AIN NEWS 1: लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार में सैलून मैनेजर रत्ना सिंह की आत्महत्या का मामला अब पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुका है। 31 वर्षीय रत्ना सिंह की मौत के बाद परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा था। मामला तब और गंभीर हो गया जब मृतका के परिवार ने पुलिस पर लापरवाही और आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद प्रशासन अचानक एक्शन मोड में आ गया और अब आरोपियों के खिलाफ लगातार बड़ी कार्रवाई की जा रही है।
शनिवार को मुख्य आरोपी कारोबारी शरद सिंह से जुड़े निर्माणाधीन अपार्टमेंट पर बुलडोजर चलाया गया। अधिकारियों ने दावा किया कि इमारत में अवैध निर्माण किया गया था, जिसे ध्वस्त कर दिया गया। इससे पहले प्रशासन शरद सिंह के होटल, सैलून और उसकी तीन लग्जरी गाड़ियों को भी सीज कर चुका है।
आत्महत्या से पहले बनाया था वीडियो
गोरखपुर निवासी रत्ना सिंह लखनऊ में विरासत कंपनी में काम करती थीं। बताया जा रहा है कि 12 मई को उन्होंने गोमतीनगर विस्तार स्थित शालीमार विस्टा अपार्टमेंट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें कारोबारी शरद सिंह, उसकी पत्नी पल्लवी सिंह, मंगल यादव, वैशाली और प्रशांत शर्मा समेत कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे।
रत्ना ने वीडियो में दावा किया था कि उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार का आरोप है कि कंपनी में कई अवैध गतिविधियां चल रही थीं, जिनकी जानकारी रत्ना को थी। जब उन्होंने इन गतिविधियों में साथ देने से इनकार किया, तो उन्हें दबाव और यातना का सामना करना पड़ा।
पिता ने दर्ज कराई FIR
रत्ना के पिता सुधीर सिंह ने गोमतीनगर विस्तार थाने में पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को योजनाबद्ध तरीके से परेशान किया जा रहा था। यहां तक कि कई बार उसे सड़क दुर्घटना में मारने की कोशिश भी की गई।
हालांकि परिवार का कहना है कि FIR दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने शुरुआती दौर में गंभीरता नहीं दिखाई। 24 घंटे के भीतर केवल एक आरोपी मंगल यादव की गिरफ्तारी हुई, जबकि बाकी आरोपी फरार हो गए।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप
मृतका के पिता सुधीर सिंह ने एक वीडियो जारी कर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आरोपी शरद सिंह अपने रसूख का इस्तेमाल कर कार्रवाई से बच रहा है। परिवार ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय रहते सख्ती दिखाती, तो मुख्य आरोपी फरार नहीं हो पाते।
सुधीर सिंह ने बताया कि उनकी बेटी बेहद साहसी थी, लेकिन लंबे समय से हो रही प्रताड़ना के कारण मानसिक रूप से टूट चुकी थी। उन्होंने कहा कि रत्ना परिवार को ज्यादा परेशान नहीं करना चाहती थी, इसलिए उसने अपनी तकलीफें खुलकर साझा नहीं कीं।
मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात के बाद बदला माहौल
15 मई को पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। परिवार ने मुख्यमंत्री को पूरे मामले की जानकारी दी और आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ नरमी बरत रही है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया और उनकी गिरफ्तारी के लिए छह विशेष टीमें गठित कीं। लखनऊ समेत कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है।
होटल, सैलून और गाड़ियां सीज
मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद सबसे पहले शरद सिंह के विरासत होटल, सैलून और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील किया गया। इसके बाद पुलिस ने उसकी स्विफ्ट, स्कॉर्पियो और वोल्वो कार को भी जब्त कर लिया।
पुलिस और प्रशासन ने आरोपी की संपत्तियों की जांच शुरू की। जांच के दौरान शहीद पथ के पास निर्माणाधीन अपार्टमेंट में अवैध निर्माण मिलने का दावा किया गया। इसके बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर कार्रवाई की।
एलडीए कर रहा दस्तावेजों की जांच
सूत्रों के मुताबिक, एलडीए अब शरद सिंह से जुड़े अन्य निर्माण कार्यों और दस्तावेजों की भी जांच कर रहा है। यदि जांच में और गड़बड़ियां सामने आती हैं, तो प्रशासन अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई कर सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में केवल आत्महत्या के लिए उकसाने की जांच नहीं हो रही, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और संपत्ति से जुड़े पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
परिवार ने धारा बढ़ाने की मांग की
रत्ना के पिता ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में मांग की कि मामले में और गंभीर धाराएं जोड़ी जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया गया और आरोपियों ने उसे मानसिक रूप से इतना कमजोर कर दिया कि उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।
परिवार का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ मामले की निष्पक्ष जांच भी बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी अन्य लड़की को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
पुलिस का क्या कहना है?
डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। सर्विलांस टीमों को भी लगाया गया है और कई ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना मामला
रत्ना सिंह सुसाइड केस अब सिर्फ एक आत्महत्या का मामला नहीं रह गया है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस घटना की चर्चा हो रही है। महिला सुरक्षा, पुलिस की कार्यशैली और रसूखदार लोगों के प्रभाव को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल परिवार को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद उन्हें न्याय मिलेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
The Ratna Singh suicide case in Lucknow has gained massive attention across Uttar Pradesh after Chief Minister Yogi Adityanath ordered strict action against the accused businessman Sharad Singh. Following allegations of mental harassment and pressure, police sealed the Virasat Hotel, salon and seized luxury vehicles linked to the accused. Authorities also demolished illegal construction connected to Sharad Singh in Gomti Nagar Extension. The case has sparked debates over women’s safety, police response and influential businessmen in Uttar Pradesh.


















