली। इसके बाद पुलिस ने दोनों से पूछताछ की और जांच में दोनों को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने 28 अक्टूबर 2025 के आसपास दोनों की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी।
वायरल चैट को लेकर क्या है सच्चाई?
सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें और कथित व्हाट्सऐप चैट तेजी से वायरल हुईं। इनमें पति को रास्ते से हटाने की कथित बातचीत दिखाई गई है। हालांकि, उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में इस खास वायरल स्क्रीनशॉट को पुलिस द्वारा आधिकारिक रूप से जारी किया गया सबूत नहीं बताया गया है।
इसलिए खबर में इसे “पुलिस द्वारा बरामद और प्रमाणित व्हाट्सऐप चैट” कहना सही नहीं होगा। हत्या की साजिश के संबंध में पुलिस के पास कॉल डिटेल, लोकेशन, सीसीटीवी और कथित हथियार बरामदगी जैसे साक्ष्यों की बात सामने आई है।
अभी तक की पूरी स्थिति
इस मामले में पुलिस ने प्रदीप की पत्नी चांदनी और उसके कथित प्रेमी बच्चा लाल को गिरफ्तार किया था। दोनों के खिलाफ हत्या और साजिश से जुड़े आरोपों में कार्रवाई की गई। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए कथित हथियार और प्रदीप की बाइक बरामद करने की बात कही थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही थी कि इस वारदात में इनके अलावा कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं
उपलब्ध ताजा ऑनलाइन रिकॉर्ड में इस मामले के बाद किसी अंतिम न्यायिक फैसले या दोषसिद्धि की विश्वसनीय नई जानकारी नहीं मिली है। इसलिए आरोपियों को दोषी ठहराया हुआ बताना उचित नहीं होगा। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मामला पुलिस की कार्रवाई और आरोपों के स्तर पर ही रिपोर्ट किया जाना चाहिए।
यह पूरी कहानी एक बार फिर बताती है कि किसी हत्या की गुत्थी सुलझाने में सिर्फ मौके के सबूत ही नहीं, बल्कि मोबाइल कॉल, लोकेशन और डिजिटल रिकॉर्ड भी कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं। प्रदीप हत्याकांड में भी यही तकनीकी जांच पुलिस को उस कथित साजिश तक ले गई, जिसके बाद पत्नी और उसके कथित प्रेमी की गिरफ्तारी हुई।
The Lucknow Husband Murder Case involving Pradeep Gautam, his wife Chandni Gautam, and her alleged lover Bachcha Lal shocked Uttar Pradesh. According to police, call records, mobile location tracking and CCTV footage helped investigators uncover the alleged murder conspiracy. The Pradeep Gautam murder case took place in the BKT area of Lucknow on October 25, 2025, after which police arrested Chandni and Bachcha Lal. The investigation reportedly revealed frequent communication between the accused before the incident and the alleged use of a firearm in the crime. The case remains an important Lucknow Crime News story involving a suspected relationship-driven murder conspiracy.



















